डही में आज निकलेगी नशा मुक्ति की विशाल मैराथन, “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत युवाओं को दिया जाएगा जागरूकता का संदेश
रिपोर्ट: नरेंद्र सिरवी
लोकेशन: डही, जिला धार (मध्यप्रदेश)
डही में नशा मुक्ति के लिए जन-जागरूकता की अनूठी पहल
मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेशभर में संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत धार जिले के डही नगर में बुधवार, 29 जुलाई 2026 को एक विशाल नशा मुक्ति मैराथन दौड़ का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
यह मैराथन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समाज को नशे के खिलाफ एकजुट करने और जन-जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। प्रशासन और पुलिस विभाग का मानना है कि जब समाज के सभी वर्ग एक मंच पर आकर नशा मुक्ति का संदेश देंगे, तब इस अभियान का प्रभाव और अधिक व्यापक होगा।
सुबह 8 बजे पुलिस थाना डही से होगा शुभारंभ
आयोजकों के अनुसार मैराथन दौड़ का शुभारंभ प्रातः 8:00 बजे पुलिस थाना डही से किया जाएगा। इस अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, विद्यार्थी, शिक्षक, स्वयंसेवी संस्थाएं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहेंगे।
मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा, जिसके बाद प्रतिभागी नगर के प्रमुख मार्गों से होकर दौड़ेंगे और अंत में पुनः पुलिस थाना परिसर में पहुंचकर कार्यक्रम का समापन होगा।
यह रहेगा मैराथन का पूरा रूट
मैराथन दौड़ के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग इस प्रकार रहेगा—
- पुलिस थाना डही से प्रारंभ
- नया बस स्टैंड
- अराड़ा रोड बायपास
- टंट्या मामा चौराहा
- छेंडिया फाटा
- पुराना बस स्टैंड
- पुनः पुलिस थाना डही में समापन
इस पूरे मार्ग पर प्रतिभागी नशा मुक्ति के संदेश के साथ दौड़ लगाएंगे। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर नागरिकों को भी अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
युवाओं को नशे से दूर रखने का उद्देश्य
आज के समय में युवाओं के बीच नशे की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। शराब, तंबाकू, गुटखा, नशीली दवाइयों और अन्य मादक पदार्थों का सेवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि उसके परिवार, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
इसी चुनौती से निपटने के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है, जब युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, रोजगार और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ें।
डही में आयोजित होने वाली यह मैराथन इसी सोच को मजबूत करने का प्रयास है।
थाना प्रभारी ने नागरिकों से की सहभागिता की अपील

थाना प्रभारी श्री दिलीप कुमार तड़ेवाला ने क्षेत्र के सभी नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और व्यापारियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस मैराथन में भाग लें।
उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। यदि समाज का प्रत्येक नागरिक नशा मुक्ति के लिए आगे आए तो इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों से समय पर पहुंचने तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने का भी आग्रह किया।
विद्यार्थियों और युवाओं की रहेगी विशेष भागीदारी
मैराथन दौड़ में स्थानीय विद्यालयों, महाविद्यालयों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों की विशेष भागीदारी रहने की संभावना है। इसके अलावा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), नेहरू युवा केंद्र, खेल संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा सामाजिक संगठनों के सदस्य भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
युवाओं की सहभागिता इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाएगी। खेल और स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियां युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करती हैं तथा उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने की प्रेरणा देती हैं।
स्वास्थ्य और फिटनेस का भी मिलेगा संदेश
मैराथन का उद्देश्य केवल नशा मुक्ति का संदेश देना ही नहीं, बल्कि लोगों को नियमित व्यायाम, दौड़, योग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जो युवा खेल और शारीरिक गतिविधियों से जुड़े रहते हैं, उनमें नशे की प्रवृत्ति अपेक्षाकृत कम देखने को मिलती है। इसी कारण शासन द्वारा विभिन्न जन-जागरूकता अभियानों में खेल गतिविधियों को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
पूरे प्रदेश में चल रहा है “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें—
- जन-जागरूकता रैलियां
- मैराथन दौड़
- शपथ ग्रहण कार्यक्रम
- नुक्कड़ नाटक
- विद्यालय एवं महाविद्यालयों में संगोष्ठियां
- जागरूकता रथ
- पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिताएं
- सामाजिक संवाद कार्यक्रम
जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक यह संदेश पहुंचाना है कि नशा व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर सकता है, जबकि स्वस्थ जीवन ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।
समाज की सहभागिता से ही मिलेगा सकारात्मक परिणाम
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कानून बनाकर नशे की समस्या को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज, परिवार, शिक्षकों, प्रशासन, पुलिस और युवाओं को मिलकर काम करना होगा।
यदि माता-पिता बच्चों के व्यवहार पर ध्यान दें, शिक्षक विद्यालयों में जागरूकता बढ़ाएं, सामाजिक संगठन अभियान चलाएं और प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करे तो नशे की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
डही में आयोजित यह मैराथन इसी सामूहिक प्रयास का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।
नागरिकों से समय पर पहुंचने की अपील
आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों से अनुरोध किया है कि वे बुधवार, 29 जुलाई 2026 को प्रातः 8:00 बजे निर्धारित समय से पहले पुलिस थाना डही पहुंचें, ताकि मैराथन का शुभारंभ समय पर किया जा सके।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी नागरिकों से अनुशासन बनाए रखने, यातायात नियमों का पालन करने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेने की भी अपील की गई है।
नशा मुक्त समाज की दिशा में एक मजबूत कदम
डही में आयोजित होने वाली यह विशाल मैराथन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का प्रतीक है। जब युवा, विद्यार्थी, महिलाएं, बुजुर्ग, पुलिस प्रशासन और आम नागरिक एक साथ नशा मुक्ति का संदेश लेकर सड़कों पर उतरेंगे, तो यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक मजबूत पहल साबित होगी।
मध्यप्रदेश शासन के “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और नशा मुक्त जीवन ही विकसित समाज और विकसित भारत की मजबूत नींव है। डही की यह मैराथन निश्चित रूप से युवाओं को नई ऊर्जा, नई सोच और सकारात्मक जीवन की प्रेरणा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
