MP Cabinet Decisions: मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले, किसानों को तीन साल तक बोनस और पुलिस विभाग में 18 हजार पदों को मंजूरी
सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर
भोपाल। मध्यप्रदेश कैबिनेट की मंगलवार, 28 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मंत्रालय में हुई इस बैठक में प्रदेश के किसानों, युवाओं, पुलिस विभाग, खेल और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
बैठक के बाद लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। समर्थन मूल्य पर उपज बेचने वाले किसानों के लिए बोनस भुगतान योजना को अगले तीन वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
किसानों को तीन साल तक मिलेगा समर्थन मूल्य बोनस
कैबिनेट ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की समर्थन मूल्य बोनस भुगतान योजना को जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके तहत किसानों को उनकी उपज पर मिलने वाला बोनस अगले तीन वर्षों तक जारी रहेगा।
सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। समर्थन मूल्य व्यवस्था के तहत किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य दिलाने के उद्देश्य से यह योजना लगातार संचालित की जा रही है।
हर शुक्रवार चलेगा जन विश्वास अभियान, जमीन पर नजर आएगी सरकार
कैबिनेट बैठक में प्रशासन को जनता के करीब पहुंचाने के लिए जन विश्वास अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है। यह अभियान हर शुक्रवार को संचालित किया जाएगा।
मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि इस अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्टर भी मौजूद रहेंगे। इसमें सीएम हेल्पलाइन, जल जीवन मिशन सहित आम जनता से जुड़े जरूरी कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग की जाएगी और जहां भी लापरवाही या गड़बड़ी सामने आएगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार सीधे जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान करेगी।
पुलिस विभाग में दो साल में 18 हजार पद मंजूर
मध्यप्रदेश पुलिस विभाग को लेकर भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। बैठक में पुलिस विभाग में विभिन्न श्रेणियों के कुल 9662 पदों को मंजूरी दी गई है।
मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष भी पुलिस विभाग में 8500 पद स्वीकृत किए गए थे। इस तरह पिछले दो वर्षों में पुलिस विभाग के लिए लगभग 18 हजार पदों को मंजूरी दी जा चुकी है।
इसके अलावा पुलिस विभाग में 25 हजार से अधिक कर्मचारियों की पदोन्नति भी की गई है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में कानून व्यवस्था को और मजबूत करना है।
भोपाल में पहली बार होगी एशियन महिला हॉकी चैंपियनशिप
खेल क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भी कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। भोपाल को पहली बार एशियन महिला हॉकी चैंपियनशिप की मेजबानी मिली है।
यह प्रतियोगिता अक्टूबर-नवंबर में आयोजित की जाएगी। इसमें एशिया की छह प्रमुख टीमें हिस्सा लेंगी।
प्रतियोगिता में भारत के अलावा चीन, जापान, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड की टीमें शामिल होंगी। इस आयोजन में करीब 200 खिलाड़ी भाग लेंगे।
महिला हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन भोपाल स्थित नाथूबर खेड़ा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में किया जाएगा। इससे प्रदेश में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
दो बड़ी कंपनियों के निवेश से हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
कैबिनेट बैठक में औद्योगिक निवेश और रोजगार को लेकर भी अहम जानकारी दी गई।
मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि श्याम शरण पावर कंपनी मध्यप्रदेश में करीब 1000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस परियोजना से 1000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
वहीं पारस डिफेंस एंड टेक्नोलॉजी प्रदेश में सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट स्थापित करेगी। इस परियोजना में करीब 6200 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इससे लगभग 2500 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
सरकार का कहना है कि इन निवेश परियोजनाओं से प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
कैबिनेट बैठक की शुरुआत वंदे मातरम् गीत से हुई
मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक की शुरुआत वंदे मातरम् गीत के साथ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित सभी मंत्रियों ने बैठक में भाग लिया।
बैठक में प्रदेश के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई विषयों पर चर्चा की गई।
सरकार का फोकस किसान, युवा और सुशासन पर
मध्यप्रदेश कैबिनेट के फैसलों से साफ है कि सरकार का फोकस किसानों को आर्थिक सहायता देने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, पुलिस व्यवस्था मजबूत करने और प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने पर है।
जन विश्वास अभियान के जरिए सरकार योजनाओं की जमीनी स्थिति की निगरानी करेगी, वहीं नए निवेश प्रस्तावों से रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी।
