“कोई भी भटके नहीं” : नवागत तहसीलदार पंकज पवैया ने जनसुनवाई में सुनी फरियादियों की समस्याएं
पहली ही जनसुनवाई में दिखा संवेदनशील रवैया, अधिकारियों को समय सीमा में निराकरण के दिए निर्देश
जावरा (पवन धाकड़)। जावरा तहसील कार्यालय में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई नवागत तहसीलदार पंकज पवैया के संवेदनशील और जनहितैषी रवैये की गवाह बनी। पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली जनसुनवाई में तहसीलदार पंकज पवैया ने दूर-दराज से आए ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाएगा।
जनसुनवाई के दौरान तहसीलदार की सहजता और संवाद शैली ने फरियादियों का ध्यान आकर्षित किया। कुर्सी पर बैठते ही उन्होंने एक बुजुर्ग फरियादी से कहा, “दादा, क्या दिक्कत है? आराम से बताओ।” उनके इस व्यवहार से ग्रामीणों में विश्वास का माहौल बना और लोगों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं।
हर फरियादी को दिया पूरा समय
जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। किसी के हाथ में जमीन से जुड़े दस्तावेज थे तो कोई वर्षों पुरानी फाइल लेकर अपनी समस्या बताने आया था।
तहसीलदार पंकज पवैया ने प्रत्येक फरियादी की बात ध्यानपूर्वक सुनी। उन्होंने किसी को बीच में नहीं टोका और पूरी जानकारी लेने के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
ग्रामीणों का कहना था कि पहली बार ऐसा महसूस हुआ कि अधिकारी उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन रहे हैं और समाधान के लिए प्रयासरत हैं।
“समय पर न्याय देना हमारी प्राथमिकता”
फरियादियों की समस्याएं सुनने के बाद तहसीलदार पंकज पवैया ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुसार पात्र लोगों को समय पर राहत मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। जो समस्याएं स्थानीय स्तर पर हल हो सकती हैं, उनका समाधान तत्काल किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लंबित मामलों में समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और आवश्यक होने पर मौके पर जाकर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
तहसीलदार ने निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों में गंभीरता बरती जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी को जवाब देना होगा।
राजस्व मामलों की शिकायतें सबसे अधिक
जनसुनवाई में सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। ग्रामीणों ने नामांतरण लंबित होने, सीमांकन नहीं होने, जमीन बंटवारे के विवाद, अतिक्रमण और अन्य भूमि संबंधी समस्याओं को लेकर आवेदन दिए।
इसके अलावा खसरा-खतौनी में नाम सुधार, ऋण पुस्तिका, पट्टा वितरण, राशन कार्ड, बिजली बिल और अन्य विभागों से जुड़ी समस्याएं भी ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने रखीं।
तहसीलदार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों की जांच कर जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।
बुजुर्गों के मामलों में मौके पर हुई कार्रवाई
जनसुनवाई के दौरान कई बुजुर्ग ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। तहसीलदार पंकज पवैया ने उनके मामलों को प्राथमिकता से सुना और कुछ प्रकरणों में मौके पर ही फाइल बुलाकर आवश्यक कार्रवाई की।
इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बुजुर्ग और जरूरतमंद लोगों के मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरती जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
सभी विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
जनसुनवाई में तहसील विभाग, नायब तहसीलदार, पटवारी, खाद्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर ही कई समस्याओं पर चर्चा की गई और संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
फरियादियों में दिखा संतोष
जनसुनवाई में प्रशासनिक अधिकारियों के सक्रिय रवैये से ग्रामीणों में संतोष देखने को मिला। लोगों ने कहा कि यदि इसी तरह नियमित रूप से समस्याओं की सुनवाई और समाधान किया जाता रहा तो आम लोगों को काफी राहत मिलेगी।
नवागत तहसीलदार पंकज पवैया की पहली जनसुनवाई से यह संदेश गया कि प्रशासन जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझने और समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रशासन का उद्देश्य : लोगों को राहत और त्वरित समाधान
तहसीलदार पंकज पवैया ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं बल्कि लोगों की समस्याओं का वास्तविक समाधान करना है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे और आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जावरा तहसील कार्यालय में हुई यह पहली जनसुनवाई नवागत तहसीलदार के कार्य करने के तरीके और जनता के प्रति उनकी प्राथमिकताओं को दर्शाती नजर आई।
