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‘माता-पिता चाहते हैं अमेरिका लौट जाए अभिजीत’, शिवसेना मंत्री संजय शिरसाट ने CJP संस्थापक के परिवार से की मुलाकात

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Published On: 28 July 2026
CJP
— अभिजीत अमेरिका लौट जाएं’, CJP संस्थापक के परिवार से मिले मंत्री संजय शिरसाट

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‘माता-पिता चाहते हैं अमेरिका लौट जाए अभिजीत’, शिवसेना मंत्री संजय शिरसाट ने CJP संस्थापक के परिवार से की मुलाकात

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के माता-पिता से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अभिजीत दीपके के आंदोलन, उनके परिवार की सोच और भविष्य को लेकर बातचीत की। शिरसाट ने कहा कि अभिजीत के माता-पिता आज भी चाहते हैं कि वह अमेरिका लौट जाएं, अपनी पढ़ाई पूरी करें और वहां मिले नौकरी के अवसर को स्वीकार कर अपना करियर बनाएं।

संजय शिरसाट ने स्पष्ट किया कि इस मुलाकात को किसी राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीपके परिवार का राजनीति से कोई संबंध नहीं है और अभिजीत का अमेरिका छोड़कर भारत में छात्रों के मुद्दों को लेकर आंदोलन से जुड़ना उनका व्यक्तिगत निर्णय था।

परिवार चाहता है अभिजीत अमेरिका लौटें

संजय शिरसाट ने बताया कि अभिजीत दीपके के परिवार की इच्छा है कि वह वापस अमेरिका जाएं और वहां अपने करियर पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि अभिजीत ने अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में उच्च शिक्षा हासिल की है और उन्हें वहां नौकरी का अवसर भी मिला था।

शिरसाट के अनुसार, अभिजीत के माता-पिता चाहते हैं कि वह अपनी पढ़ाई और करियर को आगे बढ़ाएं। परिवार की इच्छा है कि वह अमेरिका में मिले अवसरों का लाभ उठाएं और अपना भविष्य सुरक्षित करें।

उन्होंने कहा कि अभिजीत, उनकी बहन और परिवार के साथ उनके पुराने संबंध हैं। यह मुलाकात केवल पारिवारिक और सौहार्दपूर्ण बातचीत के उद्देश्य से हुई थी।

अभिजीत का फैसला व्यक्तिगत था

शिवसेना नेता ने कहा कि अभिजीत दीपके ने अमेरिका में अच्छे करियर के अवसर होने के बावजूद भारत लौटकर छात्रों से जुड़े मुद्दों पर काम करने का निर्णय लिया। उन्होंने इसे अभिजीत का व्यक्तिगत फैसला बताया।

उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन और करियर से जुड़े फैसले लेने का अधिकार है। अभिजीत ने विदेश में नौकरी और व्यक्तिगत सफलता के बजाय शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाने का रास्ता चुना।

छात्र आंदोलन से मिली राष्ट्रीय पहचान

अभिजीत दीपके उस समय चर्चा में आए जब उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े आंदोलन ने करीब 36 दिनों तक देशभर में ध्यान आकर्षित किया।

इस आंदोलन में छात्रों की समस्याओं, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। आंदोलन के बाद अभिजीत दीपके राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में सफल रहे।

संजय शिरसाट ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि युवाओं की आवाज को सामने लाने का प्रयास था। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनाने में इस आंदोलन की भूमिका रही।

संजय राउत के बयान पर भी प्रतिक्रिया

मुलाकात के दौरान संजय शिरसाट ने शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने अगले शिक्षा मंत्री को लेकर टिप्पणी की थी।

शिरसाट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी भी मंत्री या पद पर नियुक्ति का फैसला लेने से पहले संजय राउत से सलाह नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि मंत्रियों की नियुक्ति का फैसला प्रधानमंत्री का अधिकार है।

उन्होंने संजय राउत पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अक्सर इस तरह के बयान देते रहते हैं और कई बार निराश नजर आते हैं।

अभिजीत ने छोड़ा विदेश का करियर विकल्प

अभिजीत दीपके की कहानी इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि उन्होंने अमेरिका में मिले करियर अवसर को छोड़कर भारत में छात्रों के मुद्दों पर काम करने का रास्ता चुना।

जानकारी के अनुसार, अभिजीत ने अमेरिका में उच्च शिक्षा हासिल की और उन्हें वहां नौकरी का अवसर मिला था। इसके बावजूद उन्होंने भारत लौटकर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाने का फैसला किया।

संजय शिरसाट ने कहा कि परिवार चाहता था कि अभिजीत अमेरिका में रहकर अपना भविष्य बनाएं, लेकिन उन्होंने समाज और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी।

परिवार और राजनीति से अलग रखा मामला

शिरसाट ने यह भी कहा कि दीपके परिवार का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवार केवल अभिजीत के बेहतर भविष्य की चिंता करता है और चाहता है कि वह अपने करियर को मजबूत बनाए।

उन्होंने इस मुलाकात को राजनीतिक रंग देने से बचने की अपील की और कहा कि यह केवल एक पारिवारिक संबंधों के आधार पर हुई बातचीत थी।

अभिजीत दीपके फिलहाल छात्रों से जुड़े मुद्दों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सक्रिय हैं। उनके आंदोलन ने उन्हें युवाओं के बीच एक अलग पहचान दिलाई है, वहीं उनका परिवार अब भी चाहता है कि वह विदेश लौटकर अपने करियर को आगे बढ़ाएं।

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