नागदा आवारा पशु अभियान के तहत नगर पालिका परिषद लगातार विशेष कार्रवाई कर रही है। नपाध्यक्ष श्रीमती संतोष ओ.पी. गेहलोत ने पशुपालकों से अपील की कि पशुओं को खुले में न छोड़ें। जानिए अभियान की पूरी जानकारी, जनप्रतिनिधियों की अपील और कार्रवाई।
नागदा आवारा पशु अभियान: शहर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की बड़ी पहल
नागदा आवारा पशु अभियान: शहर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की बड़ी पहल
नागदा आवारा पशु अभियान के अंतर्गत नगर पालिका परिषद नागदा द्वारा शहर में आवारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना तथा आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
नगर पालिका की अतिक्रमण शाखा द्वारा प्रतिदिन शहर की मुख्य सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़कर निर्धारित स्थान पर रखा जा रहा है।
नगर पालिका का विशेष अभियान लगातार जारी
नगर पालिका परिषद नागदा ने स्पष्ट किया है कि शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए यह अभियान प्रारंभ किया गया है।अतिक्रमण दल सुबह से शाम तक विभिन्न वार्डों एवं मुख्य मार्गों पर कार्रवाई कर रहा है।इस दौरान खुले में घूम रहे पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर रखा जा रहा है।नगर पालिका का कहना है कि यह कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं बल्कि जनहित में की जा रही है।
नपाध्यक्ष श्रीमती संतोष ओ.पी. गेहलोत की अपील
नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती संतोष ओ.पी. गेहलोत ने सभी पशुपालकों से आग्रह किया कि वे अपने पशुओं को खुले में न छोड़ें।उन्होंने कहा कि—
- पशुओं को अपने बाड़े में रखें।
- सार्वजनिक सड़क पर पशु छोड़ना नियमों का उल्लंघन है।
- शहर की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।
- यातायात व्यवस्था सुधारने में नगर पालिका का साथ दें।
उन्होंने कहा कि नागदा को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित शहर बनाने के लिए नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
नगर पालिका परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पशुपालक अपने पशुओं को सड़क पर छोड़ता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।नगर पालिका प्रशासन का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सड़क दुर्घटनाओं में आएगी कमी
विशेषज्ञों के अनुसार शहरों में आवारा पशुओं के कारण—
- सड़क दुर्घटनाएं बढ़ती हैं।
- ट्रैफिक जाम लगता है।
- पैदल यात्रियों को परेशानी होती है।
- दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
नगर पालिका का यह अभियान इन समस्याओं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अभियान में शामिल रहे जनप्रतिनिधि
इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधियों ने भी नागरिकों से सहयोग करने की अपील की।इनमें प्रमुख रूप से—
- सांसद प्रतिनिधि एवं अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री ओ.पी. गेहलोत
- नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री सुभाषचंद शर्मा
- सभापति श्रीमती भावना सुभाष रावल
- श्रीमती बबिता रघुवंशी
- श्री गौरव यादव
- श्रीमती रामकुँवर विजयसिंह सिसोदिया
- श्रीमती देवकुँवर पटेल
- श्री प्रकाश जैन
- श्रीमती कौशल्या रघुनाथ सिंह ठाकुर
- नगर पालिका परिषद के समस्त पार्षद एवं परिषद सदस्य
सभी ने नागरिकों एवं पशुपालकों से अभियान में सहयोग की अपील की।
नागरिकों से विशेष अपील
नगर पालिका ने कहा कि—
- पशुओं को सड़क पर न छोड़ें।
- नगर पालिका के अभियान में सहयोग करें।
- शहर को स्वच्छ बनाए रखने में भागीदारी निभाएं।
- ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में सहयोग दें।
- नियमों का पालन करें।
निष्कर्ष
नागदा आवारा पशु अभियान केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि शहर को सुरक्षित, स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।यदि नागरिक और पशुपालक सहयोग करेंगे तो सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और नागदा एक आदर्श शहर के रूप में विकसित होगा।

