वीर तोलजी जुजार मामाजी तेरस मेला 2026 खाण्डादेवल में श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। 48 गांवों के हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भजन संध्या, महाप्रसादी और संतों के सानिध्य में आयोजित इस ऐतिहासिक मेले की पूरी खबर पढ़ें।
वीर तोलजी जुजार मामाजी तेरस मेला: भव्य धार्मिक आयोजन में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
रिपोर्ट : मुकेश सोलंकी | भीनमाल
वीर तोलजी जुजार मामाजी तेरस मेला राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल क्षेत्र के निकटवर्ती ग्राम खाण्डादेवल की पावन गोचर भूमि पर स्थित वीर तोलजी जुजार मामाजी मंदिर में अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्तिमय वातावरण के बीच संपन्न हुआ। इस वर्ष आयोजित मेले में आसपास के 48 गांवों से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक आस्था का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।
पूरा मंदिर परिसर दिनभर “मामाजी के जयकारों” से गूंजता रहा और श्रद्धालुओं ने दर्शन कर परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
130 वर्ष पूर्व गौ रक्षा के लिए दिया था सर्वोच्च बलिदान
मामाजी के परम भक्त सुरेश राजपुरोहित ने बताया कि वीर तोलजी जुजार मामाजी ने लगभग 130 वर्ष पूर्व गौ माता की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया था।उनकी अमर शहादत की स्मृति में प्रत्येक वर्ष आषाढ़ शुक्ल पक्ष की तेरस को विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन आज केवल धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है।
भजन संध्या में भक्तिरस की अविरल गंगा
तेरस मेले की पूर्व संध्या पर विशाल भजन संध्या का आयोजन हुआ।प्रसिद्ध भजन कलाकारों ने देर रात तक एक से बढ़कर एक भक्ति गीत प्रस्तुत किए। श्रद्धालु पूरी रात भक्ति संगीत पर झूमते रहे।पूरा मंदिर परिसर दीपों की रोशनी और भक्ति के रंग में सराबोर दिखाई दिया।
हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण की सामूहिक महाप्रसादी
मेले के अवसर पर केशरसिंह मालसिंह राजपूत परिवार (सुराणा) द्वारा विशाल सामूहिक महाप्रसादी का आयोजन किया गया।हजारों श्रद्धालु पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण करते नजर आए। ग्रामीणों ने इसे सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का श्रेष्ठ उदाहरण बताया।
48 गांवों की रही ऐतिहासिक भागीदारी
इस वर्ष के वीर तोलजी जुजार मामाजी तेरस मेला में खाण्डादेवल सहित आसपास के 48 गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों एवं बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया।
संतों का मिला आशीर्वाद
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं को तीर्थानंद महाराज का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ।महाराज ने धर्म, सेवा, गौ संरक्षण और भारतीय संस्कृति के महत्व पर अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग
इस अवसर पर अनेक गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।इनमें प्रमुख रूप से—
- तीर्थानंद महाराज
- सुरेश राजपुरोहित
- केशरसिंह
- महेंद्रसिंह
- पाताराम पुरोहित
- जैसाराम
- कृष्ण कुमार
- जवाराराम
- भमराराम
- हंजुराम पुरोहित
- राजुराम पुरोहित
- सुरेश कुमार पुरोहित
- केशरसिंह मालसिंह राजपूत परिवार (सुराणा)
- क्षेत्र के अनेक सामाजिक कार्यकर्ता
- 48 गांवों के हजारों श्रद्धालु
सभी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक
वीर तोलजी जुजार मामाजी तेरस मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, गौ सेवा, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है।हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर अपने परिवार की खुशहाली, समाज की उन्नति और गौ माता की रक्षा का संकल्प लेते हैं।
निष्कर्ष
खाण्डादेवल में आयोजित वीर तोलजी जुजार मामाजी तेरस मेला एक बार फिर श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण बनकर सामने आया। भजन संध्या, विशाल महाप्रसादी, संतों का सानिध्य और हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

