भीनमाल ट्रिपलेट सामान्य प्रसव में चौधरी भूपेंद्र हॉस्पिटल ने बड़ी सफलता हासिल की। जालोर की प्रसूता नारंगी देवी ने सामान्य प्रसव से दो बेटों और एक बेटी को जन्म दिया। डॉ. भूपेंद्र चौधरी, डॉ. मेघा तलेकर सहित पूरी मेडिकल टीम की शानदार उपलब्धि।
भीनमाल ट्रिपलेट सामान्य प्रसव: चौधरी भूपेंद्र हॉस्पिटल की ऐतिहासिक सफलता, 3 स्वस्थ शिशुओं का सुरक्षित जन्म
रिपोर्ट: मुकेश सोलंकी | दैनिक स्वराज वाणी
भीनमाल ट्रिपलेट सामान्य प्रसव चिकित्सा क्षेत्र की एक बेहद दुर्लभ और प्रेरणादायक उपलब्धि बनकर सामने आया है। राजस्थान के भीनमाल स्थित चौधरी भूपेंद्र हॉस्पिटल में जालोर निवासी एक प्रसूता ने सामान्य प्रसव (Normal Delivery) के माध्यम से एक साथ तीन शिशुओं (ट्रिपलेट) को जन्म दिया। जन्म लेने वाले शिशुओं में दो पुत्र और एक पुत्री शामिल हैं। सबसे बड़ी बात यह रही कि मां और तीनों नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं।
भीनमाल में चिकित्सा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि
भीनमाल स्थित चौधरी भूपेंद्र हॉस्पिटल ने चिकित्सा क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। अस्पताल के अनुभवी चिकित्सकों ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सफलतापूर्वक सामान्य प्रसव कराते हुए तीन स्वस्थ शिशुओं का जन्म कराया।
यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि सामान्य प्रसव से ट्रिपलेट बच्चों का जन्म चिकित्सा विज्ञान में अत्यंत दुर्लभ माना जाता है।
जालोर की प्रसूता ने दिया तीन बच्चों को जन्म
अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. धुखाराम चौधरी ने बताया कि जालोर निवासी नारंगी देवी, पत्नी मुकेश कुमार प्रजापत, को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।प्रसूता की स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की विशेष टीम बनाई गई ताकि सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सके।सफल सामान्य प्रसव के बाद
- पहला शिशु – पुत्र
- दूसरा शिशु – पुत्र
- तीसरा शिशु – पुत्री
का सुरक्षित जन्म हुआ।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने किया सफल सामान्य प्रसव
इस दुर्लभ उपलब्धि में अस्पताल की विशेषज्ञ मेडिकल टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।टीम में शामिल रहे—
- लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. भूपेंद्र चौधरी
- मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. धुखाराम चौधरी
- स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मेघा तलेकर
- डॉ. जगदीश चौधरी
- डॉ. अवनी मेहता
- डॉ. कुश मेहता
इन सभी चिकित्सकों ने समन्वय और अनुभव के साथ सुरक्षित सामान्य प्रसव को सफल बनाया।
बाल रोग विशेषज्ञ की निगरानी में स्वस्थ हैं तीनों नवजात
प्रसव के तुरंत बाद बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. साक्षी अग्रवाल ने तीनों नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य जांच की।डॉक्टरों के अनुसार—
- मां पूरी तरह स्वस्थ हैं।
- तीनों नवजात स्वस्थ हैं।
- सभी को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
- किसी प्रकार की जटिलता सामने नहीं आई है।
नर्सिंग स्टाफ का रहा विशेष योगदान
किसी भी जटिल प्रसव को सफल बनाने में डॉक्टरों के साथ नर्सिंग स्टाफ की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होती है।इस सफल सामान्य प्रसव में निम्न नर्सिंग कर्मियों का सराहनीय योगदान रहा—
- उत्तम सोलंकी
- फूलाराम
- सीजा
- लीला
- गुमानमल चौधरी
- पिंटा कुमारी
अस्पताल प्रबंधन ने पूरे स्टाफ की कार्यकुशलता की सराहना की।
ट्रिपलेट सामान्य प्रसव क्यों है दुर्लभ?
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार एक साथ तीन बच्चों का जन्म सामान्यतः हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी माना जाता है।ऐसे मामलों में अधिकांश प्रसव ऑपरेशन (सी-सेक्शन) के माध्यम से कराए जाते हैं।लेकिन भीनमाल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी, सही समय पर उपचार और बेहतर मेडिकल प्रबंधन के कारण सामान्य प्रसव संभव हो सका।यही कारण है कि यह उपलब्धि चिकित्सा जगत में विशेष महत्व रखती है।
अस्पताल प्रबंधन ने क्या कहा?
डॉ. धुखाराम चौधरी ने कहा कि यह सफलता पूरी मेडिकल टीम, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल के बेहतर समन्वय का परिणाम है।उन्होंने बताया कि मरीज और उसके परिवार का विश्वास तथा डॉक्टरों की मेहनत इस उपलब्धि का सबसे बड़ा आधार रहे।
परिजनों ने जताया आभार
प्रसूता के परिजनों ने सफल प्रसव के बाद अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पूरी मेडिकल टीम का आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पूरी टीम ने कठिन परिस्थिति में धैर्य और विशेषज्ञता दिखाई, वह सराहनीय है।
निष्कर्ष
भीनमाल ट्रिपलेट सामान्य प्रसव केवल एक चिकित्सा उपलब्धि नहीं बल्कि विशेषज्ञता, अनुभव और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। चौधरी भूपेंद्र हॉस्पिटल ने यह साबित किया है कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, अनुभवी चिकित्सकों और समर्पित नर्सिंग स्टाफ के सहयोग से जटिल से जटिल प्रसव भी सुरक्षित रूप से संभव हो सकता है। यह उपलब्धि पूरे राजस्थान ही नहीं बल्कि देश के चिकित्सा क्षेत्र के लिए भी प्रेरणादायक है।

