विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को आठनेर में धूमधाम से मनाया जाएगा, पुलिस ग्राउंड में होगा मुख्य समारोह
हिडली के पड़ा पेन ठाना में आयोजित बैठक में तैयारियों की समीक्षा, भव्य शोभायात्रा और सामूहिक भोजन प्रसादी का लिया गया निर्णय
संवाददाता: आशीष टाकरे
आठनेर। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पूरे उत्साह, परंपरा और सामाजिक एकता के साथ मनाया जाएगा। इस संबंध में सोमवार को हिडली के पड़ा पेन ठाना में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और विभिन्न जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष भी विश्व आदिवासी दिवस का मुख्य समारोह आठनेर पुलिस ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा, जहां विशाल जनसमूह की उपस्थिति में सांस्कृतिक, सामाजिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित होंगे।
बैठक में उपस्थित समाज के वरिष्ठजनों और जनप्रतिनिधियों ने समाज के सभी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर इसे ऐतिहासिक और सफल बनाने का आह्वान किया।
सरपंच रामा इवने की अध्यक्षता में हुई बैठक
बैठक की अध्यक्षता हिडली ग्राम के सरपंच रामा इवने ने की। कार्यक्रम में पूर्व जनपद अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य रामचरण इरपाचे मुख्य अतिथि तथा जयचंद सरेआम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत समाज की परंपराओं के अनुसार की गई, जिसके बाद विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
सभी उपस्थित सदस्यों ने एकमत होकर निर्णय लिया कि इस वर्ष का आयोजन पिछले वर्षों की अपेक्षा अधिक भव्य, अनुशासित और प्रभावशाली बनाया जाएगा।
पुलिस ग्राउंड रहेगा मुख्य आयोजन स्थल
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 9 अगस्त को आयोजित होने वाला मुख्य कार्यक्रम आठनेर पुलिस ग्राउंड में ही होगा।
यहीं पर मुख्य अतिथियों का स्वागत, समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रेरक उद्बोधन और सामूहिक भोजन प्रसादी का आयोजन किया जाएगा।
आयोजन समिति ने बताया कि बड़ी संख्या में समाज के लोग कार्यक्रम में शामिल होंगे, इसलिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी की जाएंगी।
निकलेगी भव्य शोभायात्रा
बैठक में तय किया गया कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समाज की पारंपरिक संस्कृति और एकता का प्रदर्शन करते हुए एक विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी।
यह शोभायात्रा पुलिस ग्राउंड से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकलेगी। इसमें पारंपरिक ढोल-ढमा, सांस्कृतिक वाद्य यंत्रों तथा डीजे के साथ समाज के महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे।
नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी रैली
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी।
रैली पुलिस ग्राउंड से प्रारंभ होकर मुख्य बस स्टैंड, बाजार चौक, राम मंदिर मोहल्ला, पटेल मोहल्ला, हनुमान मोहल्ला तथा चक्रवर्ती मोहल्ला सहित विभिन्न क्षेत्रों से होकर पुनः कार्यक्रम स्थल पहुंचेगी।
इस दौरान समाज के लोग पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति का परिचय देंगे।
मुख्य कार्यक्रम में होंगे प्रेरक उद्बोधन
शोभायात्रा के समापन के बाद पुलिस ग्राउंड में मुख्य समारोह आयोजित होगा।
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित वक्ता समाज की एकता, शिक्षा, संस्कृति, सामाजिक विकास, युवा सशक्तिकरण और आदिवासी समाज के अधिकारों पर अपने विचार रखेंगे।
इसके बाद सभी श्रद्धालुओं एवं समाजजनों के लिए सामूहिक भोजन प्रसादी का आयोजन किया जाएगा।
भोजन प्रसादी की भी रहेगी व्यवस्था
बैठक में निर्णय लिया गया कि मुख्य कार्यक्रम के उपरांत सभी सामाजिक बंधुओं के लिए सामूहिक भोजन प्रसादी का आयोजन किया जाएगा।
आयोजन समिति ने बताया कि भोजन व्यवस्था के लिए अलग-अलग समितियों का गठन किया जाएगा ताकि बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
रामचरण इरपाचे ने किया अधिक से अधिक सहभागिता का आह्वान
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि रामचरण इरपाचे ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक उत्सव नहीं बल्कि समाज की संस्कृति, परंपरा, इतिहास और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक समाजजन का दायित्व है कि वह इस आयोजन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे।
उन्होंने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा—
“विश्व आदिवासी दिवस को पूरी भव्यता और अनुशासन के साथ मनाएं। अधिक से अधिक संख्या में आठनेर पहुंचकर इस कार्यक्रम को सफल बनाएं। समाज की एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”
जयचंद सरेआम ने सहयोग की भावना पर दिया जोर
विशिष्ट अतिथि जयचंद सरेआम ने कहा कि समाज के सभी लोगों के सहयोग से ही प्रत्येक वर्ष यह आयोजन सफल होता आया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष भी सभी लोग मिलकर जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे और आयोजन को यादगार बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि समाज की एकता और आपसी सहयोग ही ऐसे आयोजनों की सबसे बड़ी सफलता होती है।
संगठनात्मक तैयारियों पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान आयोजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसमें शोभायात्रा की व्यवस्था, मंच संचालन, सुरक्षा, यातायात, पेयजल, भोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, अतिथि स्वागत तथा स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियों को लेकर सुझाव दिए गए।
आयोजन समिति ने निर्णय लिया कि कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए अलग-अलग समितियों का गठन कर जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
विश्व आदिवासी दिवस का महत्व
हर वर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य आदिवासी समुदाय की संस्कृति, परंपराओं, अधिकारों और उनके सामाजिक योगदान को सम्मान देना है।
यह दिवस समाज में आदिवासी समुदाय की पहचान को मजबूत करने, उनकी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास जैसे मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का भी अवसर माना जाता है।
देशभर में इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा मंच
आठनेर में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का भी महत्वपूर्ण अवसर होगा।
पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेंगी।
समाज के युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने और नई पीढ़ी तक परंपराओं को पहुंचाने के उद्देश्य से भी यह आयोजन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित
बैठक में समाज के अनेक वरिष्ठजन, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इनमें जयचंद सरेआम, हरिराम मोरोपे, रामा इवने, हेमराज उईके, भारत कुमरे, उमेश कुमरे, रामकृष्ण इरपाचे, ओमप्रकाश सोलंकी, जियालाल धुर्वे, शिवप्रसाद उईके, रघुनाथ धुर्वे, साधुराम धुर्वे, भीमराव सरेआम सहित अनेक सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।
बैठक में वरिष्ठ पत्रकार मुकेश सोनी एवं युवा पत्रकार आशीष ठाकरे की भी उपस्थिति रही।
भव्य आयोजन को लेकर समाज में उत्साह
विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन को लेकर आठनेर एवं आसपास के क्षेत्रों में समाज के लोगों में उत्साह का माहौल है।
आयोजन समिति का कहना है कि इस वर्ष कार्यक्रम को अधिक व्यवस्थित, सांस्कृतिक और प्रेरणादायी स्वरूप दिया जाएगा। बड़ी संख्या में समाजजन, महिलाएं, युवा और बच्चे कार्यक्रम में भाग लेकर आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का संदेश देंगे।
समाज के वरिष्ठजनों ने सभी सामाजिक बंधुओं से समय पर कार्यक्रम स्थल पहुंचने और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की है। विश्व आदिवासी दिवस का यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक होगा, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और सामाजिक जागरूकता को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
