Veer Durgadas Rathore जयंती, जन्माष्टमी और डोल ग्यारस की तैयारियों को लेकर राठौर समाज ने की बैठक
संवाददाता : मनोज कुमार पुष्पत
13 अगस्त को मनाई जाएगी वीर दुर्गादास राठौर की 388वीं जयंती, निकलेगी भव्य भगवा-तिरंगा वाहन रैली
सारंगपुर। आगामी धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को लेकर राठौर समाज ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में राधा-कृष्ण राठौर समाज मंदिर में समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राठौर समाज अध्यक्ष सतीश राठौर ने की। इसमें वीर दुर्गादास राठौर जयंती, जन्माष्टमी एवं डोल ग्यारस पर्व को भव्य और हर्षोल्लास के साथ मनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में समाज के पदाधिकारियों, वरिष्ठ सदस्यों एवं नवयुवक मंडल के कार्यकर्ताओं ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की और आयोजन को सफल बनाने के लिए जिम्मेदारियां तय कीं।
Veer Durgadas Rathore की 388वीं जयंती पर होंगे भव्य आयोजन
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 13 अगस्त 2026 को वीर दुर्गादास राठौर की 388वीं जयंती पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाई जाएगी।
जयंती कार्यक्रम के तहत विभिन्न धार्मिक और सामाजिक आयोजन किए जाएंगे। समाज के सदस्यों ने कहा कि वीर दुर्गादास राठौर का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उनकी वीरता और संघर्ष से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलती है।
समाज द्वारा जयंती समारोह को यादगार बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
निकलेगी भव्य भगवा-तिरंगा वाहन रैली
वीर दुर्गादास राठौर जयंती के अवसर पर शहर में भव्य भगवा-तिरंगा वाहन रैली आयोजित की जाएगी।
रैली का शुभारंभ सुबह 9:30 बजे राधा-कृष्ण राठौर समाज मंदिर, पंडितवाड़ी से होगा। इसके बाद रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकलेगी।
रैली का मार्ग इस प्रकार रहेगा:
- गांधी चौक
- महाकाल चौराहा
- मुखर्जी चौक
- भेरू दरवाजा रोड
- बस स्टैंड
- एसडीएम चौराहा
इसके बाद रैली सिविल अस्पताल रोड स्थित वीर दुर्गादास राठौर चौराहा पहुंचेगी।
यहां वीर दुर्गादास राठौर की प्रतिमा पर विधिवत पूजा-अर्चना, माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी।
जन्माष्टमी पर मंदिर में होगी विशेष सजावट
बैठक में जन्माष्टमी पर्व को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि जन्माष्टमी के अवसर पर राधा-कृष्ण राठौर समाज मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा।
मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ महाप्रसादी का आयोजन भी किया जाएगा। समाज के लोगों ने जन्माष्टमी पर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाने का संकल्प लिया।
डोल ग्यारस पर्व को लेकर भी बनाई योजना
बैठक के दौरान डोल ग्यारस पर्व को श्रद्धा, भक्ति और परंपरागत उत्साह के साथ मनाने को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कहा कि डोल ग्यारस जैसे धार्मिक पर्व हमारी संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक परंपराओं और संस्कारों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि डोल ग्यारस पर्व के अवसर पर समाज द्वारा सामूहिक रूप से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन में अधिक से अधिक समाजजनों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर संपर्क अभियान चलाया जाएगा।
समाज के सदस्यों ने कहा कि सभी धार्मिक पर्वों को मिल-जुलकर मनाने से आपसी भाईचारा और सामाजिक समरसता मजबूत होती है। उन्होंने समाज के सभी लोगों से अपील की कि वे परिवार सहित कार्यक्रमों में शामिल होकर धार्मिक आयोजनों को सफल बनाएं और अपनी संस्कृति एवं परंपराओं को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
समाज अध्यक्ष ने की अधिक से अधिक भागीदारी की अपील
बैठक में राठौर समाज अध्यक्ष सतीश राठौर ने समाज के सभी सदस्यों से अपील की कि वे कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाएं।
उन्होंने कहा कि समाज की एकता और सामूहिक सहभागिता से ही ऐसे बड़े आयोजन सफल होते हैं। उन्होंने युवाओं से भी बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित
बैठक में राठौर समाज के वरिष्ठ सदस्य, पदाधिकारी और नवयुवक मंडल के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सभी ने आगामी कार्यक्रमों को भव्य रूप देने के लिए अपने सुझाव दिए और आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
राठौर समाज द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि समाज की एकता, संस्कृति और वीर परंपराओं को भी मजबूती प्रदान करेगा।
