NEET Paper Leak Bill 2026: संसद में सरकार पेश करेगी सख्त संशोधन विधेयक, विपक्ष ने उठाया छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा
मानसून सत्र में NEET पेपर लीक पर हंगामा, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में सोमवार को NEET Paper Leak का मुद्दा प्रमुख रूप से छाया रहा। विपक्ष ने परीक्षा में अनियमितताओं और छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए, वहीं सरकार ने पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कानून को और सख्त बनाने की तैयारी की है।
केंद्र सरकार की ओर से संसद में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह लोकसभा में यह विधेयक प्रस्तुत करेंगे। सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों, पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
विपक्ष ने NEET मुद्दे पर सरकार को घेरा
मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर संसद के दोनों सदनों में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा से जुड़े मामलों में छात्रों को परेशान किया जा रहा है और सरकार को इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए।
विपक्षी सांसदों ने कहा कि जब तक छात्रों पर हुई कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता, तब तक यह मुद्दा संसद के अंदर और बाहर उठाया जाता रहेगा।
हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
सरकार लाएगी सार्वजनिक परीक्षा कानून में संशोधन
केंद्र सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले संशोधन विधेयक का उद्देश्य वर्ष 2024 में बनाए गए सार्वजनिक परीक्षा कानून को और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रस्तावित बदलावों के तहत पेपर लीक, परीक्षा में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों के उपयोग से जुड़े मामलों में सख्त प्रावधान किए जाने की तैयारी है।
सरकार का मानना है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कठोर कानून आवश्यक है। लाखों विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मेहनत करते हैं और पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके भविष्य को प्रभावित करती हैं।
आरोपियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रस्तावित संशोधन में पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में दोषियों के लिए सजा और जुर्माने के प्रावधानों को और सख्त किया जा सकता है। इसके अलावा जांच और न्याय प्रक्रिया को तेज करने के लिए विशेष व्यवस्था का प्रावधान भी किया जाएगा।
नए प्रावधानों के तहत राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अधिकार दिया जा सकता है। इन अदालतों में मामलों की शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
NDA सांसद करेंगे विधेयक पर चर्चा
विधेयक पर चर्चा के लिए एनडीए की ओर से कई सांसद हिस्सा लेंगे। भाजपा, टीडीपी, शिवसेना, एनसीपी, अपना दल, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और जनता दल यूनाइटेड सहित सहयोगी दलों के सांसद चर्चा में भाग लेंगे।
इनमें बांसुरी स्वराज, तेजस्वी सूर्या, शर्मिला सरकार और मिताली बाग सहित कई प्रमुख सांसद शामिल हैं। सरकार की ओर से इस विधेयक को परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान पहुंचे संसद, NDA सांसदों ने किया स्वागत
संसद की कार्यवाही के दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान संसद भवन पहुंचे, जहां एनडीए सांसदों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच NEET मामले को लेकर राजनीतिक बहस जारी रही।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही के दौरान कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं की 48 किलोग्राम भार वर्ग में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली खिलाड़ी मीराबाई चानू को बधाई दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने दिए थे सख्त कार्रवाई के संकेत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पेपर लीक मामलों को गंभीर अपराध बताते हुए सख्त कार्रवाई का संकेत दिया था। उन्होंने कहा था कि पेपर लीक केवल परीक्षा से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा विषय है।
सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
छात्रों के भविष्य की सुरक्षा पर जोर
पेपर लीक की घटनाएं लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करती रही हैं। ऐसे मामलों में मेहनत करने वाले छात्रों को नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार का दावा है कि नए संशोधन से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और दोषियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई हो सकेगी।
वहीं विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि छात्रों की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
संसद में आगे भी जारी रह सकता है हंगामा
NEET पेपर लीक का मुद्दा मानसून सत्र में आगे भी राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है। सरकार जहां नए कानून के जरिए सख्ती का संदेश देना चाहती है, वहीं विपक्ष मामले में जवाबदेही और छात्रों के हितों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
अब सभी की नजरें संसद में पेश होने वाले सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर टिकी हैं, जिससे देश की परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।
