स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय Nagda में “सॉफ्ट स्किल्स एवं वित्तीय साक्षरता” पर विशेष व्याख्यान
रिपोर्ट: जीवनलाल जैन
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित आयोजन
नागदा जं. (निप्र)। स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय, Nagda में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं भविष्य निर्माण को ध्यान में रखते हुए “सॉफ्ट स्किल्स एवं वित्तीय साक्षरता” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के आईक्यूएसी (आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ) एवं स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर पी. भास्कर रेड्डी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में सफलता के लिए केवल तकनीकी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सॉफ्ट स्किल्स और वित्तीय साक्षरता का ज्ञान भी अत्यंत आवश्यक है।
सॉफ्ट स्किल्स से बढ़ती है सफलता की संभावनाएं
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सीए अनमोल जैन ने विद्यार्थियों को सॉफ्ट स्किल्स के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रभावी संप्रेषण कौशल, व्यक्तित्व विकास, समय प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की कला जैसे विषयों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि आज के समय में किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए विषय ज्ञान के साथ-साथ अपनी बात को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने, दूसरों के साथ बेहतर तालमेल बनाने और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की क्षमता होना आवश्यक है।
सीए अनमोल जैन ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सॉफ्ट स्किल्स व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करती हैं।

वित्तीय साक्षरता से बनेगा आर्थिक रूप से मजबूत भविष्य
व्याख्यान के दौरान वित्तीय साक्षरता विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सीए अनमोल जैन ने विद्यार्थियों को बचत, निवेश, डिजिटल भुगतान, वित्तीय अनुशासन और जिम्मेदार आर्थिक निर्णयों के महत्व को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रारंभिक अवस्था से ही आर्थिक योजना बनाना सीखना चाहिए। बचत की आदत, सही निवेश की जानकारी और खर्चों का संतुलन भविष्य में आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त करने में सहायक होता है।
उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अपनी आय और खर्चों का प्रबंधन करना सीखें तथा सुरक्षित एवं सही वित्तीय विकल्पों की जानकारी रखें।
जीवन में निरंतर सीखने की आदत जरूरी : सतीश भुवीर
कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्रेसिम के सीएसआर प्रमुख सतीश भुवीर ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर सीखते रहना और नई क्षमताओं का विकास करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और वित्तीय अनुशासन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

विशेष अतिथियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर ग्रेसिम सीएसआर के प्रबंधक जीवन पोरवाल एवं अरविंद सिकरवार विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भी विद्यार्थियों को करियर निर्माण, कौशल विकास और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ व्यवहारिक ज्ञान और जीवन कौशल का विकास विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।
विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं और सॉफ्ट स्किल्स एवं वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विषयों को समझा।
कार्यक्रम का संचालन सचिन तिवारी ने किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संचालित करते हुए अतिथियों एवं वक्ताओं का परिचय कराया।
अंत में आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. मिति शर्मा ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थित विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
व्यक्तित्व विकास और करियर निर्माण में सहायक आयोजन
महाविद्यालय में आयोजित यह विशेष व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि वर्तमान समय में सफलता के लिए शिक्षा के साथ-साथ संचार कौशल, आत्मविश्वास और वित्तीय समझ का होना भी बेहद जरूरी है।
इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, करियर निर्माण और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
