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धरमपुरी में शोक की लहर: समाजसेवी स्व. कृष्णराव जोशी की धर्मपत्नी श्रीमती उर्मिला जोशी का 73 वर्ष की आयु में निधन, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
संवाददाता: कौशिक पंडित
धरमपुरी (जिला धार, मध्य प्रदेश)। धरमपुरी नगर में गुरुवार को शोक का वातावरण उस समय छा गया, जब नगर की वरिष्ठ एवं धार्मिक प्रवृत्ति की महिला श्रीमती उर्मिला जोशी का 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे समाजसेवी एवं धरमपुरी जागीरदार के अनन्य भक्त रहे स्वर्गीय कृष्णराव जोशी की धर्मपत्नी थीं। उनके निधन का समाचार मिलते ही नगर सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
श्रीमती उर्मिला जोशी अपने सरल स्वभाव, धार्मिक आस्था, सामाजिक व्यवहार और पारिवारिक मूल्यों के लिए जानी जाती थीं। वे लंबे समय से धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी रही थीं। उनके निधन से जोशी परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे नगर ने एक सम्मानित और स्नेहमयी व्यक्तित्व को खो दिया है।
कुछ समय से चल रहा था उपचार
परिवारजनों के अनुसार श्रीमती उर्मिला जोशी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थीं और उनका उपचार चल रहा था। स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके ज्येष्ठ पुत्र पंडित रितेश जोशी, जो ज्योतिष शास्त्री एवं धार जिला पुजारी संघ के उपाध्यक्ष हैं, ने बताया कि चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज जारी था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
उनके निधन की सूचना मिलते ही रिश्तेदार, परिचित, शुभचिंतक एवं नगरवासी बड़ी संख्या में उनके निवास पर पहुंचने लगे और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।
धार्मिक और संस्कारवान व्यक्तित्व की थीं धनी
श्रीमती उर्मिला जोशी का जीवन धार्मिक आस्था, सेवा और परिवार के प्रति समर्पण का उदाहरण माना जाता था। उन्होंने अपने पूरे जीवन में भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को सर्वोच्च स्थान दिया।
परिवार के सदस्यों के अनुसार वे नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेती थीं तथा सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय सहयोग देती थीं। उनका स्नेहपूर्ण व्यवहार और सरल व्यक्तित्व सभी के बीच उन्हें विशेष पहचान दिलाता था।
उनके निधन से परिवार ने अपनी मार्गदर्शक, बच्चों ने अपनी ममतामयी मां और समाज ने एक सम्मानित महिला को खो दिया है।
नम आंखों से निकली अंतिम यात्रा
श्रीमती उर्मिला जोशी की अंतिम यात्रा उनके पटेल मोहल्ला स्थित निवास से गुरुवार शाम लगभग 4 बजे प्रारंभ हुई।
अंतिम यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई राजबाड़ा चौक पहुंची और वहां से नर्मदा तट स्थित शीतला माता घाट के लिए रवाना हुई।
अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में नगरवासियों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूरे मार्ग में शोक और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। अनेक लोगों ने अंतिम दर्शन कर दिवंगत आत्मा को नमन किया।
शीतला माता घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
नर्मदा नदी के किनारे स्थित शीतला माता घाट पर वैदिक रीति-रिवाजों एवं धार्मिक परंपराओं के अनुसार श्रीमती उर्मिला जोशी का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और शुभचिंतक भावुक दिखाई दिए। धार्मिक मंत्रोच्चार के बीच दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
परिवार की परंपरा के अनुसार उनके पुत्र रत्नेश जोशी ने अपनी माता को मुखाग्नि दी। इस दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
बड़ी संख्या में पहुंचे जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक
श्रीमती उर्मिला जोशी की अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
श्रद्धांजलि देने वालों में प्रमुख रूप से—
- जनप्रतिनिधि
- पत्रकारगण
- अधिवक्ता
- व्यापारी
- धार्मिक एवं सामाजिक संगठन के सदस्य
- नगर के गणमान्य नागरिक
- रिश्तेदार एवं शुभचिंतक
शामिल रहे।
सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
परिवार में शोक का माहौल
श्रीमती उर्मिला जोशी अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। परिवार के सदस्यों के लिए यह अपूरणीय क्षति है।
परिजनों ने बताया कि वे परिवार की प्रेरणा थीं और प्रत्येक सदस्य को संस्कार, अनुशासन तथा धार्मिक जीवन जीने की सीख देती थीं। परिवार के सभी सदस्य उनके स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद को हमेशा याद रखेंगे।
समाज में भी था विशेष सम्मान
धरमपुरी नगर में जोशी परिवार लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। परिवार के सदस्य विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े रहे हैं और समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
इसी कारण श्रीमती उर्मिला जोशी का समाज में भी विशेष सम्मान था। उनके निधन का समाचार मिलते ही अनेक सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया।
कई लोगों ने उन्हें सादगी, सेवा और संस्कारों की प्रतिमूर्ति बताते हुए उनके जीवन को प्रेरणादायी बताया।
श्रद्धांजलि का सिलसिला जारी
नगर के अनेक लोगों ने व्यक्तिगत रूप से जोशी परिवार के निवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं कई सामाजिक संगठनों और परिचितों ने भी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
शोक संदेशों में लोगों ने कहा कि श्रीमती उर्मिला जोशी का स्नेहपूर्ण व्यवहार, धार्मिक आस्था और सरल व्यक्तित्व हमेशा स्मरणीय रहेगा।
ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना
कुशाग्र समाचार सेवा, मनावर (जिला धार, मध्य प्रदेश) परिवार ने भी श्रीमती उर्मिला जोशी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।
संस्था ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
धरमपुरी नगर के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है। श्रीमती उर्मिला जोशी की सादगी, धार्मिक आस्था, ममतामयी स्वभाव और सामाजिक सम्मान की स्मृतियां लंबे समय तक लोगों के हृदयों में जीवित रहेंगी। नगरवासी उन्हें सदैव श्रद्धा और सम्मान के साथ याद करते रहेंगे।
