सुयश बंबोरिया का बैंकॉक में आयोजित 2026 एशियन पिकलबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में चयन हुआ है। रतलाम जिले के सरसी गांव के इस युवा खिलाड़ी की उपलब्धि, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन और पिकलबॉल यात्रा जानें।
पवन धाकड़ जावरा
सुयश बंबोरिया का शानदार चयन: एशियन पिकलबॉल चैंपियनशिप 2026 में भारत का करेंगे प्रतिनिधित्व
रतलाम जिले के छोटे से गांव सरसी के होनहार खिलाड़ी सुयश बंबोरिया ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर पूरे जिले और मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है। सुयश बंबोरिया का चयन बैंकॉक (थाईलैंड) में आयोजित एशियन पिकलबॉल चैंपियनशिप 2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। यह प्रतियोगिता 26 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक बैंकॉक के Pickleball Arena में आयोजित होगी, जहां वे भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
सुयश बंबोरिया का चयन
सुयश बंबोरिया का चयन ऑल इंडिया पिकलबॉल एसोसिएशन (AIPA) की ओर से एशियन पिकलबॉल चैंपियनशिप के लिए किया गया है। यह उपलब्धि किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए गर्व की बात है क्योंकि इस प्रतियोगिता में एशिया के कई देशों के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन
पिछले दो महीनों में सुयश बंबोरिया ने इंदौर, पुणे और मुंबई में आयोजित चार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।इन प्रतियोगिताओं में उन्होंने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसी शानदार प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन भारतीय टीम में हुआ।
मुंबई में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण
वर्तमान में सुयश बंबोरिया विक्रमादित्य पिकलबॉल संगठन का प्रतिनिधित्व करते हुए मुंबई में अंतरराष्ट्रीय स्तर का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।यह प्रशिक्षण उन्हें एशियन चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा।
गांव और स्कूल में खुशी का माहौल
जैसे ही सुयश बंबोरिया के चयन की सूचना गांव सरसी पहुंची, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।दादाजी बाबूलाल टिपदार तथा अंकल अमरीश बंबोरिया ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
सुयश वर्तमान में ऑक्सफोर्ड स्कूल, जावरा में कक्षा 11वीं के छात्र हैं। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने भी उनकी सफलता पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पिकलबॉल क्या है?
पिकलबॉल एक तेजी से लोकप्रिय होता खेल है जिसमें तीन खेलों का मिश्रण देखने को मिलता है—
- लॉन टेनिस
- बैडमिंटन
- टेबल टेनिस
इस खेल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे 12 वर्ष से लेकर 65 वर्ष तक के खिलाड़ी आसानी से खेल सकते हैं।
भारत में तेजी से बढ़ रहा पिकलबॉल
सुयश के पिता डॉ. सुखदेव बंबोरिया (टिपदार) ने बताया कि पिकलबॉल भारत में सबसे तेजी से विकसित होने वाले खेलों में शामिल हो चुका है।देशभर में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
परिवार के लिए गर्व का पल
सुयश बंबोरिया की इस सफलता ने केवल उनके परिवार ही नहीं बल्कि पूरे रतलाम जिले और मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है।ग्रामीणों का कहना है कि सुयश आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेंगे और गांव के अन्य बच्चों को भी खेलों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
निष्कर्ष
सुयश बंबोरिया का एशियन पिकलबॉल चैंपियनशिप 2026 के लिए चयन यह साबित करता है कि प्रतिभा बड़े शहरों की मोहताज नहीं होती। मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास से छोटे गांव का खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकता है।पूरा मध्यप्रदेश और देश को उम्मीद है कि सुयश बंबोरिया बैंकॉक में भारत का शानदार प्रतिनिधित्व करेंगे और देश के लिए पदक जीतकर लौटेंगे।

