‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान का दशम दिवस: विद्यालयों, बस स्टैंड और हाट-बाजारों में चली जागरूकता मुहिम, आलीराजपुर पुलिस ने दिया नशामुक्त समाज का संदेश
विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से किया जागरूक, नुक्कड़ नाटक और जनसंवाद के माध्यम से पुलिस ने चलाया व्यापक अभियान
रिपोर्ट: खलील मंसूरी | दैनिक स्वराज वाणी
आलीराजपुर, 24 जुलाई 2026। मध्यप्रदेश शासन एवं पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार तथा पुलिस अधीक्षक श्री रघुवंश सिंह के मार्गदर्शन में जिलेभर में संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” जन-जागरूकता अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। अभियान के दशम दिवस पर जिला पुलिस आलीराजपुर ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में विद्यालयों, बस स्टैंड, हाट-बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों, युवाओं, यात्रियों एवं आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
इस विशेष अभियान का उद्देश्य केवल नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक और मानसिक नुकसान की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि समाज में नशामुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देना, युवाओं को सकारात्मक दिशा देना तथा जनसहभागिता के माध्यम से एक स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक समाज का निर्माण करना है।
अभियान के दसवें दिन जिलेभर में आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम

दशम दिवस पर जिला पुलिस के विभिन्न थाना क्षेत्रों ने अपने-अपने क्षेत्र में अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से अभियान को जन-जन तक पहुंचाया। कहीं विद्यार्थियों को जागरूक किया गया तो कहीं यात्रियों और ग्रामीणों के बीच संवाद स्थापित कर नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशे के खिलाफ केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए समाज में जागरूकता, परिवारों की भागीदारी और युवाओं को सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है।
बस स्टैंड पर यात्रियों को किया गया जागरूक
थाना कोतवाली आलीराजपुर द्वारा बस स्टैंड परिसर में विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां यात्रियों और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार, सामाजिक जीवन और आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर असर डालता है। यात्रियों से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार एवं परिचितों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें।
विद्यालयों में विद्यार्थियों को दिया गया सकारात्मक संदेश
अभियान के तहत जिला पुलिस ने विशेष रूप से विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को जागरूक करने पर जोर दिया।
ग्राम तीती के माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम
थाना नानपुर की पुलिस टीम ने माध्यमिक विद्यालय, ग्राम तीती में विद्यार्थियों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को बताया गया कि नशीले पदार्थों का सेवन उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करें और खेल, शिक्षा एवं सकारात्मक गतिविधियों की ओर ध्यान दें।
काबरी सेल विद्यालय में विद्यार्थियों को समझाए नशे के दुष्परिणाम

थाना कठ्ठीवाड़ा द्वारा शासकीय विद्यालय काबरी सेल में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाली शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हानियों की जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि नशे की शुरुआत अक्सर जिज्ञासा या मित्रों के दबाव में होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह गंभीर लत का रूप ले सकती है।
उन्होंने छात्रों से किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने तथा अपने मित्रों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
कालुवाट हाई स्कूल में छात्रों ने लिया नशामुक्ति का संकल्प
थाना आज़ाद नगर की टीम ने एकीकृत शासकीय हाई स्कूल कालुवाट में विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
यहां छात्र-छात्राओं को नशे के सामाजिक प्रभावों, अपराधों से उसके संबंध और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प भी लिया।
हाट-बाजार में नुक्कड़ नाटक बना आकर्षण का केंद्र
थाना उदयगढ़ द्वारा स्थानीय हाट-बाजार क्षेत्र में प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया।
नाटक के माध्यम से यह दर्शाया गया कि किस प्रकार नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार, रोजगार और सामाजिक सम्मान को प्रभावित करती है।
नाटक देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और बाजार में आए लोग एकत्र हुए। कलाकारों ने संवाद और अभिनय के माध्यम से लोगों को नशे से बचने तथा दूसरों को भी जागरूक करने का संदेश दिया।
मधुपल्लवी विद्यालय में छात्रों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
थाना बखतगढ़ द्वारा शासकीय हाई स्कूल, ग्राम मधुपल्लवी में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के विरुद्ध जागरूक किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि आज का युवा ही देश का भविष्य है। यदि युवा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहेगा तो समाज और राष्ट्र दोनों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
छात्रों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित खेलकूद करने और पढ़ाई पर ध्यान देने का आग्रह किया गया।
सोण्डवा क्षेत्र में भी चला जागरूकता अभियान
थाना सोण्डवा द्वारा क्षेत्र के विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का नशा जीवन को बर्बाद कर सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार और समाज में भी नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने की अपील की।
युवाओं को बनाया गया अभियान का केंद्र
जिला पुलिस द्वारा संचालित इस अभियान में युवाओं और विद्यार्थियों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि युवाओं को प्रारंभिक स्तर पर ही सही जानकारी और उचित मार्गदर्शन मिल जाए तो वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रह सकते हैं।
इसी उद्देश्य से विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर लगातार संवाद आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
पुलिस ने नागरिकों से मांगा सहयोग
कार्यक्रमों के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आम नागरिकों से अपील की कि नशे के खिलाफ इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
उन्होंने नागरिकों से अपने परिवार, पड़ोस और समाज में भी नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।
आगामी दिनों में भी जारी रहेगा अभियान
जिला पुलिस आलीराजपुर ने जानकारी दी कि “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत आगामी दिनों में भी जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जन-जागरूकता गतिविधियां निरंतर आयोजित की जाएंगी।
इन कार्यक्रमों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और सामाजिक संस्थाओं को भी शामिल किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाया जा सके।
स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में प्रभावी पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून लागू करने से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए समाज, परिवार, शिक्षण संस्थानों और युवाओं की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है।
आलीराजपुर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान इसी सोच का उदाहरण है, जहां जागरूकता, संवाद और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
यदि ऐसे अभियान लगातार चलते रहे तो निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सकेगा।
पुलिस का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर जिला पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि नशे से दूर रहना केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति एक जिम्मेदारी भी है।
