Gwalior में आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज का होगा ऐतिहासिक चातुर्मास, आयोजन समिति का गठन, तैयारियां तेज
Gwalior । धर्मनगरी ग्वालियर वर्ष 2026 में एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रही है। परम पूज्य आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज एवं मुनिश्री अनुमान सागर महाराज सहित आठ संतों का चातुर्मास ग्वालियर में आयोजित होगा। इस भव्य धार्मिक आयोजन की तैयारियों को लेकर ग्वालियर सकल जैन समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक नई सड़क स्थित महावीर कॉम्पलेक्स में आयोजित की गई, जिसमें आत्म साधना पावन वर्षायोग 2026 के लिए चातुर्मास आयोजन समिति का गठन किया गया।
बैठक में बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, विभिन्न मंदिर समितियों के प्रतिनिधि, सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी तथा श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को आध्यात्मिक, अनुशासित एवं ऐतिहासिक बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

णमोकार महामंत्र से हुआ शुभारंभ
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि चातुर्मास आयोजन को लेकर आयोजित बैठक का शुभारंभ धार्मिक वातावरण में णमोकार महामंत्र के सामूहिक उच्चारण एवं मंगलाचरण के साथ किया गया। इसके बाद उपस्थित समाजजनों ने आगामी वर्षायोग की तैयारियों और कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में विकास गंगवाल ने आत्म साधना पावन वर्षायोग 2026 की संपूर्ण रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने चातुर्मास के दौरान आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों, व्यवस्थाओं और आवश्यक तैयारियों की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने आयोजन को सफल एवं भव्य स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से गठित की गई चातुर्मास समिति की घोषणा की।
उपस्थित समाजजनों ने सर्वसम्मति से समिति के गठन का समर्थन करते हुए सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। समाज के सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे तन, मन और धन से सहयोग करते हुए इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को सफल बनाएंगे। बैठक में सभी ने एकजुट होकर चातुर्मास को अनुशासन, सेवा भावना और भक्ति के साथ संपन्न कराने का निर्णय लिया।

चातुर्मास समिति को सौंपी गई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
आत्म साधना पावन वर्षायोग 2026 की आयोजन समिति में डॉ. वीरेंद्र कुमार गंगवाल को अध्यक्ष, निर्मल मार्शसंस को गौरव अध्यक्ष, ओमप्रकाश जैन को संयुक्त अध्यक्ष, बालचंद्र जैन को कार्यकारी अध्यक्ष, निर्मल पाटनी को महामंत्री, पंकज छाबड़ा को कोषाध्यक्ष, विनय कासलीवाल को मुख्य संयोजक, महेंद्र टोंग्या को स्वागत अध्यक्ष तथा संजय गोधा को स्वागत मंत्री बनाया गया।
इसके अलावा सह-कोषाध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, संयोजक एवं अन्य विभिन्न पदों पर समाज के अनुभवी सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। महिला शक्ति टीम को संतों की आहारचर्या एवं अन्य व्यवस्थाओं का दायित्व दिया गया, ताकि आयोजन सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

देशभर से आएंगे हजारों श्रद्धालु
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज एवं मुनिश्री अनुमान सागर महाराज के चातुर्मास की घोषणा के बाद ग्वालियर सहित पूरे संभाग के जैन समाज में उत्साह का माहौल है। अनुमान है कि चातुर्मास के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु धर्मलाभ, दर्शन एवं प्रवचन सुनने के लिए ग्वालियर पहुंचेंगे।
इसी को ध्यान में रखते हुए बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजन, परिवहन, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
धर्म आराधना का बनेगा केंद्र
चार माह तक चलने वाले इस चातुर्मास में प्रतिदिन प्रवचन, स्वाध्याय, ध्यान, तप, पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान, युवा एवं महिला जागरण कार्यक्रम तथा समाजोपयोगी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। आयोजन समिति का उद्देश्य चातुर्मास को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखकर उसे आध्यात्मिक जागरण एवं सामाजिक संस्कारों का महापर्व बनाना है।
समाज के वरिष्ठजनों का मानना है कि आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज के सान्निध्य में आयोजित होने वाला यह वर्षायोग श्रद्धालुओं के लिए आत्मचिंतन, संयम और धर्म साधना का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

उपसमितियों का होगा गठन
बैठक के दौरान आयोजन को सफल, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न उपसमितियों के गठन का निर्णय लिया गया। इन उपसमितियों के माध्यम से चातुर्मास से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जाएगा। आवास व्यवस्था समिति बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था संभालेगी, वहीं भोजन एवं आहारचर्या समिति संतों और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का संचालन करेगी।
इसके साथ ही परिवहन व्यवस्था, प्रचार-प्रसार, स्वयंसेवक प्रबंधन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अलग-अलग समितियां बनाई जाएंगी। प्रत्येक समिति को उसकी जिम्मेदारियां सौंपकर कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि सभी समितियों में अनुभवी सदस्यों के साथ युवाओं और महिलाओं को भी जिम्मेदारी दी जाएगी, जिससे आयोजन में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। चातुर्मास को अनुशासन, सेवा भावना और धार्मिक उत्साह के साथ सफल बनाने के लिए समाजजन पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं।

धार्मिक इतिहास में जुड़ेगा नया अध्याय
ग्वालियर सकल जैन समाज ने विश्वास व्यक्त किया है कि वर्ष 2026 में आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज एवं मुनिश्री अनुमान सागर महाराज के सान्निध्य में होने वाला चातुर्मास धर्म, तप, त्याग और साधना की दृष्टि से एक ऐतिहासिक आयोजन साबित होगा। समाजजनों का मानना है कि इस पावन अवसर से ग्वालियर की धार्मिक एवं आध्यात्मिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।
चातुर्मास के दौरान होने वाले प्रवचन, धार्मिक अनुष्ठान, ध्यान, स्वाध्याय और आध्यात्मिक कार्यक्रमों से श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और धर्म मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। आयोजन को सफल एवं भव्य बनाने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उत्साहपूर्वक अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
समिति द्वारा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। आवास, भोजन, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समाजजनों को उम्मीद है कि यह चातुर्मास आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और ग्वालियर के धार्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।
सचिन जैन (आदर्श कलम) प्रवक्ता जैन समाज ग्वालियर..9575360544
