‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान को मिली गति, आलीराजपुर पुलिस ने नुक्कड़ नाटक और जागरूकता वाहन के माध्यम से लोगों को किया जागरूक
आज़ाद नगर हाट-बाज़ार से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचा पुलिस का जन-जागरूकता अभियान, युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील
रिपोर्ट: खलील मंसूरी | दैनिक स्वराज वाणी
आलीराजपुर। मध्यप्रदेश शासन एवं पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत जिला आलीराजपुर पुलिस लगातार लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर रही है। अभियान के नवम दिवस पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें नुक्कड़ नाटक, जागरूकता वाहन, लाउडस्पीकर प्रचार एवं जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से हजारों लोगों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाया गया।
यह अभियान पुलिस अधीक्षक श्री रघुवंश सिंह के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से रोकना, समाज में नशामुक्ति के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना तथा नागरिकों की सहभागिता से एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण करना है।
नशे के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान का नवम दिवस रहा प्रभावी
अभियान के नौवें दिन जिला पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर आमजन तक संदेश पहुंचाया कि नशा केवल व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज का भविष्य प्रभावित करता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशीले पदार्थों के सेवन से अपराधों में वृद्धि, सड़क दुर्घटनाएं, घरेलू हिंसा, आर्थिक समस्याएं तथा युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। इन्हीं गंभीर पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है।
आज़ाद नगर हाट-बाज़ार में नुक्कड़ नाटक ने खींचा लोगों का ध्यान
अभियान के तहत थाना आज़ाद नगर एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने आज़ाद नगर हाट-बाज़ार में प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
बाज़ार में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने इस नाटक को देखा और कलाकारों द्वारा प्रस्तुत संदेश को गंभीरता से सुना। नाटक में दिखाया गया कि किस प्रकार नशे की लत धीरे-धीरे व्यक्ति की सेहत, परिवार, रोजगार और सामाजिक प्रतिष्ठा को समाप्त कर देती है।
कलाकारों ने संवादों और अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि यदि समय रहते नशे की आदत नहीं छोड़ी गई तो उसका परिणाम केवल व्यक्ति ही नहीं बल्कि पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है।
नाटक के अंत में उपस्थित लोगों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने और युवाओं को नशे से दूर रखने की अपील की गई।
नशे के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की दी जानकारी
नुक्कड़ नाटक और जन-जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को विस्तार से बताया कि नशे का प्रभाव केवल शरीर तक सीमित नहीं रहता।
उन्होंने बताया कि नशे के कारण—
- शारीरिक स्वास्थ्य लगातार खराब होता है।
- मानसिक तनाव, अवसाद और व्यवहार में परिवर्तन आता है।
- परिवार में विवाद और आर्थिक संकट उत्पन्न होते हैं।
- युवाओं का करियर प्रभावित होता है।
- अपराध और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
- समाज में असुरक्षा का वातावरण बनता है।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की लत से जूझ रहा है तो उसे उपचार और परामर्श के लिए प्रेरित करें।
जागरूकता वाहन के माध्यम से गांव-गांव पहुंचा संदेश

अभियान के अंतर्गत थाना कोतवाली आलीराजपुर, थाना आम्बुआ एवं चौकी बड़ी क्षेत्र में विशेष जागरूकता वाहन रवाना किए गए।
इन वाहनों के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों, ग्रामीण क्षेत्रों, बाजारों तथा प्रमुख मार्गों पर लाउडस्पीकर से नशामुक्ति संबंधी संदेश प्रसारित किए गए।
वाहनों पर लगे बैनर और पोस्टरों के माध्यम से नागरिकों को बताया गया कि नशा समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और इससे बचना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस टीम ने लोगों से सीधे संवाद भी किया तथा युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी।
युवाओं को बनाया गया अभियान का केंद्र
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से बचाना है।
आज के समय में कई प्रकार के नशीले पदार्थ युवाओं तक आसानी से पहुंच रहे हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे प्रभावी उपाय है।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों और युवाओं से कहा कि वे खेल, शिक्षा, रोजगार और सकारात्मक गतिविधियों की ओर ध्यान दें तथा नशे जैसी बुराइयों से स्वयं भी दूर रहें और अपने मित्रों को भी बचाएं।
पुलिस ने नागरिकों से मांगा सहयोग
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आमजन से अपील की कि वे नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानें, बल्कि इसे जन-आंदोलन का रूप दें।
उन्होंने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति नशे के खिलाफ आवाज उठाएगा तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य दिया जा सकेगा।
पुलिस ने यह भी कहा कि यदि कहीं अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
परिवार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने में परिवार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों के व्यवहार पर ध्यान दें, उनके साथ संवाद बनाए रखें और यदि किसी प्रकार का बदलाव दिखाई दे तो समय रहते उचित मार्गदर्शन दें।
विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार का सहयोग और सकारात्मक वातावरण युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में सबसे प्रभावी माध्यम है।
आगामी दिनों में भी जारी रहेगा अभियान

जिला पुलिस आलीराजपुर ने जानकारी दी कि “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा।
अभियान के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में—
- नुक्कड़ नाटक,
- जन-जागरूकता रैलियां,
- विद्यालय एवं महाविद्यालयों में कार्यक्रम,
- ग्रामीण जनसंपर्क अभियान,
- जागरूकता वाहन,
- सार्वजनिक सभाएं,
- सामाजिक संगठनों की सहभागिता
जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
पुलिस का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर उन्हें नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए प्रेरित करना है।
स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि नशे के खिलाफ केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं होती, बल्कि सामाजिक जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है।
जिला पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। नुक्कड़ नाटक जैसे सांस्कृतिक माध्यम लोगों तक संदेश पहुंचाने का प्रभावी तरीका बन रहे हैं, वहीं जागरूकता वाहन ग्रामीण क्षेत्रों तक अभियान की पहुंच सुनिश्चित कर रहे हैं।
पुलिस का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर जिला पुलिस ने नागरिकों से एक बार फिर अपील करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
यदि प्रत्येक नागरिक इस अभियान का हिस्सा बनेगा, तो निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों को नशामुक्त, स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
