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शाजापुर में जघन्य एवं चिन्हित अपराधों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न, कलेक्टर ऋजु बाफना ने लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश

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Published On: 24 July 2026
Shajapur Collector directs timely investigation and disposal of heinous crime cases during review meeting
— Shajapur Collector directs timely investigation and disposal of heinous crime cases during review meeting

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शाजापुर में जघन्य एवं चिन्हित अपराधों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न, कलेक्टर ऋजु बाफना ने लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश

कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर, गंभीर अपराधों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश

स्वराज वाणी | चंद्रेश जैन, ब्यूरो चीफ | शाजापुर

शाजापुर जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा जघन्य, सनसनीखेज एवं चिन्हित अपराधों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने की। इस दौरान जिले में लंबित गंभीर प्रकरणों, न्यायालयों में विचाराधीन मामलों तथा चिन्हित अपराधों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक गंभीर अपराध की जांच निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाए तथा न्यायालयों में लंबित मामलों के प्रभावी संचालन के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि अपराधों के त्वरित निराकरण से न केवल पीड़ितों को समय पर न्याय मिलता है, बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है।

गंभीर अपराधों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा

समीक्षा बैठक के दौरान जिले में दर्ज जघन्य एवं सनसनीखेज अपराधों की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने प्रत्येक प्रकरण की जांच, आरोप-पत्र की स्थिति, न्यायालयीन प्रक्रिया और लंबित मामलों की जानकारी प्रस्तुत की।

कलेक्टर ऋजु बाफना ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों में जांच पूर्ण हो चुकी है, उनमें शीघ्र चालान प्रस्तुत किए जाएं और न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर अपराधों में हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया दोनों समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ सकें।

लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर

बैठक का प्रमुख एजेंडा न्यायालयों में लंबित गंभीर प्रकरणों की समीक्षा भी रहा। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मामलों में दस्तावेज, साक्ष्य अथवा अन्य औपचारिकताएं लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि लंबित मामलों का समय पर निराकरण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि प्रकरण लंबे समय तक लंबित रहते हैं तो इससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है और आम नागरिकों का विश्वास भी कमजोर पड़ सकता है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक लंबित प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और उसकी प्रगति की रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत की जाए।

पुलिस एवं अभियोजन विभाग के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि पुलिस विभाग और अभियोजन विभाग के बीच प्रभावी समन्वय अपराधों के सफल अभियोजन के लिए अत्यंत आवश्यक है।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विवेचना अधिकारियों और लोक अभियोजकों के बीच नियमित संवाद बना रहे ताकि न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्य एवं दस्तावेज पूर्ण और मजबूत हों।

उन्होंने कहा कि तकनीकी कमियों के कारण यदि कोई मामला कमजोर पड़ता है तो इससे अपराधियों को लाभ मिल सकता है। इसलिए प्रत्येक मामले में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है।

समयबद्ध कार्रवाई से बढ़ेगा जनता का विश्वास

कलेक्टर ऋजु बाफना ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल अपराध दर्ज करना नहीं, बल्कि प्रत्येक मामले का प्रभावी और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि जब गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई होती है और दोषियों के विरुद्ध समय पर न्यायालयीन प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो इससे समाज में कानून का सम्मान बढ़ता है और अपराधियों के मन में कानून का भय उत्पन्न होता है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक प्रकरण को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभाला जाए।

कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

जिला प्रशासन का मानना है कि अपराधों की नियमित समीक्षा से कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।

ऐसी बैठकों के माध्यम से लंबित मामलों की वास्तविक स्थिति सामने आती है, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित होता है तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम तत्काल उठाए जा सकते हैं।

कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना भी है।

गंभीर मामलों की नियमित मॉनिटरिंग होगी

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिले के चिन्हित एवं सनसनीखेज मामलों की नियमित अंतराल पर समीक्षा की जाएगी।

प्रत्येक संबंधित अधिकारी को अपने-अपने प्रकरणों की अद्यतन जानकारी तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य की बैठकों में प्रगति का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन किया जा सके।

प्रशासन का मानना है कि नियमित निगरानी से जांच की गति बनी रहती है और अनावश्यक विलंब की संभावना कम हो जाती है।

न्यायालयीन प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर चर्चा

समीक्षा बैठक के दौरान न्यायालयों में लंबित मामलों के प्रभावी संचालन को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई।

लोक अभियोजन विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न मामलों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया तथा अभियोजन को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी प्रस्तुत किए।

कलेक्टर ने कहा कि न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रत्येक मामले में तथ्यात्मक मजबूती और विधिक प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई संभव हो सके।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी

जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में कानून-व्यवस्था एवं अभियोजन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रियंका शुक्ला, जिला लोक अभियोजक अधिकारी श्री प्रदीप कुमार भटेले, अतिरिक्त जिला लोक अभियोजक अधिकारी श्री रमेश सोलंकी, लोक अभियोजक अधिकारी श्री महेंद्र परमार सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित मामलों की जानकारी प्रस्तुत की तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक कार्ययोजना पर चर्चा की।

प्रशासन की प्राथमिकता—अपराध नियंत्रण और त्वरित न्याय

बैठक के समापन पर कलेक्टर ऋजु बाफना ने कहा कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जिले में सुरक्षित वातावरण बनाए रखना, गंभीर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और न्यायालयों में लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करना है।

उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ करें।

उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस एवं अभियोजन विभाग के समन्वित प्रयासों से न केवल अपराध नियंत्रण को मजबूती मिलेगी, बल्कि आम नागरिकों का कानून और न्याय व्यवस्था पर विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ होगा।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार की समीक्षा बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि जघन्य, सनसनीखेज एवं चिन्हित अपराधों की प्रगति पर सतत निगरानी रखी जा सके और प्रत्येक मामले में समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो।

 

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