MP में वृद्धों का दर्द: तीन महीने से नहीं मिली पेंशन, 600 रुपये के सहारे चलने वाला जीवन हुआ मुश्किल
दवा और रोजमर्रा के खर्च के लिए परेशान बुजुर्ग लगा रहे नगर पालिका के चक्कर, कह रहे- “साहब, मैं जिंदा हूं, पेंशन दिला दीजिए”
दमोह : राजा भैया यादव (जबेरा संवाददाता) । MP में वृद्धावस्था पेंशन योजना के सहारे जीवन गुजार रहे बुजुर्गों की परेशानी बढ़ती जा रही है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के कई पात्र हितग्राहियों को पिछले तीन महीने से पेंशन राशि नहीं मिली है। अब चौथा महीना भी शुरू हो गया है, लेकिन बुजुर्गों के खातों में राशि नहीं पहुंची है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी उन वृद्धों को हो रही है, जिनका पूरा महीना महज 600 रुपये की पेंशन पर निर्भर है।
दमोह जिले में कई बुजुर्ग पेंशन के लिए नगर पालिका और बैंक के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। वे अपने साथ आधार कार्ड, समग्र आईडी और फोटो जैसे दस्तावेज लेकर पहुंच रहे हैं। कई बुजुर्ग अधिकारियों से गुहार लगाते नजर आते हैं कि उनकी पेंशन जल्द जारी कराई जाए, क्योंकि इसी राशि से उनकी दवा और दैनिक जरूरतें पूरी होती हैं।
600 रुपये से चलता है पूरा महीना
वृद्धावस्था और विधवा पेंशन योजना के तहत मिलने वाली 600 रुपये की मासिक राशि भले ही कम दिखाई दे, लेकिन कई बुजुर्गों के लिए यही उनके जीवन का सबसे बड़ा सहारा है। इसी राशि से वे दवाइयां खरीदते हैं और छोटे-मोटे खर्च पूरे करते हैं।
पेंशन नहीं मिलने के कारण बुजुर्गों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई वृद्धों का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ काम करने की क्षमता कम हो गई है और ऐसे समय में सरकार से मिलने वाली पेंशन ही उनके जीवन का आधार है।
“साहब, मैं जिंदा हूं, पेंशन दिला दीजिए”
पेंशन नहीं मिलने के बाद कई बुजुर्गों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वे अपनी पहचान साबित करने के लिए दस्तावेज लेकर पहुंचते हैं। बुजुर्गों का कहना है कि उन्हें हर बार अपनी स्थिति बतानी पड़ती है।
कई वृद्ध भावुक होकर अधिकारियों से कहते हैं कि वे जीवित हैं और उन्हें योजना का लाभ दिलाया जाए। हालांकि इस बार पेंशन रुकने का कारण ई-केवायसी या दस्तावेजों की कमी नहीं बताई जा रही है, बल्कि शासन स्तर से राशि जारी नहीं होने की बात सामने आ रही है।
शासन स्तर से रुकी है पेंशन राशि
नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, इंदिरा गांधी पेंशन योजना के तहत दर्ज हितग्राहियों की पेंशन राशि पिछले तीन महीने से शासन स्तर से जारी नहीं हुई है। स्थानीय स्तर पर अधिकारी भी इस संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
नगर पालिका दमोह की पेंशन शाखा के प्रभारी नितिन पटेल ने बताया कि शासन स्तर से ही इंदिरा योजना के तहत दर्ज पेंशनधारियों की राशि पिछले तीन माह से नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि वृद्धजन जानकारी लेने पहुंच रहे हैं, जिन्हें जल्द ही राशि खातों में आने का आश्वासन दिया जा रहा है।
जिले में हजारों बुजुर्ग पेंशन के भरोसे
पेंशन योजना से जुड़े आंकड़ों के अनुसार दमोह जिले में बड़ी संख्या में वृद्ध और विधवा हितग्राही इस योजना का लाभ लेते हैं। नगर पालिका क्षेत्र में भी हजारों लोग इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत हैं।
फैक्ट फाइल
- नगर पालिका में पेंशनधारी: करीब 9 हजार 81
- जिले में इंदिरा गांधी पेंशन योजना के हितग्राही: करीब 12 हजार
- नगर पालिका क्षेत्र में इस योजना के पेंशनधारी: करीब 2500
- मिलने वाली मासिक पेंशन: 600 रुपये
- पेंशन लंबित अवधि: 3 महीने
बुजुर्गों की बढ़ती चिंता
पेंशन में देरी के कारण बुजुर्गों की चिंता बढ़ती जा रही है। कई वृद्धों का कहना है कि समय पर पेंशन नहीं मिलने से उन्हें दवा और जरूरी सामान खरीदने में परेशानी हो रही है।
बुजुर्गों का कहना है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को सहायता देना है, लेकिन यदि राशि समय पर नहीं मिलेगी तो योजना का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा।
प्रशासन से जल्द राशि जारी करने की मांग
स्थानीय लोगों और पेंशनधारियों ने प्रशासन से मांग की है कि शासन स्तर पर लंबित राशि जल्द जारी कराई जाए, ताकि बुजुर्गों को राहत मिल सके।
उनका कहना है कि वृद्धावस्था में आर्थिक परेशानी सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे समय में छोटी सी पेंशन राशि भी उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसलिए पेंशन भुगतान व्यवस्था को नियमित किया जाना चाहिए।
फिलहाल बुजुर्गों को उम्मीद है कि जल्द ही शासन स्तर से राशि जारी होगी और उनके खातों में तीन महीने की लंबित पेंशन पहुंच जाएगी। अब सभी की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई और शासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
