MP Weather Today: मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; अब भी 10% कम हुई वर्षा
भोपाल। MP में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़ा बारिश का दौर अब दोबारा सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं 50 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जुलाई के अंतिम सप्ताह में प्रदेश में बारिश का सिलसिला तेज रह सकता है, जिससे बारिश की कमी और कम होने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को श्योपुर, रतलाम, मंदसौर, आलीराजपुर और पन्ना जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 इंच तक बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
MP में अब तक सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश
MP में 24 जून को मानसून ने दस्तक दी थी। इसके बाद से अब तक प्रदेश में औसतन 325.1 मिलीमीटर यानी करीब 12.8 इंच बारिश दर्ज की गई है। हालांकि यह आंकड़ा अभी भी सामान्य बारिश से पीछे है। इस अवधि में प्रदेश में सामान्य तौर पर 359.6 मिलीमीटर यानी लगभग 14.1 इंच बारिश होनी चाहिए थी।
बारिश की कमी में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। 20 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण अब यह कमी घटकर 10 प्रतिशत रह गई है। मौसम विभाग का कहना है कि यदि जुलाई के अंतिम दिनों में भी अच्छी बारिश जारी रहती है तो प्रदेश में वर्षा का अंतर और कम हो सकता है।
MP के पूर्वी हिस्से में अभी भी करीब 13 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में यह कमी लगभग 6 प्रतिशत है।
50 से ज्यादा जिलों में बारिश के आसार
MP मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले पांच जिलों के अलावा प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल सहित कई जिलों में बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कई जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई के आखिरी सप्ताह में मानसून की सक्रियता बनी रहने की संभावना है। इससे प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है।
41 जिलों में अभी भी बारिश सामान्य से कम
लगातार बारिश के बावजूद प्रदेश के 41 जिले ऐसे हैं, जहां अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं 15 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य या सामान्य से अधिक पहुंच चुका है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में निवाड़ी ऐसा जिला है, जहां सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं कम बारिश वाले जिलों में रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, रायसेन, विदिशा, ग्वालियर, शिवपुरी, धार, बैतूल, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, जबलपुर, कटनी, डिंडौरी और बालाघाट जैसे जिले शामिल हैं।
दूसरी ओर आगर-मालवा, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, देवास, हरदा, राजगढ़, खंडवा, खरगोन, नीमच, भिंड, बुरहानपुर और निवाड़ी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
किसानों के लिए राहत की उम्मीद
मानसून की वापसी से प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खरीफ फसलों के लिए जुलाई महीने की बारिश बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। लगातार हो रही बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और फसलों को फायदा मिल सकता है।
हालांकि मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने और कुछ स्थानों पर आवागमन प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में मानसून की सक्रियता अभी बनी हुई है। आने वाले दिनों में यदि इसी तरह बारिश होती रही तो प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा हासिल करने की संभावना बढ़ जाएगी।
