शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर नागदा में विद्यार्थियों और अभिभावकों ने तिरंगा पैदल मार्च निकाला। पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर नागदा में तिरंगा पैदल मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
रिपोर्ट: संवाददाता, दैनिक स्वराज वाणी | नागदा
नागदा। शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर गुरुवार शाम नागदा में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने तेज बारिश के बीच हाथों में तिरंगा लेकर पैदल मार्च निकाला। यह मार्च दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध, लगातार हो रहे पेपर लीक तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आयोजित किया गया।
यात्रा का नेतृत्व समाजसेवी बसंत मालपानी ने किया। पैदल मार्च थाना चौराहे से प्रारंभ होकर एम.जी. रोड, जवाहर मार्ग होते हुए बस स्टैंड स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा तक पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ।
बसंत मालपानी ने क्या कहा
यात्रा के समापन पर संयोजक बसंत मालपानी ने कहा कि देशभर में लाखों छात्र पेपर लीक और बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनसे संवाद करने के बजाय बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि “घर में बैठने से क्रांति नहीं आएगी, यह दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने पूरे देश को बता दिया है।”
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने वर्ष 2014 से अब तक हुए सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों को कठोर सजा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा छात्र-छात्राओं पर हुए कथित अत्याचार के लिए सरकार से सार्वजनिक माफी की मांग की।
अन्य वक्ताओं ने भी उठाई मांग
इस अवसर पर चेतन यादव, सुनीता गुर्जर, अनुराग गुप्ता और कीर्ति मालपानी ने भी सभा को संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित करने के लिए शिक्षा व्यवस्था में सुधार अत्यंत आवश्यक है और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
बच्चों ने कही भावुक बात
मार्च में शामिल दो नन्हे बच्चों राजवीर देवड़ा एवं हर्षाली देवड़ा ने मीडिया से कहा, “नहीं पढ़ो तो मम्मी-पापा और टीचर मारते हैं, और पढ़ाई की बात करो तो पुलिस मारती है।” बच्चों की यह बात वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गई।
बड़ी संख्या में रहे मौजूद
कार्यक्रम में अशोक मीणा, कय्यूम मेव, रवि चौहान, यशपाल सिंह सिसोदिया, राजेंद्र झाला, जुम्मन खान, नरेंद्र सिंह देवड़ा, वीरेन्द्र मालपानी, आसिफ शेख, हितेन्द्र शुक्ला, राकेश जिंदल, यश मेहता, विनय सिंगोटिया, वंश सोलंकी, ऋतिक जैन, चितवन मालपानी, फैज़ान मेव, तन्मय मालपानी, केशव पोरवाल, अक्षत माहेश्वरी, अर्हम जैन, अंशु चौहान, कृष्णा चौहान, भूमि मालपानी, पीयूष गौड़, अथर्व चौहान सहित अनेक विद्यार्थी, उनके अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में पेपर लीक से प्रभावित और आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।


