श्रद्धा और भक्ति के बीच पूज्य साध्वी अमृतरसा श्री जी म.सा का महिदपुर रोड में ऐतिहासिक मंगल प्रवेश
चातुर्मास के लिए पधारी साध्वीश्री का समाजजनों ने किया भव्य स्वागत, उमड़ा आस्था का जनसैलाब
महिदपुर रोड। धर्म, आस्था और भक्ति के अद्भुत संगम के बीच गुरुवार को महिदपुर रोड नगर में परम पूज्य साध्वी श्री अमृतरसा श्री जी महाराज साहब आदि ठाणा-3 का ऐतिहासिक एवं भव्य मंगल प्रवेश हुआ। साध्वीश्री के नगर आगमन को लेकर जैन समाज सहित विभिन्न समाजों के लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही नगर का वातावरण धार्मिक जयकारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा।
साध्वीश्री के मंगल प्रवेश अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भव्य शोभायात्रा में बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़े, ताशा पार्टी, आकर्षक रथ और धार्मिक झांकियां प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह स्वागत द्वार सजाकर साध्वीश्री का अभिनंदन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
पारस पेट्रोलियम से शुरू हुआ भव्य मंगल प्रवेश
पूज्य साध्वी अमृतरसा श्री जी म.सा का मंगल प्रवेश गुरुवार सुबह 9:30 बजे पारस पेट्रोलियम, नागदा रोड से प्रारंभ हुआ। शोभायात्रा में परमात्मा नेमिनाथ भगवान, गुरुदेव राजेंद्र सूरी जी महाराज एवं पुण्य सम्राट की मनोहारी रथ यात्रा विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
मंगल प्रवेश यात्रा में जावरा महिला परिषद का सुमधुर बैंड, इंदौर, खाचरोद, जावरा, महिदपुर सिटी, आलोट और महिदपुर रोड की महिला परिषदों की आकर्षक वेशभूषा ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
श्रद्धालु परमात्मा के जयकारे लगाते हुए भक्ति में लीन होकर चल रहे थे। पूरे मार्ग में धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण दिखाई दिया।

विभिन्न समाजों ने किया स्वागत
साध्वीश्री के मंगल प्रवेश को लेकर केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि नगर के अन्य समाजों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। पोरवाल, सिख, माहेश्वरी, ब्राह्मण, विश्वकर्मा सहित अन्य समाजों के प्रतिनिधियों ने शोभायात्रा का स्वागत किया।
नगर के विभिन्न स्थानों पर स्वागत द्वार बनाए गए थे। समाजजनों ने साध्वीश्री की गहुली कर उनका अभिनंदन किया और मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु नाचते-गाते और भक्ति भाव में डूबे नजर आए। पूरे नगर में धार्मिक उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
दो घंटे बाद धर्मसभा में परिवर्तित हुआ कार्यक्रम
मंगल प्रवेश शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए लगभग दो घंटे बाद कार्यक्रम स्थल पहुंची, जहां इसका रूपांतरण धर्मसभा में हुआ।
धर्मसभा के शुभारंभ अवसर पर आमंत्रित अतिथियों, क्षेत्रीय विधायक एवं जैन समाज के गौरव दिनेश जैन बौस, परिषद एवं श्रीसंघ के राष्ट्रीय पदाधिकारियों द्वारा परमात्मा एवं गुरुदेव के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण किया गया।
चातुर्मास समिति की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। परिषद एवं श्रीसंघ की महिलाओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, जिसने वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया।

चार माह के चातुर्मास के लिए स्थापित होंगे धार्मिक आयोजन
मंगल प्रवेश के अवसर पर आगामी चार माह तक चलने वाले चातुर्मास के लिए विभिन्न धार्मिक लाभार्थियों द्वारा सेवाएं एवं धार्मिक व्यवस्थाओं का लाभ लिया गया।
मंगल कलश स्थापना का लाभ अजय कुमार एवं आशीष कुमार चौरड़िया परिवार द्वारा लिया गया। अखंड दीपक का लाभ सैनिक कुमार एवं सुभाष चंद्र चत्तर परिवार नामली द्वारा लिया गया।
साध्वीश्री को कमली ओढ़ाने का लाभ समरतमल, शुभम कुमार एवं संकेश कुमार चौरड़िया परिवार द्वारा प्राप्त किया गया। वहीं गुरु पूजा का लाभ सुधीर कुमार एवं महावीर कुमार पावेचा परिवार धार द्वारा लिया गया।
इन धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाजजनों ने अपनी श्रद्धा और भक्ति प्रकट की।
संगीत और भक्ति कार्यक्रम ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध संगीतकार आयुष बोहरा ने मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। उनके भक्ति गीतों से उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
संगीतमय प्रस्तुतियों के बीच पूरा वातावरण धार्मिक ऊर्जा से भर गया। श्रद्धालुओं ने भजनों का आनंद लेते हुए साध्वीश्री के मंगल प्रवेश को यादगार बनाया।
ग्राम पंचायत ने दिया नगर अतिथि का दर्जा
महिदपुर रोड ग्राम पंचायत की ओर से भी साध्वीश्री के आगमन को विशेष सम्मान दिया गया। ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती रितु सत्यनारायण पाटीदार ने चातुर्मास हेतु पधारी पूज्य साध्वी डॉ. अमृतरसा श्री जी म.सा को नगर अतिथि का दर्जा प्रदान किया।
उन्होंने कहा कि साध्वीश्री का नगर में आगमन पूरे क्षेत्र के लिए सौभाग्य और आध्यात्मिक प्रेरणा का अवसर है। चातुर्मास के दौरान होने वाले धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
साध्वी अमृतरसा श्री जी ने दिया धर्म आराधना का संदेश
धर्मसभा को संबोधित करते हुए पूज्य साध्वी श्री अमृतरसा श्री जी महाराज साहब ने कहा कि चातुर्मास आत्म साधना, धर्म आराधना, त्याग और तपस्या का श्रेष्ठ अवसर होता है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को इन चार महीनों में अपने जीवन को बेहतर बनाने, आत्म चिंतन करने और धार्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। चातुर्मास केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्म सुधार और जीवन को सफल बनाने का अवसर है।
साध्वीश्री ने श्रद्धालुओं से नियमित धर्म आराधना करने, अच्छे विचारों को अपनाने और सेवा भावना के साथ जीवन जीने का आह्वान किया।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने लिया धर्म लाभ
इस भव्य मंगल प्रवेश कार्यक्रम में इंदौर, उज्जैन, नागदा, खाचरोद, महिदपुर, आलोट, नामली सहित कई स्थानों से जैन समाज के श्रद्धालु शामिल हुए।
श्रद्धालुओं ने साध्वीश्री के दर्शन कर धर्म लाभ प्राप्त किया और चातुर्मास के दौरान होने वाले धार्मिक आयोजनों में सहभागी बनने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन पारस लुणावत ने किया। श्रीसंघ अध्यक्ष अजय चोरड़िया एवं चातुर्मास समिति अध्यक्ष परेश चत्तर ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी महानुभावों, समाजजनों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जैन समाज के मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने बताया कि साध्वीश्री के चातुर्मास प्रवास से नगर में धार्मिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी और आने वाले चार माह तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
