मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का राजगढ़ में भव्य स्वागत, शनि मंदिर के वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का किया विमोचन
महेश कुमार वर्मा
सरदारपुर तहसील संवाददाता
स्थान – राजगढ़, दत्तीगांव
भाभरा प्रवास के दौरान दत्तीगांव बंगले पर हुआ स्वागत
Rajgarh (धार)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भाभरा प्रवास के दौरान राजगढ़ में उनका भव्य स्वागत किया गया। भंवर मृत्युंजयसिंह दत्तीगांव के नेतृत्व में दत्तीगांव बंगले पर आयोजित स्वागत समारोह में मुख्यमंत्री का 51 किलोग्राम की पुष्पमाला पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर जान्हवी सिंह दत्तीगांव ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
शनि-शीतला माता मंदिर का चित्र किया भेंट
स्वागत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को राजगढ़ स्थित श्री शनि-शीतला माता मंदिर का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से अभिनंदन किया गया और क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से उन्हें अवगत कराया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, मंदिर समिति के पदाधिकारी, भाजपा कार्यकर्ता तथा स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए प्रदेश के विकास और क्षेत्र के धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने राजगढ़ के ऐतिहासिक श्री बरगद वाले शनिदेव मंदिर की वैश्विक पहचान बनने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। मंदिर समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को मंदिर की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विशेषताओं की जानकारी दी तथा बताया कि यह मंदिर अपनी अनूठी परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के कारण देश-विदेश में विशेष पहचान बना चुका है। मुख्यमंत्री ने मंदिर समिति और स्थानीय नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक स्थल न केवल आस्था के केंद्र हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, विरासत और पर्यावरण संरक्षण का भी सशक्त संदेश देते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि राजगढ़ का यह मंदिर आने वाले समय में धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।
शनि मंदिर को मिले वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का किया विमोचन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सामाजिक कार्यकर्ता अक्षय भंडारी के प्रयासों से राजगढ़ के प्राचीन श्री बरगद वाले शनिदेव मंदिर को प्राप्त 11 प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रमाण-पत्रों का विमोचन किया।
इस दौरान मंदिर समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को मंदिर के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी।
मंदिर की अनूठी विशेषताओं से हुए अवगत
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि श्री बरगद वाले शनिदेव मंदिर अपनी कई विशिष्टताओं के कारण देश-विदेश में पहचान बना चुका है। यहां विशाल बरगद वृक्ष की जड़ों के मध्य स्वयंभू शनिदेव की प्रतिमा विराजमान है, जिसे अत्यंत दुर्लभ माना जाता है।
मंदिर में सिंदूरी स्वरूप में शनिदेव की पूजा, शनि और सूर्य के अद्वितीय संयोग तथा “प्रकृति देवो भवः” की भावना पर आधारित पर्यावरण-अनुकूल परिसर इसकी विशेष पहचान हैं।
11 अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने किया सम्मानित
श्री बरगद वाले शनिदेव मंदिर को वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, अमेजिंग वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, ओएमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, आईईए बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, एशिया कॉलिंग एक्सीलेंस बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और लिंकन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सहित कुल 11 प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्था एप्लाइड एनवायरनमेंटल रिसर्च फाउंडेशन (AERF) ने भी मंदिर परिसर में स्थित ऐतिहासिक बरगद वृक्ष के संरक्षण के लिए मंदिर समिति को सम्मानित किया है।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदिर समिति और राजगढ़ के नागरिकों को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का यह अनूठा संगम पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल राजगढ़ नगर या धार जिले के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। ऐसे प्रयास प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी सशक्त संदेश देते हैं।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि
कार्यक्रम में राजीव सिंह ठाकुर, दिनेश पांडे, सरपंच प्रतिनिधि मुनसिंह वसुनिया, महेश पंडित, प्रकाश पंडित, कान्हा जी सिंदड़ा, अंतिम राठौड़, अक्षय भंडारी, मितांशु सोनी, मोहित वागरेचा, महेश शर्मा, सचिन परदेशी, विक्की भाटी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन मुख्यमंत्री के सम्मान और मंदिर की उपलब्धियों पर हर्ष व्यक्त करते हुए किया गया।
