NEET UG 2026 परिणाम पर शहडोल की छात्रा ने उठाए सवाल, 593 की उम्मीद के बावजूद मिले 381 अंक
OMR शीट उपलब्ध कराने और परिणाम की पुनः जांच की मांग, छात्रा ने NTA से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार
रिपोर्ट – संभाग ब्यूरो प्रमुख सुनील रैदास, दैनिक स्वराज वाणी
शहडोल। राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 के परिणाम को लेकर शहडोल की छात्रा पारल यादव ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। छात्रा का कहना है कि आधिकारिक उत्तर कुंजी के आधार पर उसके अंक काफी अधिक होने चाहिए थे, लेकिन घोषित परिणाम में उसे अपेक्षा से काफी कम अंक मिले हैं। छात्रा ने इस मामले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से अपनी स्कैन की गई OMR शीट उपलब्ध कराने और परिणाम की दोबारा जांच कराने की मांग की है।
छात्रा के अनुसार, उसने परीक्षा के बाद जारी आधिकारिक उत्तर कुंजी से अपने उत्तरों का मिलान किया था। इस मिलान के आधार पर उसे लगभग 593 अंक मिलने की उम्मीद थी। लेकिन जब NTA द्वारा परिणाम घोषित किया गया तो उसमें उसके खाते में केवल 381 अंक दर्ज थे। इसके साथ ही उसे 83.82 पर्सेंटाइल और ऑल इंडिया रैंक 3,21,447 प्राप्त हुई।
छात्रा का कहना है कि उत्तरों के अनुसार अनुमानित अंक और परिणाम में मिले अंकों के बीच बड़ा अंतर होने के कारण उसे संदेह हुआ कि कहीं मूल्यांकन प्रक्रिया में कोई त्रुटि तो नहीं हुई है। इसी कारण उसने परीक्षा एजेंसी से पारदर्शिता के साथ मामले की जांच करने का अनुरोध किया है।
उत्तर कुंजी से मिलान के बाद सामने आया अंतर
पारल यादव ने बताया कि NEET UG परीक्षा के बाद जब NTA द्वारा उत्तर कुंजी जारी की गई, तब उसने अपने प्रश्न पत्र के उत्तरों का मिलान किया। उत्तर कुंजी के अनुसार उसके सही उत्तरों की संख्या के आधार पर अनुमान लगाया गया कि उसका स्कोर करीब 593 अंक हो सकता है।
हालांकि, जब अंतिम परिणाम जारी हुआ तो उसमें 381 अंक दर्शाए गए। छात्रा का कहना है कि लगभग 200 से अधिक अंकों का अंतर सामान्य स्थिति नहीं माना जा सकता, इसलिए वह इस अंतर का कारण जानना चाहती है।
उसने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में एक-एक अंक महत्वपूर्ण होता है। विशेष रूप से NEET जैसी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलता है। ऐसे में परिणाम में किसी भी प्रकार की गलती विद्यार्थी के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
OMR शीट नहीं मिलने से सत्यापन में परेशानी
छात्रा ने बताया कि वह अपनी स्कैन की गई OMR शीट प्राप्त करना चाहती है, ताकि वह यह देख सके कि उसके द्वारा दिए गए उत्तरों का मूल्यांकन सही तरीके से हुआ है या नहीं।
उसका कहना है कि OMR शीट उपलब्ध नहीं होने के कारण वह अपने उत्तरों और प्राप्त अंकों का पूर्ण सत्यापन नहीं कर पा रही है। उसने NTA को ई-मेल के माध्यम से अपनी शिकायत भेजी है और मांग की है कि उसे OMR शीट उपलब्ध कराई जाए।
छात्रा ने यह भी अनुरोध किया है कि उसके उत्तरों का पुनर्मूल्यांकन या पुनः सत्यापन कराया जाए, जिससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
भविष्य और मेडिकल प्रवेश को लेकर चिंता
NEET UG परीक्षा देशभर के लाखों विद्यार्थियों के लिए मेडिकल शिक्षा में प्रवेश का प्रमुख माध्यम है। इस परीक्षा में प्राप्त रैंक के आधार पर विद्यार्थियों का भविष्य तय होता है।
पारल यादव का कहना है कि परिणाम में आए इस अंतर के कारण वह मानसिक तनाव में है। उसे चिंता है कि यदि समय रहते मामले का समाधान नहीं हुआ तो मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उसने कहा कि वह केवल अपने परिणाम की सही जानकारी चाहती है और यदि मूल्यांकन में कोई गलती हुई है तो उसे सुधारने का अवसर मिलना चाहिए।
NTA से निष्पक्ष जांच की मांग
छात्रा ने NTA से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए। उसने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना विद्यार्थियों के विश्वास के लिए आवश्यक है।
उसका कहना है कि यदि किसी विद्यार्थी को अपने परिणाम को लेकर कोई संदेह होता है तो उसे अपनी OMR शीट और उत्तरों के सत्यापन की सुविधा मिलनी चाहिए।
छात्रा ने उम्मीद जताई है कि परीक्षा एजेंसी उसकी शिकायत पर ध्यान देगी और उचित कार्रवाई करेगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता का महत्व
NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लाखों विद्यार्थी भाग लेते हैं। ऐसे में परीक्षा संचालन, उत्तरों के मूल्यांकन और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
विद्यार्थियों का मानना है कि उन्हें अपने प्रदर्शन की सही जानकारी मिलना उनका अधिकार है। OMR शीट और उत्तरों के सत्यापन जैसी सुविधाएं परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखने में सहायक होती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी अभ्यर्थी को परिणाम को लेकर आपत्ति है तो निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से शिकायत दर्ज कराना उचित कदम होता है। परीक्षा एजेंसी द्वारा शिकायतों का समय पर समाधान विद्यार्थियों के हित में होता है।
छात्रा को जांच से समाधान की उम्मीद
पारल यादव ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी संस्था पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि अपने परिणाम की वास्तविक स्थिति जानना है। वह चाहती है कि उसके मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से हो और यदि कोई त्रुटि सामने आती है तो उसे सुधारा जाए।
उसने कहा कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के लिए परीक्षा परिणाम जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इसलिए परिणाम में किसी भी प्रकार की विसंगति को दूर करना जरूरी है।
NTA की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
अब सभी की नजर NTA की प्रतिक्रिया और आगे की प्रक्रिया पर बनी हुई है। यदि एजेंसी द्वारा छात्रा की शिकायत पर जांच की जाती है तो मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
NEET UG 2026 परिणाम को लेकर उठे इस मामले ने एक बार फिर परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, अभ्यर्थियों को सत्यापन की सुविधा और शिकायतों के त्वरित समाधान की आवश्यकता को उजागर किया है। छात्रा और उसके परिवार को उम्मीद है कि संबंधित एजेंसी मामले की गंभीरता को समझते हुए उचित निर्णय लेगी।
