“नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के सातवें दिन जिला भर में जागरूकता कार्यक्रम, विद्यार्थियों और ग्रामीणों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ
दैनिक स्वराज वाणी रिपोर्टर खलील मंसूरी
आलीराजपुर। मध्यप्रदेश शासन एवं पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार तथा पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह के मार्गदर्शन में संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के सातवें दिन जिला आलीराजपुर में व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। अभियान के तहत विद्यालयों, हाट-बाजारों, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया तथा स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया।
जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाना, युवाओं को सही दिशा देना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जनसहभागिता बढ़ाना है। अभियान के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया।
मॉडल स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम और शपथ
अभियान के अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) आलीराजपुर डॉ. शक्ति सिंह चौहान, थाना प्रभारी सोनु सिटोले तथा साइबर सेल टीम ने शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि परिवार, समाज और भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और अपने साथियों को भी जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई तथा जागरूकता सेल्फी अभियान के माध्यम से अभियान का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

हाट-बाजारों में नुक्कड़ नाटक के जरिए दिया संदेश
थाना बखतगढ़ एवं आम्बुआ पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्र के साप्ताहिक हाट-बाजारों में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से बताया कि नशे की लत व्यक्ति को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से कमजोर बना देती है।
ग्रामीणों ने भी इन प्रस्तुतियों को गंभीरता से देखा और पुलिस के इस प्रयास की सराहना की। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है तो उसे उपचार और परामर्श के लिए प्रेरित करें।
विद्यालयों में विद्यार्थियों को किया जागरूक
थाना कठ्ठीवाड़ा पुलिस ने शासकीय विद्यालय भूरीआम्बा में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, अनुशासित जीवन अपनाने और शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी। वहीं थाना नानपुर पुलिस ने शासकीय हाई स्कूल फाटा में छात्र-छात्राओं को नशे के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों से अवगत कराया।
थाना बोरी पुलिस ने कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं के बीच विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें सुरक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में प्रेरित किया। अधिकारियों ने कहा कि युवा पीढ़ी यदि नशे से दूर रहेगी तो समाज का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।

रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को किया जागरूक
थाना जोबट पुलिस ने रेलवे स्टेशन परिसर में यात्रियों और आम नागरिकों के बीच जन-जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाली हानियों, अपराधों में बढ़ोतरी तथा पारिवारिक जीवन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। यात्रियों से भी अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और समाज में जागरूकता फैलाने में सहयोग करें।
जनभागीदारी से सफल होगा अभियान
जिला पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और युवाओं को मिलकर नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैलानी होगी।
उन्होंने कहा कि यदि परिवार और समाज मिलकर युवाओं को सही मार्गदर्शन दें तो नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
अभियान रहेगा लगातार जारी
जिला पुलिस आलीराजपुर ने बताया कि “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा। इसके तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्रामों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां, नुक्कड़ नाटक, शपथ ग्रहण, संवाद कार्यक्रम और अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
पुलिस प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे नशे से दूर रहें, अपने परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करें तथा एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

संदेश:
“नशे से दूरी है ज़रूरी — स्वस्थ युवा, सशक्त समाज और सुरक्षित भविष्य की पहचान।”
