माँ रेवा घाट निर्माण के लिए ग्राम वायल ने दिखाई मिसाल, जनसहयोग से जुटे ₹6.11 लाख
संवाददाता : कौशिक पण्डित
Manawar (धार)। धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और जनभागीदारी का प्रेरणादायक उदाहरण उस समय देखने को मिला जब ग्राम सेमल्दा में प्रस्तावित माँ रेवा घाट निर्माण के लिए चलाए जा रहे जनसहयोग अभियान के अंतर्गत ग्राम वायल के ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर आर्थिक सहयोग प्रदान किया। मात्र दो दिनों के दान संग्रह अभियान में ग्रामवासियों ने कुल ₹6 लाख 11 हजार की दान राशि की घोषणा कर घाट निर्माण के प्रति अपनी गहरी आस्था और समर्पण का परिचय दिया।
माँ रेवा घाट निर्माण समिति द्वारा 20 एवं 21 जुलाई 2026 को ग्राम वायल में घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया गया। समिति के सदस्यों ने ग्रामीणों को प्रस्तावित घाट निर्माण की आवश्यकता, उसकी उपयोगिता और सामाजिक महत्व से अवगत कराया। ग्रामीणों ने इस पुण्य कार्य को अपना दायित्व मानते हुए खुले दिल से सहयोग किया और अभियान को सफल बनाया।
हर समाज ने निभाई अपनी जिम्मेदारी
दान संग्रह अभियान की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह रही कि इसमें ग्राम वायल के सभी समाजों ने एकजुट होकर सहभागिता निभाई। पाटीदार समाज के 93 परिवारों ने सबसे अधिक सहयोग करते हुए ₹5,46,800 की राशि दान स्वरूप प्रदान की। वहीं धनगर समाज, भिलाला समाज, सेन समाज, ब्राह्मण समाज, हरिजन समाज तथा मानकर समाज के नागरिकों ने भी सामूहिक रूप से ₹64,200 का योगदान देकर सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और धार्मिक आस्था का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। विभिन्न समाजों की इस सहभागिता ने यह संदेश दिया कि जब उद्देश्य जनहित और धर्म सेवा का हो, तब समाज के सभी वर्ग बिना किसी भेदभाव के एक मंच पर आकर सहयोग करते हैं।
माँ रेवा घाट निर्माण समिति ने सभी दानदाताओं और ग्रामवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान केवल धन संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की धार्मिक चेतना, सामाजिक एकता और सामूहिक उत्तरदायित्व का प्रतीक बन गया है। समिति ने विश्वास जताया कि इसी प्रकार का जनसहयोग भविष्य में भी मिलता रहा तो माँ रेवा घाट का निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण होगा और यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए आस्था, सेवा और सामाजिक सहयोग का प्रेरणास्रोत बनेगा।

कैलाश पटेल ने दिए ₹51 हजार
दान संग्रह अभियान के दौरान ग्राम वायल के निवासी कैलाश पटेल (स्वर्गीय मोतीलाल जी पटेल) ने माँ रेवा घाट निर्माण के पवित्र कार्य के लिए ₹51,000 की राशि फोनपे के माध्यम से दान कर विशेष सहयोग प्रदान किया। उनके इस योगदान को ग्रामीणों और माँ रेवा घाट निर्माण समिति ने अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए सराहना की। समिति के सदस्यों ने कहा कि समाज में ऐसे दानवीर और सेवाभावी नागरिक ही जनहित के कार्यों को गति देते हैं। कैलाश पटेल का यह सहयोग केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनसेवा की भावना का प्रतीक है।
ग्रामीणों ने भी उनके इस योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे अन्य लोग भी समाज और धर्म के कार्यों में आगे आने के लिए प्रेरित होंगे। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि इसी प्रकार जनसहयोग मिलता रहा तो माँ रेवा घाट निर्माण का कार्य शीघ्र पूर्ण होगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। समिति ने कैलाश पटेल एवं उनके परिवार के उज्ज्वल भविष्य, सुख-समृद्धि और माँ नर्मदा की कृपा की कामना करते हुए उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
जनसहयोग से साकार होगा माँ रेवा घाट का सपना
माँ रेवा घाट निर्माण समिति ने सभी दानदाताओं, ग्रामवासियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह घाट केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक होगा। समिति ने विश्वास जताया कि इसी प्रकार जनसहयोग मिलता रहा तो निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण होगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
समिति ने माँ नर्मदा से प्रार्थना की कि सभी दानदाताओं और उनके परिवारों पर सदैव अपनी कृपा बनाए रखें तथा उन्हें सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्रदान करें।
ग्राम पंचायत वायल के उपसरपंच दिनेश पटेल ने बताया कि ग्रामीणों ने जिस उत्साह और श्रद्धा के साथ इस अभियान में भाग लिया, वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ग्रामवासी ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में इसी तरह सहयोग करते रहेंगे।
