स्वराज वाणी | साहित्य विशेष
मेरी कविताओं से संवाद
कवि Ajay Singh Shekhawat ‘अनमोल’, नागदा की भावनात्मक रचना
कविता केवल शब्दों का समूह नहीं होती, बल्कि यह कवि के मन की संवेदनाओं, संघर्षों और अनुभवों की अभिव्यक्ति होती है। जब जीवन में परिस्थितियां कठिन होती हैं, जब अपने भी साथ छोड़ देते हैं, तब कई बार शब्द ही ऐसे साथी बन जाते हैं जो हर परिस्थिति में साथ निभाते हैं।
कवि अजय सिंह शेखावत ‘अनमोल’, नागदा की रचना “मेरी कविताओं से संवाद” इसी भाव को व्यक्त करती है। इस कविता में कवि अपनी कविताओं से आत्मीय बातचीत करते हुए अपने मन की उलझनों, संघर्षों और भावनात्मक जुड़ाव को प्रस्तुत करते हैं।
कवि कहते हैं—
“क्यों मन मेरा उलझ गया,
इस जग की अफ़वाहों में?
क्यों मुझसे मुख मोड़ लिया,
मेरी इन कविताओं ने?”
इन पंक्तियों में कवि अपने भीतर चल रहे द्वंद्व को व्यक्त करते हैं। संसार की बातों, अफवाहों और परिस्थितियों के बीच मन कभी-कभी अपने सबसे प्रिय साथी से भी दूरी महसूस करने लगता है। कवि अपनी रचनाओं से सवाल करते हैं कि क्या कहीं वह स्वयं ही अपनी भावनाओं और शब्दों को समझने में पीछे रह गए हैं।
आगे कवि आत्ममंथन करते हुए लिखते हैं—
“अज्ञानी की भाँति क्या,
तुमको समझ न पाया मैं?
जग की झूठी बातों में,
क्या तुमको बिसराया मैं?”
यह भाव बताता है कि कविता कवि के लिए केवल लेखन नहीं, बल्कि आत्मा का एक हिस्सा है। बाहरी दुनिया की नकारात्मकताओं के बीच भी कवि अपने सृजन से जुड़े रहना चाहते हैं।
कवि अपने संघर्षों को याद करते हुए कहते हैं—
“कितने ही संघर्षों से,
मैंने तुमको पाया है।
सबने साथ छोड़ दिया,
तुमने साथ निभाया है।।”
ये पंक्तियां जीवन के उस सत्य को उजागर करती हैं कि कठिन समय में सच्चा साथ अक्सर वही देता है जो हमारे भीतर मौजूद होता है। कविता कवि के लिए आशा, विश्वास और शक्ति का माध्यम बन जाती है।
रचना के अगले चरण में कवि कविता को अपना सबसे बड़ा सहारा बताते हुए लिखते हैं—
“संघर्षों के इस जीवन में,
तुम ही मेरी साथी हो।
मैं हूँ जलती ज्योति एक,
तुम ही मेरी बाती हो।।”
यह उपमा अत्यंत सुंदर है। जिस प्रकार दीपक की लौ को जलते रहने के लिए बाती की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार कवि के जीवन में कविता ऊर्जा और प्रकाश का कार्य करती है।
अंत में कवि अपनी कविताओं से एक वचन मांगते हैं—
“एक वचन मुझको दो कि,
तुम मुझको न छोड़ोगी।
चाहे जितने संकट आए,
मुझसे मुख न मोड़ोगी।।”
इन पंक्तियों में कवि और कविता के बीच अटूट संबंध दिखाई देता है। यह केवल एक रचनाकार और उसकी रचना का रिश्ता नहीं, बल्कि मनुष्य और उसकी आशाओं का संबंध है।
“मेरी कविताओं से संवाद” एक ऐसी रचना है जो बताती है कि शब्द केवल भाव व्यक्त नहीं करते, बल्कि जीवन के कठिन रास्तों पर मनुष्य को संभालने का कार्य भी करते हैं। कविता संघर्षों में विश्वास, अकेलेपन में साथी और अंधकार में प्रकाश बन सकती है।
रचनाकार:
अजय सिंह शेखावत ‘अनमोल’
नागदा
संवाददाता : जीवनलाल जैन
