गो संरक्षण के संकल्प के साथ Mau से खाटू धाम खुजनेर तक निकलेगी भव्य पदयात्रा, गौसेवा का संदेश पहुंचाएगी ‘गो सम्मान आह्वान यात्रा’
मनोज कुमार पुष्पत की रिपोर्ट
पडाना। गौमाता के सम्मान, संरक्षण और सेवा के संकल्प को लेकर ग्राम मऊ स्थित माँ दुर्गा गौशाला के तत्वावधान में एक विशेष धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन किया जा रहा है। गौसेवा और गौसंरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘गो सम्मान आह्वान पदयात्रा’ निकाली जाएगी। यह पदयात्रा ग्राम मऊ की माँ दुर्गा गौशाला से प्रारंभ होकर खुजनेर स्थित प्रसिद्ध खाटू धाम तक पहुंचेगी।
आयोजकों के अनुसार यह भव्य पदयात्रा आगामी एकादशी, दिनांक 25 को आयोजित की जाएगी। धार्मिक आस्था और सामाजिक संदेश से जुड़ी इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, गौभक्तों और क्षेत्रवासियों के शामिल होने की संभावना है। पदयात्रा का आयोजन श्री 108 महंत श्री गुरु चरण दास जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न होगा।
गौसेवा और संरक्षण का दिया जाएगा संदेश
माँ दुर्गा गौशाला समिति ने बताया कि इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में गौमाता के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना और गौसंरक्षण के महत्व को लोगों तक पहुंचाना है। भारतीय संस्कृति में गौवंश को विशेष स्थान प्राप्त है और धार्मिक परंपराओं में भी गौसेवा को पुण्य कार्य माना गया है।
आयोजकों का कहना है कि वर्तमान समय में गौवंश की सुरक्षा, देखभाल और संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। इसी उद्देश्य के साथ यह पदयात्रा आयोजित की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग गौसेवा से जुड़ें और इस दिशा में सकारात्मक योगदान दे सकें।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जागरूकता का प्रयास
‘गो सम्मान आह्वान पदयात्रा’ केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का माध्यम भी है। यात्रा के दौरान गौमाता की सेवा, पशु संरक्षण और पर्यावरण संतुलन जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
समिति के सदस्यों ने बताया कि गौसंरक्षण केवल धार्मिक भावना से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी इसका गहरा संबंध है। गौवंश के संरक्षण से ग्रामीण जीवन, कृषि व्यवस्था और प्राकृतिक संतुलन को मजबूती मिलती है।
श्रद्धालुओं से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील
गौशाला समिति ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे इस पुण्य कार्य में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर पदयात्रा को सफल बनाएं। समिति ने कहा कि सभी श्रद्धालुओं की सहभागिता से यह आयोजन एक बड़े सामाजिक अभियान का रूप ले सकता है।
आयोजकों ने बताया कि पदयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यात्रा मार्ग में जलपान, विश्राम और आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारी की जा रही है, ताकि शामिल होने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
ग्रामीणों में उत्साह का माहौल
पदयात्रा की घोषणा के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों और गौभक्तों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन से जुड़ने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गौसेवा और संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को लेकर होने वाले ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि माँ दुर्गा गौशाला लंबे समय से गौसेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही है और इस पदयात्रा के माध्यम से गौसंरक्षण के संदेश को और व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा है अभियान
आयोजकों ने बताया कि गौसंरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी इस अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। प्रकृति और पशुधन के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए समाज को जागरूक करना जरूरी है। इस प्रकार के आयोजनों से लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
आयोजन को सफल बनाने की तैयारी तेज
माँ दुर्गा गौशाला समिति द्वारा पदयात्रा की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। व्यवस्थाओं को लेकर कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। यात्रा के सुचारू संचालन, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
समिति ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे परिवार सहित इस आयोजन में शामिल हों और गौसेवा के इस अभियान को सफल बनाएं। आयोजकों का विश्वास है कि बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से यह पदयात्रा क्षेत्र में गौसंरक्षण के प्रति जागरूकता का नया संदेश देगी।
मऊ से खुजनेर तक निकलने वाली यह पदयात्रा धार्मिक श्रद्धा, सामाजिक एकता और गौसेवा के संकल्प का प्रतीक बनेगी।
