पर्यावरण संरक्षण की शपथ के साथ पौधारोपण: आमला में जन अभियान परिषद ने मनाया स्वैच्छिकता पर्व, विद्यार्थियों को किया जागरूक
आमला | स्वराज वाणी | ब्यूरो चीफ – जयंत गोहे
मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सहभागिता और सामुदायिक नेतृत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बैतूल जिले के आमला स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर शासकीय महाविद्यालय में एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम की समीक्षा, परिषद के स्थापना दिवस पर स्वैच्छिकता पर्व का आयोजन, पौधारोपण अभियान तथा पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त भारत की शपथ जैसे कई महत्वपूर्ण आयोजन किए गए।
कार्यक्रम में परिषद के संभागीय एवं जिला स्तरीय अधिकारियों, नवांकुर संस्था के प्रतिनिधियों, महाविद्यालय के विद्यार्थियों, परामर्शदाताओं तथा ग्राम एवं नगर विकास प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सेवा और सामुदायिक नेतृत्व की भावना विकसित करना रहा।
मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम की हुई समीक्षा
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय में विद्यार्थियों के प्रवेश और पाठ्यक्रम की प्रगति की समीक्षा से हुई।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के संभाग समन्वयक कौशलेश तिवारी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि यह पाठ्यक्रम युवाओं को केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि सामुदायिक नेतृत्व का उद्देश्य समाज की समस्याओं को समझना, समाधान के लिए लोगों को जोड़ना और जनभागीदारी के माध्यम से विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है।
विद्यार्थियों को समाज सेवा से जुड़ने का आह्वान
संभाग समन्वयक श्री तिवारी ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित न रहें, बल्कि समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान और जनकल्याणकारी गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है और यदि विद्यार्थी सामाजिक जिम्मेदारियों को समझकर कार्य करें तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी को दी भावभीनी विदाई
कार्यक्रम के दौरान एक भावुक क्षण तब आया जब मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद की जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी के स्थानांतरण पर उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह एवं शुभकामनाएं भेंट कीं।
वक्ताओं ने कहा कि श्रीमती चौधरी ने अपने कार्यकाल में जन अभियान परिषद की विभिन्न योजनाओं और सामाजिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया तथा युवाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्थापना दिवस पर मनाया गया स्वैच्छिकता पर्व
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में स्वैच्छिकता पर्व भी मनाया गया।
इस अवसर पर विकासखंड समन्वयक अरविंद माथनकर ने परिषद की गतिविधियों, उद्देश्यों तथा सामाजिक अभियानों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि परिषद समाज में जनभागीदारी को बढ़ावा देने, स्वयंसेवा की भावना विकसित करने तथा विभिन्न सामाजिक और पर्यावरणीय अभियानों के माध्यम से आमजन को जागरूक करने का कार्य कर रही है।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे स्वैच्छिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लें और समाज के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
मानसून में पौधारोपण अभियान पर दिया गया विशेष जोर
मानसून के आगमन को देखते हुए कार्यक्रम में व्यापक पौधारोपण अभियान की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
संभाग समन्वयक कौशलेश तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पौधारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि भविष्य की आवश्यकता बन चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
महाविद्यालय परिसर में किया गया पौधारोपण
कार्यक्रम के दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर शासकीय महाविद्यालय परिसर में नवांकुर संस्था के प्रतिनिधियों, परिषद के पदाधिकारियों, विद्यार्थियों एवं परामर्शदाताओं द्वारा सामूहिक पौधारोपण किया गया।
प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।
पौधारोपण के दौरान विद्यार्थियों को वृक्षों के पर्यावरणीय महत्व, जैव विविधता के संरक्षण तथा जलवायु संतुलन में उनकी भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई।
पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त भारत की दिलाई शपथ
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त अभियान की सामूहिक शपथ रही।
सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे—
- अधिक से अधिक पौधे लगाएंगे।
- लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करेंगे।
- सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग कम करेंगे।
- कपड़े या जूट के थैलों का प्रयोग बढ़ाएंगे।
- अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखेंगे।
- पर्यावरण संरक्षण के प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करेंगे।
इस दौरान विद्यार्थियों ने भी पर्यावरण सुरक्षा को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए अभियान से जुड़ने का संकल्प लिया।
युवाओं को पर्यावरण प्रहरी बनने का संदेश
वक्ताओं ने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रह सकता। इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।
विशेष रूप से विद्यार्थियों और युवाओं से अपील की गई कि वे अपने गांव, शहर और शिक्षण संस्थानों में पौधारोपण, स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त अभियान जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से चलाएं।
उन्होंने कहा कि यदि हर युवा पर्यावरण प्रहरी बनकर कार्य करे, तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।
बड़ी संख्या में उपस्थित रहे अधिकारी, प्रतिनिधि और विद्यार्थी
कार्यक्रम में मनोज विश्वकर्मा, प्रमोद हरोड़े, सुम्मरलाल इवने, लखन यादव, डॉ. जगन्नाथ यदुवंशी, राजू यादव, धर्मेंद्र गोचरे, दीपक यादव सहित नवांकुर संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके अलावा ग्राम एवं नगर विकास प्रस्फुटन समिति के सदस्य उषा नागले, रेखा चौकीकर, पूजा साहू, नीतू धोटे, अरविंद पाटणकर, गोपेंद्र बघेल, छोटेलाल बामने तथा परामर्शदाता विशाल नरवरे भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सभी गतिविधियों में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश
पूरे कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जन अभियान परिषद का उद्देश्य समाज में ऐसी जागरूकता पैदा करना है, जिससे नागरिक स्वयं आगे आकर विकास, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता के कार्यों में भागीदारी निभाएं।
निष्कर्ष
आमला के डॉ. भीमराव अंबेडकर शासकीय महाविद्यालय में आयोजित मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद का यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और युवा नेतृत्व को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम की समीक्षा, स्वैच्छिकता पर्व का आयोजन, जिला समन्वयक को भावभीनी विदाई, पौधारोपण अभियान तथा पर्यावरण एवं प्लास्टिक मुक्त भारत की शपथ ने कार्यक्रम को बहुआयामी स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों और समाज के बीच यह संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा, सामाजिक सहयोग और जनभागीदारी के माध्यम से ही एक स्वस्थ, स्वच्छ और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है।
