ग्राम पंचायत भौराखाती में भ्रष्टाचार के आरोप, शांति धाम निर्माण कार्यों में लाखों रुपये के घोटाले का दावा
संवाददाता: राहुल जैन
Ashoknagar। जनपद पंचायत अशोकनगर की ग्राम पंचायत भौराखाती एक बार फिर विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है। पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम मलखेड़ी और बनयाई में स्थित शांति धाम के विकास कार्यों को लेकर लाखों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शांति धाम में सीसी खरंजा निर्माण और तार फेंसिंग के नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि कागजों में विकास कार्य पूरे दिखाए गए, लेकिन मौके पर स्थिति अलग नजर आ रही है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
शांति धाम विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप
जानकारी के अनुसार, ग्राम मलखेड़ी और बनयाई स्थित शांति धामों में सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शासन स्तर से राशि स्वीकृत की गई थी। इसमें शवदाह गृह की व्यवस्था सुधारने, बारिश के दौरान लोगों की सुविधा के लिए सीसी खरंजा निर्माण और सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग जैसे कार्य शामिल थे।
आरोप है कि इन कार्यों के लिए स्वीकृत राशि का पूरा उपयोग नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया और कई जगह केवल औपचारिकता पूरी कर सरकारी राशि निकाल ली गई।
पहली बारिश में खराब होने लगा निर्माण
ग्रामीणों के अनुसार, शांति धाम में बनाए गए सीसी खरंजे की गुणवत्ता बेहद खराब है। उनका दावा है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण पहली बारिश के बाद ही इसकी स्थिति खराब होने लगी है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुसार किया गया होता तो इतनी जल्दी सड़क और अन्य सुविधाएं खराब नहीं होतीं।

फेंसिंग के नाम पर राशि निकालने का आरोप
शांति धाम की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग का कार्य भी प्रस्तावित था। ग्रामीणों का आरोप है कि फेंसिंग के नाम पर भुगतान तो कर दिया गया, लेकिन मौके पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था दिखाई नहीं देती।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शांति धाम परिसर में खुलेआम मवेशी घूमते नजर आते हैं और तार फेंसिंग का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं दिखता।
सरपंच और सचिव पर लगाए आरोप
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव पर मिलीभगत कर सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निर्माण कार्यों की सही जांच किए बिना मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार कर राशि निकाल ली गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचने के बजाय कुछ लोगों के लिए कमाई का माध्यम बन गया है।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
ग्रामीणों ने मांगी निष्पक्ष जांच
मलखेड़ी और बनयाई गांव के निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार विकास कार्यों और खर्च की गई राशि की जानकारी मांगने की कोशिश की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्यों में गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। ग्रामीणों की शिकायतों के बाद यदि जांच शुरू होती है तो निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, भुगतान प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच की जा सकती है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच के माध्यम से वास्तविक स्थिति सामने आएगी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो दोषियों पर कार्रवाई होगी।
ग्राम पंचायत भौराखाती से जुड़े इस मामले ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी योजनाओं के तहत जारी धनराशि का सही उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
