Indore News सुधा सागर जी चातुर्मास दलालबाग को लेकर धर्म प्रभावना समिति से पुनर्विचार की मांग तेज हुई। डॉ. जैनेंद्र जैन और राजेश जैन दद्दू ने दलालबाग को सबसे उपयुक्त स्थल बताते हुए समाज की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की।
बड़ी अपील: धर्म प्रभावना समिति दलालबाग पर करे पुनर्विचार, जगत पूज्य सुधा सागर जी के चातुर्मास को लेकर उठी नई मांग
Indore। सुधा सागर जी चातुर्मास दलालबाग को लेकर दिगंबर जैन समाज में चर्चा तेज हो गई है। धर्म प्रभावना समिति से समाज के वरिष्ठजनों ने निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि जगत पूज्य मुनिश्री सुधा सागर जी महाराज के चातुर्मास जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के लिए ऐसा स्थान होना चाहिए, जहां हजारों श्रद्धालु एक साथ बैठकर प्रवचन सुन सकें तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हों।
धर्म प्रभावना समिति से पुनर्विचार की अपील
सुधा सागर जी चातुर्मास दलालबाग को लेकर डॉ. जैनेंद्र जैन एवं धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि उदासीन आश्रम में चातुर्मास कराने की जिद समाज, संस्कृति और संत परंपरा के हित में नहीं है। उनका मानना है कि इस प्रकार के विराट आयोजन के लिए पर्याप्त स्थान, पार्किंग, सुरक्षा, आवागमन तथा भोजन एवं आहार व्यवस्था एक ही परिसर में उपलब्ध होना आवश्यक है।
दलालबाग को क्यों बताया गया सर्वश्रेष्ठ स्थान
दोनों समाजजनों का कहना है कि वीआईपी मार्ग स्थित दलालबाग इन सभी मानकों पर पूरी तरह खरा उतरता है।
उन्होंने बताया कि—
- हजारों श्रद्धालुओं के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था संभव है।
- विशाल एवं सुरक्षित पार्किंग उपलब्ध है।
- जंगल (शौचालय) एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं मौजूद हैं।
- आहार व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की जा सकती है।
- यातायात की दृष्टि से भी यह स्थान सुविधाजनक है।
इसके अलावा दलालबाग के चारों ओर लगभग 20 से 22 कॉलोनियों में बड़ी संख्या में दिगंबर जैन परिवार निवास करते हैं तथा आसपास 15 दिगंबर जैन मंदिर स्थापित हैं। ऐसे में सुधा सागर जी चातुर्मास दलालबाग आयोजित करना समाज की सुविधा और धार्मिक गरिमा दोनों के अनुरूप बताया जा रहा है।
समाज की भावनाओं का सम्मान जरूरी
समाज के वरिष्ठजनों का कहना है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन में केवल स्थान का चयन नहीं, बल्कि समाज की व्यापक भागीदारी और श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उनका कहना है कि धर्म प्रभावना समिति को सभी पक्षों पर गंभीरता से विचार करते हुए ऐसा निर्णय लेना चाहिए जिससे इंदौर नगर की प्रतिष्ठा और जगत पूज्य मुनिश्री की गरिमा बनी रहे।
डॉ. जैनेंद्र जैन ने क्या कहा
डॉ. जैनेंद्र जैन, पूर्व मंत्री, दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद ने समिति से आग्रह करते हुए कहा कि समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उदासीन आश्रम की जिद छोड़कर दलालबाग से नाता जोड़ा जाए।
राजेश जैन दद्दू ने क्या कहा
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने भी समिति से पुनर्विचार की अपील करते हुए कहा कि चातुर्मास का आयोजन ऐसे स्थान पर होना चाहिए जहां अधिकतम श्रद्धालु सहज रूप से पहुंच सकें और सभी धार्मिक व्यवस्थाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हों।
निष्कर्ष
समाज के वरिष्ठजनों का मानना है कि सुधा सागर जी चातुर्मास दलालबाग का आयोजन न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बल्कि इंदौर नगर की धार्मिक गरिमा और व्यवस्थागत दृष्टि से भी सर्वश्रेष्ठ विकल्प सिद्ध हो सकता है। अब सभी की नजर धर्म प्रभावना समिति के अगले निर्णय पर बनी हुई है।
