सागर में “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत निकली विशाल जनजागरूकता रैली, 500 से अधिक लोगों ने लिया नशामुक्त समाज का संकल्प
संवाददाता: महेंद्र राज सागर
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में मानव श्रृंखला और जागरूकता रैली का आयोजन, पुलिस-प्रशासन, खेल विभाग और आमजन ने दिया नशे के खिलाफ एकजुटता का संदेश
सागर। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा प्रदेशभर में संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत सोमवार को सागर जिले में एक विशाल जनजागरूकता रैली एवं मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया। जिला पुलिस सागर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, खेल विभाग, पुलिस ट्रेनिंग स्कूल, विभिन्न शाखाओं के स्टाफ, प्रशिक्षु आरक्षकों, खिलाड़ियों, कोचों तथा आम नागरिकों सहित 500 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बढ़ते नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना, युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संदेश देना था। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने नशे के खिलाफ एकजुट होकर मानव श्रृंखला बनाई, जनजागरूकता रैली निकाली और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।
“नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान को मिल रहा जनसमर्थन
प्रदेशभर में 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलाए जा रहे “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के माध्यम से पुलिस विभाग लगातार लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान के प्रति जागरूक कर रहा है।
इसी कड़ी में सागर जिला पुलिस द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता पैदा करना और युवाओं को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
खेल परिसर से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
सोमवार सुबह लगभग 7 बजे शहर के खेल परिसर में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यहां बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक एकत्रित हुए।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी ने मुख्य रूप से नेतृत्व किया। उनके साथ उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) मयंक चौहान, रक्षित निरीक्षक, शहर के सभी थाना प्रभारी, रेडियो शाखा, फिंगर प्रिंट शाखा, पुलिस ट्रेनिंग स्कूल सागर का स्टाफ, प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आरक्षक, जिला पुलिस बल के अधिकारी-कर्मचारी, खेल विभाग के अधिकारी, प्रशिक्षक, कोच तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह उत्साह और सामाजिक जागरूकता से परिपूर्ण दिखाई दिया।
500 से अधिक लोगों ने बनाई विशाल मानव श्रृंखला
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण तब आया जब 500 से अधिक प्रतिभागियों ने एक साथ विशाल मानव श्रृंखला बनाकर नशे के खिलाफ अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।
मानव श्रृंखला के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर नशे के खिलाफ आवाज उठाएं तो इस सामाजिक बुराई को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है।
प्रतिभागियों ने हाथों में जागरूकता संबंधी संदेश लिखी तख्तियां लेकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया। मानव श्रृंखला ने उपस्थित नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया और लोगों ने इस पहल की सराहना की।
शहर के प्रमुख मार्गों पर निकाली गई जागरूकता रैली
मानव श्रृंखला के बाद खेल परिसर से एक विशाल जनजागरूकता रैली निकाली गई।
रैली खेल परिसर से प्रारंभ होकर पीली कोठी सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः खेल परिसर पहुंची, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ।
रैली के दौरान प्रतिभागियों ने नशा विरोधी नारों के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया। लोगों ने हाथों में संदेश लिखी तख्तियां लेकर “नशे से दूरी है ज़रूरी”, “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो”, “स्वस्थ युवा, सशक्त भारत” जैसे प्रेरक संदेश दिए।
शहरवासियों ने भी रैली का स्वागत किया और अभियान के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताए नशे के दुष्परिणाम
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी बड़ी बाधा बनता है।
उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों की लत युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना देती है। इससे अपराध, हिंसा, सड़क दुर्घटनाएं, पारिवारिक विवाद और आर्थिक समस्याएं बढ़ती हैं।
अधिकारियों ने युवाओं से अपील की कि वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, खेल, रोजगार और सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ें।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी ने की विशेष अपील
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प ले और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करे, तो निश्चित रूप से नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में सकारात्मक सोच अपनाएं और खेल, शिक्षा तथा सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
पुलिस, खेल विभाग और समाज की संयुक्त पहल

इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें केवल पुलिस विभाग ही नहीं, बल्कि खेल विभाग, पुलिस ट्रेनिंग स्कूल, प्रशिक्षु आरक्षक, विभिन्न शाखाओं के अधिकारी-कर्मचारी और आम नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि नशे के खिलाफ अभियान तभी सफल हो सकता है, जब समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर इसमें अपनी भूमिका निभाएं।
विशेष रूप से युवाओं और खिलाड़ियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाया।
युवाओं को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की सलाह
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को अपना समय खेल, शिक्षा, कौशल विकास, सामाजिक सेवा और रचनात्मक गतिविधियों में लगाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अच्छी संगति, अनुशासित जीवनशैली और परिवार का सहयोग युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें और उन्हें सही मार्गदर्शन प्रदान करें।
सभी प्रतिभागियों ने लिया नशामुक्त समाज का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, खिलाड़ियों और नागरिकों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।
सभी ने शपथ ली कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।
इसके साथ ही यह भी संकल्प लिया गया कि यदि किसी व्यक्ति को नशे की लत है तो उसे सामाजिक रूप से अलग करने के बजाय उपचार, परामर्श और पुनर्वास के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जनभागीदारी से मजबूत होगा नशा-मुक्त भारत का अभियान

विशेषज्ञों का मानना है कि नशे के खिलाफ केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए समाज में व्यापक जनजागरूकता और सामुदायिक भागीदारी भी आवश्यक है।
सागर में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित किया कि जब पुलिस, प्रशासन, खेल विभाग, सामाजिक संगठन और आम नागरिक एक मंच पर आते हैं, तब सामाजिक बदलाव की दिशा में प्रभावी पहल संभव हो पाती है।
इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का भी कार्य करते हैं।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
जिला पुलिस सागर ने स्पष्ट किया है कि “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत आगामी दिनों में भी जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, सार्वजनिक स्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पुलिस विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक नशा विरोधी संदेश पहुंचाना और युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से बचाना है।
सागर में आयोजित यह विशाल जनजागरूकता रैली और मानव श्रृंखला इस बात का प्रमाण है कि समाज अब नशे के खिलाफ एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है। यदि इसी प्रकार पुलिस, प्रशासन और आमजन मिलकर लगातार प्रयास करते रहे, तो निश्चित ही नशामुक्त मध्य प्रदेश और नशामुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की जा सकेगी।
