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Indore MR-10 Overbridge Expansion: 18 महीने में पूरा होना था काम, एक साल बाद भी पिलर स्तर पर अटका निर्माण

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Published On: 20 July 2026
Indore MR-10
— Indore MR-10 Overbridge Expansion: विकास की रफ्तार धीमी, 18 महीने में पूरा होना था

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Indore MR-10 Overbridge Expansion: 18 महीने में पूरा होना था काम, एक साल बाद भी पिलर स्तर पर अटका निर्माण

Indore । शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और लगातार लगने वाले जाम से राहत देने के उद्देश्य से शुरू किया गया एमआर-10 रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) विस्तार प्रोजेक्ट धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने करीब 48 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन टेंडर प्रक्रिया पूरी हुए लगभग एक साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरुआती चरण में ही अटका हुआ है।

मौजूदा चार लेन वाले एमआर-10 आरओबी के समानांतर एक नया चार लेन पुल बनाया जाना है। इसके पूरा होने के बाद यह पूरा मार्ग आठ लेन का हो जाएगा, जिससे शहर के प्रमुख हिस्सों में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।

मकानों की बाधा से धीमी हुई निर्माण की रफ्तार

निर्माण कार्य में सबसे बड़ी बाधा लवकुश चौराहा क्षेत्र में सामने आ रही है। यहां कुछ मकानों के कारण काम प्रभावित हो रहा है। बापट चौराहा की ओर अब तक केवल तीन पिलर जमीन के स्तर तक तैयार हो पाए हैं, जबकि चार अन्य पियर का निर्माण अभी बाकी है।

वहीं, लवकुश चौराहा की ओर अभी केवल सर्वे का काम पूरा हुआ है। इस हिस्से में खुदाई और वास्तविक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। जमीन संबंधी अड़चनों के कारण परियोजना की गति प्रभावित हो रही है।

Indore विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित झाड़े का कहना है कि निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि मंदिर से संबंधित कोई बाधा नहीं है और मकानों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि काम को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।

दो दशक बाद हो रहा एमआर-10 पुल का विस्तार

एमआर-10 आरओबी का निर्माण करीब दो दशक पहले किया गया था। उस समय शहर में वाहनों की संख्या आज की तुलना में काफी कम थी, लेकिन अब इंदौर के तेजी से बढ़ते विस्तार के कारण इस मार्ग पर यातायात का दबाव कई गुना बढ़ चुका है।

सुपर कॉरिडोर, नई आवासीय कॉलोनियों और उज्जैन रोड क्षेत्र में तेजी से हुए विकास के कारण रोजाना बड़ी संख्या में वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। इसके अलावा उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद धार्मिक पर्यटन के कारण भी इस रूट पर वाहनों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।

मौजूदा चार लेन का पुल अब बढ़ते यातायात के लिए पर्याप्त नहीं रह गया है। इसी जरूरत को देखते हुए आईडीए ने अतिरिक्त चार लेन आरओबी निर्माण की योजना बनाई है।

नया पुल बनने से मिलेगी ट्रैफिक से राहत

नया आरओबी तैयार होने के बाद सुपर कॉरिडोर और उज्जैन रोड की ओर से आने वाले वाहन आसानी से रिंग रोड और विजय नगर क्षेत्र की तरफ जा सकेंगे।

वर्तमान चार लेन पुल को एक दिशा के यातायात के लिए उपयोग किया जाएगा, जबकि नया पुल दूसरी दिशा के वाहनों के लिए काम करेगा। इससे वाहनों का दबाव विभाजित होगा और जाम की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।

परियोजना के तहत 713.5 मीटर लंबा नया रेलवे ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। इसकी चौड़ाई करीब 45 मीटर होगी। इसके साथ ही विजय नगर की ओर स्थित पुलिया का भी चौड़ीकरण किया जाएगा।

सिंहस्थ 2028 को देखते हुए महत्वपूर्ण परियोजना

Indore -उज्जैन मार्ग की बढ़ती अहमियत को देखते हुए यह परियोजना भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। साल 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इंदौर से उज्जैन की ओर इसी मार्ग का इस्तेमाल करेंगे। ऐसे में अतिरिक्त आरओबी बनने से यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा कुमेड़ी स्थित आईएसबीटी (इंटर स्टेट बस टर्मिनल) के पूरी तरह शुरू होने के बाद इस मार्ग पर बसों और अन्य वाहनों का दबाव और बढ़ने की संभावना है। इसलिए समय पर पुल का निर्माण पूरा करना शहर की यातायात व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है।

48 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा प्रोजेक्ट

एमआर-10 आरओबी विस्तार परियोजना की मुख्य बातें:

  • परियोजना की लागत: करीब 48 करोड़ रुपये
  • वर्तमान आरओबी: चार लेन
  • नया आरओबी: चार लेन अतिरिक्त
  • कुल क्षमता: आठ लेन मार्ग
  • प्रस्तावित लंबाई: 713.5 मीटर
  • प्रस्तावित चौड़ाई: 45 मीटर
  • निर्माण अवधि: 18 महीने
समय पर पूरा करना बड़ी चुनौती

आईडीए ने इस परियोजना को तय समय में पूरा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जमीन और निर्माण संबंधी बाधाओं के कारण काम की गति धीमी हो गई है। शहर के बढ़ते यातायात और आगामी सिंहस्थ आयोजन को देखते हुए अब परियोजना को जल्द पूरा करना जरूरी हो गया है।

यदि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाती है तो आने वाले समय में इंदौरवासियों को एमआर-10 क्षेत्र में जाम से बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल शहरवासियों की नजर इस बात पर है कि रुका हुआ निर्माण कार्य कब गति पकड़ता है और आठ लेन वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग का सपना कब पूरा होता है।

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