अम्बाह में आर्यिका संगममति माताजी का मंगल प्रवेश भव्य शोभायात्रा के साथ संपन्न हुआ। 29 जुलाई को वर्षायोग मंगल कलश स्थापना होगी। पढ़ें पूरी खबर, कार्यक्रम और धार्मिक महत्व।
अम्बाह में आर्यिका संगममति माताजी का मंगल प्रवेश: 29 जुलाई को होगा वर्षायोग मंगल कलश स्थापना
मुरैना/अम्बाह। अम्बाह में आर्यिका संगममति माताजी का मंगल प्रवेश रविवार को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। जैन समाज के लिए यह अवसर ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगरवासियों ने भव्य शोभायात्रा निकालकर जैनाचार्य श्री सिद्धांत सागर महाराज की परम प्रभावक शिष्या पूज्य आर्यिका श्री संगममति माताजी संसंघ का भावपूर्ण स्वागत किया।
आर्यिका माताजी का भव्य मंगल प्रवेश
जैन समाज के अध्यक्ष जिनेश जैन (पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका) के नेतृत्व में समाज के वरिष्ठजनों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने नगर सीमा पर पहुंचकर पूज्य आर्यिका श्री संगममति माताजी संसंघ का श्रीफल अर्पित कर स्वागत किया। इसके बाद श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत विशाल शोभायात्रा निकाली गई।
बैंड-बाजों की मधुर धुनों और जयकारों के बीच नगर में धार्मिक वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में भगवान महावीर एवं जिनेन्द्र प्रभु के जयघोष किए।
नगर में निकली विशाल शोभायात्रा
शोभायात्रा पोरसा चौराहा, टेकचंद स्कूल, फनी वीडियो, जैन धर्मशाला, परेड जैन मंदिर होते हुए जैन बगीची पहुंची, जहां विशाल धर्मसभा आयोजित की गई।
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने आर्यिका माताजी के पाद प्रक्षालन किए तथा आरती उतारकर स्वागत किया। महिलाओं एवं युवाओं ने धार्मिक भजनों पर भक्तिमय नृत्य प्रस्तुत किया।
भजनों में प्रमुख रूप से—
- महावीर कहो महावीर सुनो
- तेरे पांच हुए कल्याण प्रभु
- पारसनाथ शिखर पर भलों विराजो जी
- मंत्र णमोकार हमें प्राणों से प्यारा
जैसे भजनों से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा।
वर्षायोग का धार्मिक महत्व
जैन समाज के अध्यक्ष जिनेश जैन ने बताया कि इस वर्ष अम्बाह नगर में पूज्य आर्यिका श्री संगममति माताजी का वर्षायोग संपन्न होगा। अगले चार महीनों तक नगर में धर्म, अध्यात्म और संस्कारों की गंगा प्रवाहित होगी।
उन्होंने कहा कि वर्षायोग के दौरान प्रवचन, स्वाध्याय, धार्मिक अनुष्ठान तथा बच्चों एवं युवाओं के लिए संस्कार शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन मिलेगा।
29 जुलाई को होगा मंगल कलश स्थापना समारोह
जैन समाज के अनुसार 29 जुलाई को जैन बगीची परिसर में वर्षायोग मंगल कलश स्थापना का भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके लिए व्यापक तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं।
समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आसपास के जिलों एवं नगरों से भी जैन समाज के लोग इस अवसर पर अम्बाह पहुंचेंगे।
धर्मसभा में माताजी का प्रेरणादायक संदेश
धर्मसभा को संबोधित करते हुए पूज्य आर्यिका श्री संगममति माताजी ने वर्षायोग के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में असंख्य सूक्ष्म जीव उत्पन्न होते हैं, जो सामान्य रूप से दिखाई नहीं देते। अहिंसा धर्म के पालन और जीवों की रक्षा के उद्देश्य से जैन साधु-संत वर्षा ऋतु के चार महीनों तक एक ही स्थान पर रहकर तप, साधना और स्वाध्याय करते हैं।
उन्होंने कहा कि आत्मकल्याण के साथ-साथ समाज को भी धर्म, संयम, सदाचार और आध्यात्मिक जीवन की प्रेरणा देना वर्षायोग का प्रमुख उद्देश्य है।
जैन समाज ने किया अतिथियों का सम्मान
धर्मसभा का शुभारंभ श्रीमती ऊषा भंडारी द्वारा मंगलाचरण से हुआ, जबकि मंच संचालन विमल जैन राजू ने किया।
मुरार सहित विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने पूज्य माताजी को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। जैन समाज अम्बाह की ओर से सभी अतिथियों का पंचरंगी पट्टी एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया गया।
पूरे आयोजन में धार्मिक अनुशासन, भक्ति और सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण देखने को मिला।


