जैतहरी HRC हाइवा हादसा में एचआरसी कंपनी के अनियंत्रित हाइवा ने MPRDC का साइनबोर्ड तोड़ दिया। पुलिस ने वाहन जब्त कर जांच शुरू कर दी। पढ़ें पूरी खबर, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और प्रशासन की कार्रवाई।
जैतहरी HRC हाइवा हादसा
जिला ब्यूरो चीफ : राजेश कुमार चौधरी
जैतहरी, अनूपपुर। जैतहरी HRC हाइवा हादसा शनिवार को उस समय सामने आया जब एचआरसी कंपनी का एक हाइवा वाहन डाला (टिपर बॉडी) का जैक ऊपर उठाए हुए ही सड़क पर चल रहा था। वाहन का ऊपरी हिस्सा जैतहरी नगर के राठौर चौक पर लगे मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) के साइनबोर्ड से टकरा गया, जिससे सरकारी साइनबोर्ड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह हादसा भारी वाहनों के संचालन में बरती जा रही गंभीर लापरवाही की ओर संकेत करता है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एचआरसी कंपनी का हाइवा चालक वाहन का डाला पूरी तरह नीचे किए बिना ही मुख्य सड़क पर निकल पड़ा। जैसे ही वाहन राठौर चौक पहुंचा, ऊपर उठा डाला सीधे सड़क के ऊपर लगे MPRDC के बड़े साइनबोर्ड से टकरा गया।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि साइनबोर्ड टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय सड़क पर लोगों की आवाजाही थी, लेकिन सौभाग्य से कोई राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया।
MPRDC की सरकारी संपत्ति को नुकसान
हादसे में मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार साइनबोर्ड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है ताकि संबंधित कंपनी से क्षतिपूर्ति की कार्रवाई की जा सके।
पुलिस ने वाहन किया जब्त
घटना की सूचना मिलते ही जैतहरी पुलिस मौके पर पहुंची।पुलिस ने हाइवा वाहन को जब्त कर थाने पहुंचाया तथा चालक से पूछताछ शुरू कर दी है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने नाराजगी जताई।लोगों का कहना है कि भारी वाहन चालक अक्सर सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हैं।यदि वाहन का डाला पहले ही नीचे कर लिया जाता तो यह दुर्घटना नहीं होती।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी
विशेषज्ञों का कहना है कि टिपर एवं हाइवा वाहन चलाने से पहले चालक को निम्न बिंदुओं की जांच करनी चाहिए—
- डाला पूरी तरह नीचे है या नहीं।
- हाइड्रोलिक सिस्टम लॉक है या नहीं।
- वाहन की ऊंचाई निर्धारित सीमा में है।
- सड़क पर लगे पुल, साइनबोर्ड और बिजली लाइन की ऊंचाई का ध्यान रखा जाए।
इन नियमों का पालन न करने से गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि—
- एचआरसी कंपनी पर कार्रवाई की जाए।
- चालक का लाइसेंस जांचा जाए।
- सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई कराई जाए।
- भविष्य में ऐसे वाहनों की नियमित जांच हो।
- भारी वाहनों के लिए सुरक्षा अभियान चलाया जाए।
बड़ा हादसा टल गया
राठौर चौक जैतहरी का व्यस्त इलाका माना जाता है।यदि घटना के समय कोई राहगीर या दोपहिया चालक साइनबोर्ड के नीचे मौजूद होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।स्थानीय नागरिक इसे प्रशासन के लिए चेतावनी मान रहे हैं कि भारी वाहनों की नियमित निगरानी आवश्यक है।
निष्कर्ष
जैतहरी HRC हाइवा हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि भारी वाहनों के संचालन में बरती जा रही लापरवाही का उदाहरण है। समय रहते पुलिस की कार्रवाई और लोगों की सतर्कता से बड़ी जनहानि टल गई। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि पुलिस और प्रशासन संबंधित चालक एवं कंपनी के विरुद्ध क्या कार्रवाई करते हैं।

