साधारण किसान परिवार से निकलकर कैलाश चौहान बने सहायक संचालक उद्यानिकी, सरकारी स्कूल से पढ़ाई कर हासिल की बड़ी उपलब्धि
लोकेशन: लोंगसरी, कुक्षी (धार)
रिपोर्ट: नरेंद्र सिरवी
मध्य प्रदेश के धार जिले के कुक्षी क्षेत्र के ग्राम लोंगसरी के निवासी कैलाश चौहान ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य शासन ने उन्हें वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी के पद से पदोन्नत करते हुए सहायक संचालक उद्यानिकी (Assistant Director Horticulture – ADH) के उच्च पद पर नियुक्त किया है। वर्तमान में उनकी पदस्थापना अलीराजपुर जिले में की गई है।
ग्रामीण परिवेश और साधारण कृषक परिवार से आने वाले कैलाश चौहान की यह सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है। सरकारी स्कूल से शिक्षा की शुरुआत करने वाले चौहान ने अपनी मेहनत के बल पर उच्च शिक्षा प्राप्त की और आज शासकीय सेवा में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक पहुंचे हैं।
उनकी इस उपलब्धि पर लोंगसरी गांव सहित कुक्षी क्षेत्र में खुशी का माहौल है। सामाजिक संगठनों, ग्रामीणों, मित्रों और शुभचिंतकों द्वारा उन्हें लगातार बधाइयां दी जा रही हैं।
किसान परिवार में जन्म, गांव के सरकारी स्कूल से शुरू हुआ सफर
कैलाश चौहान का जन्म धार जिले के कुक्षी क्षेत्र के ग्राम लोंगसरी में एक सामान्य कृषक परिवार में हुआ। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके परिवार ने शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव के ही सरकारी विद्यालय से प्राप्त की। ग्रामीण क्षेत्र में रहकर पढ़ाई करते हुए उन्होंने शुरुआत से ही मेहनत और अनुशासन को अपना आधार बनाया।
इसके बाद उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाग से हायर सेकेंडरी की परीक्षा उत्तीर्ण की। बचपन से ही कृषि और प्रकृति से जुड़े विषयों में उनकी विशेष रुचि थी। इसी रुचि को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा हासिल करने का निर्णय लिया।
कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र में हासिल की उच्च शिक्षा
कैलाश चौहान ने कृषि क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए उच्च शिक्षा का मार्ग चुना। उन्होंने कृषि महाविद्यालय सीहोर से बीएससी एग्रीकल्चर की डिग्री प्राप्त की।
इसके बाद उन्होंने उद्यानिकी (Horticulture) विषय में विशेषज्ञता हासिल करने के उद्देश्य से ग्वालियर से एमएससी हॉर्टिकल्चर की शिक्षा पूरी की।
उच्च शिक्षा के दौरान उन्होंने कृषि तकनीक, उद्यान विकास, आधुनिक खेती के तरीकों और किसानों से जुड़े विषयों का गहन अध्ययन किया। उनकी मेहनत और विषय के प्रति समर्पण ने उन्हें शासकीय सेवा में आगे बढ़ने का अवसर दिया।
मेहनत और संघर्ष के दम पर हासिल किया मुकाम
कैलाश चौहान की सफलता केवल एक पदोन्नति नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए एक उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शासकीय सेवा से की और धीरे-धीरे अपनी कार्यक्षमता, ईमानदारी और जिम्मेदारी निभाने की भावना के कारण उच्च पद तक पहुंचे।
ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के लिए उनका सफर यह संदेश देता है कि संसाधनों की कमी सफलता में बाधा नहीं बन सकती, यदि व्यक्ति के अंदर आगे बढ़ने का जुनून और निरंतर प्रयास करने की क्षमता हो।
सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं कैलाश चौहान
शासकीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ कैलाश चौहान सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। वे आदिवासी भिलाला समाज संगठन कुक्षी के अध्यक्ष के रूप में समाज सेवा से जुड़े हुए हैं।
उनके नेतृत्व में संगठन द्वारा क्षेत्र में कई सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इनमें पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण अभियान, शिक्षा के प्रति जागरूकता, स्वरोजगार को बढ़ावा देना और आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण जैसे कार्य शामिल हैं।
कैलाश चौहान का मानना है कि समाज का विकास केवल आर्थिक प्रगति से नहीं बल्कि शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता से संभव है। इसी सोच के साथ वे लगातार समाज के लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं।
भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लिया संकल्प
सहायक संचालक उद्यानिकी के पद पर पदोन्नति का आदेश मिलने के बाद कैलाश चौहान ने कुक्षी स्थित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पहुंचकर माल्यार्पण किया और उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर उन्होंने समाज और क्षेत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दोहराते हुए जनसेवा का संकल्प लिया।
उन्होंने कहा कि वे अपने शासकीय दायित्वों का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे। साथ ही समाज के गरीब, वंचित, शोषित और जरूरतमंद वर्ग के उत्थान के लिए भी निरंतर कार्य करते रहेंगे।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों, पूर्वजों के आशीर्वाद और मित्रों एवं शुभचिंतकों के सहयोग को दिया।
क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल
कैलाश चौहान की पदोन्नति की खबर मिलते ही लोंगसरी गांव और कुक्षी क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।
ग्रामीणों का कहना है कि कैलाश चौहान ने अपनी मेहनत से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। एक छोटे से गांव से निकलकर उच्च प्रशासनिक पद तक पहुंचना क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
ग्रामीण युवाओं में भी उनकी सफलता को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कई युवाओं ने इसे प्रेरणा मानते हुए शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति अधिक रुचि दिखाने की बात कही है।
परिवार, मित्रों और सामाजिक संगठनों ने दी शुभकामनाएं
कैलाश चौहान की इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता, परिवार के सदस्यों और मित्रों ने खुशी व्यक्त की है।
इसके अलावा सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, ग्रामवासियों, शासकीय कर्मचारियों और क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
धार, कुक्षी और अलीराजपुर क्षेत्र के कई लोगों ने फोन और अन्य माध्यमों से उन्हें बधाई संदेश भेजे।
ग्रामीण युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
कैलाश चौहान की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है जो ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं और सीमित संसाधनों के बीच अपने सपनों को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने साबित किया है कि मेहनत, सही दिशा और निरंतर प्रयास के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने लक्ष्य तक पहुंच सकता है।
सरकारी स्कूल से शिक्षा प्रारंभ करने वाले कैलाश चौहान का सहायक संचालक उद्यानिकी जैसे महत्वपूर्ण पद तक पहुंचना क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
नई जिम्मेदारी के साथ बढ़ेगी जिम्मेदारियां
सहायक संचालक उद्यानिकी के पद पर नियुक्ति के बाद कैलाश चौहान के सामने अब नई जिम्मेदारियां होंगी। उद्यानिकी विभाग के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर उत्पादन और नई योजनाओं से जोड़ना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण अलीराजपुर जैसे जिलों में उद्यानिकी विकास की काफी संभावनाएं हैं। ऐसे में उनके अनुभव और कृषि क्षेत्र की समझ से किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
