Collector Pratap Narayan Yadav ने पटेरा क्षेत्र का किया व्यापक निरीक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण व्यवस्थाओं का लिया जायजा
अधिकारियों को दिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
दमोह। जिले के Collector Pratap Narayan Yadav ने शनिवार को पटेरा तहसील क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न शासकीय संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शासकीय विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर वहां संचालित व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक समय पर और प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए।
कलेक्टर के इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की जांच
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सा व्यवस्थाओं, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण करते हुए मरीजों से बातचीत की और स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया। कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध दवाइयों के स्टॉक, मरीजों की जांच व्यवस्था और चिकित्सकीय सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ अपनी सेवाएं दें। साथ ही अस्पताल परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए यह आवश्यक है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें और मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके।
शासकीय विद्यालय में विद्यार्थियों से किया संवाद
स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के बाद कलेक्टर श्री यादव ने शासकीय विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में पहुंचकर कक्षाओं का अवलोकन किया और विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया।
कलेक्टर ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, विषयों की समझ और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई को लेकर सवाल भी पूछे और उन्हें मेहनत एवं लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाए। कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देकर उनकी पढ़ाई में सुधार लाने के प्रयास किए जाएं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का आधार है। इसलिए शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करें। उन्होंने विद्यालय में अनुशासन, नियमित उपस्थिति और बेहतर शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया।
कलेक्टर ने विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।
आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण व्यवस्था का लिया जायजा
कलेक्टर ने इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बच्चों को दिए जा रहे पोषण आहार, बच्चों की उपस्थिति, पंजी संधारण और केंद्र की अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण स्तर और केंद्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बच्चों को शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार पोषण आहार उपलब्ध कराया जाए और उनके स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी जाए।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के प्रारंभिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। यहां बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं बेहतर तरीके से मिलनी चाहिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी ली और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया।
योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अधिकारियों से कहा कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए। इसके लिए सभी विभागीय अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने अधिकारियों को नियमित रूप से मैदानी क्षेत्रों का निरीक्षण करने, समस्याओं की पहचान करने और उनका समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं में लगातार सुधार के लिए मॉनिटरिंग आवश्यक है।

प्रशासनिक सक्रियता से बेहतर होंगी जनसुविधाएं
कलेक्टर के इस निरीक्षण से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित शासकीय सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयासरत है। स्वास्थ्य केंद्रों, विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी से व्यवस्थाओं में सुधार लाने और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
पटेरा क्षेत्र के दौरे के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को जनता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
संवाददाता – सोनू अठया, दमोह (मध्य प्रदेश)
