Dewas MG अस्पताल में देर रात हंगामा, मरीज के साथ आए लोगों ने डॉक्टरों और स्टाफ से की मारपीट
संवाददाता: अकदस शेख
शराब के नशे में पहुंचे लोगों पर अस्पताल परिसर में उपद्रव का आरोप
Dewas MG अस्पताल में देर रात उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक मरीज के साथ आए कुछ लोगों ने शराब के नशे में अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि नशे में धुत लोगों ने इलाज कर रहे डॉक्टरों, अस्पताल स्टाफ और सुरक्षा गार्डों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की।
घटना के दौरान अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन विवाद बढ़ गया। मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन सक्रिय हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अस्पताल प्रबंधन द्वारा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिकायत प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्यकर्मी मरीजों के इलाज के लिए अपनी सेवाएं देते हैं, ऐसे में उनके साथ हिंसा या दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इमरजेंसी में इलाज के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, देर रात करीब 12 बजे पीरू नामक बुजुर्ग मरीज को इलाज के लिए एमजी अस्पताल लाया गया था। बताया जा रहा है कि मरीज शराब के नशे में था और उसके साथ आए दो पुरुष तथा बाद में पहुंची एक महिला भी नशे की हालत में थे।
अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. शितिज वर्मा के अनुसार, मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बिना ओपीडी पर्ची के ही इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। अस्पताल स्टाफ द्वारा मरीज का उपचार शुरू किया गया, लेकिन कुछ समय बाद मरीज के साथ आए लोगों ने डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ विवाद करना शुरू कर दिया।
गाली-गलौज के बाद मारपीट में बदला विवाद
डॉ. शितिज वर्मा ने बताया कि मरीज को प्राथमिक उपचार दिए जाने के दौरान उसके साथ आए अटेंडर्स ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ के साथ विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि पहले उन्होंने कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की और बाद में मामला बढ़ते हुए मारपीट तक पहुंच गया।
डॉ. वर्मा के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, लेकिन हंगामा करने वाले लोग लगातार आक्रामक व्यवहार करते रहे। उन्होंने अस्पताल कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और वहां मौजूद सुरक्षा व्यवस्था संभालने पहुंचे गार्डों के साथ भी हाथापाई की।
घटना के कारण अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। अन्य मरीजों और उनके परिजनों में भी चिंता का माहौल देखा गया। अस्पताल कर्मचारियों ने किसी तरह स्थिति को संभाला और मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों एवं पुलिस को दी।
अस्पताल प्रबंधन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तत्काल एमजी अस्पताल पहुंची और मौके की स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी मामले की सूचना पुलिस को दी गई है और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस द्वारा घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इसमें मौके पर मौजूद लोगों के बयान, अस्पताल कर्मचारियों से मिली जानकारी और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी दिन-रात मरीजों के उपचार और सेवा में जुटे रहते हैं। ऐसे में उनके साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती।
अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।
अस्पताल सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि इमरजेंसी जैसी स्थिति में काम करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षित वातावरण मिलना जरूरी है, ताकि वे बिना किसी डर के मरीजों का उपचार कर सकें।
अस्पताल प्रबंधन और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं। आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
