पहली बारिश में बह गई ग्राम पंचायत मीनवा की नव निर्मित पुलिया, कांग्रेस ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
संवाददाता : दिनेश देवड़ा
निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप, जांच की मांग
किल्लोद। ग्राम पंचायत मीनवा में हाल ही में निर्मित पुलिया पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त होकर बह जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से तैयार की गई पुलिया का इतनी जल्दी खराब होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
इस मामले को लेकर किल्लोद कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गिरवर सिंह राजपूत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए क्षेत्र में भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले निर्माण कार्य सीधे आम जनता से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें गुणवत्ता, पारदर्शिता और तकनीकी मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर निर्माण कार्यों में निर्धारित मापदंडों की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गिरवर सिंह राजपूत ने कहा कि ग्राम पंचायत मीनवा में नव निर्मित पुलिया का पहली ही बारिश में बह जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य सही तरीके से और निर्धारित मानकों के अनुसार किया गया होता तो इतनी जल्दी पुलिया क्षतिग्रस्त नहीं होती।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए और यदि निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जनता के पैसों से होने वाले विकास कार्यों में जवाबदेही तय करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष ने प्रशासन से पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिया निर्माण में यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की आवाजाही के लिए यह पुलिया महत्वपूर्ण थी और इसके क्षतिग्रस्त होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन को जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण करवाकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान करना चाहिए।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी विकास कार्यों में यदि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों का सही तरीके से पालन किया जाए तो इस तरह की स्थिति सामने नहीं आती। उनका आरोप है कि लापरवाही के कारण ही नव निर्मित पुलिया पहली बारिश का दबाव नहीं झेल सकी और क्षतिग्रस्त हो गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि जनता के धन का सही उपयोग हो सके।
ग्रामीणों ने यह भी मांग रखी कि भविष्य में होने वाले निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और अधिकारियों द्वारा समय-समय पर गुणवत्ता की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि मजबूत और टिकाऊ निर्माण ही ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को वास्तविक रूप से आगे बढ़ा सकता है और लोगों को लंबे समय तक सुविधाओं का लाभ मिल सकता है।
