Rewa में नवमी वाहिनी का नशा मुक्ति अभियान, पुलिस अधिकारियों ने लोगों को किया जागरूक
संवाददाता: सुधांशु पांडे नागोद
20 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत चलाया गया जनजागरूकता अभियान
Rewa । नवमी वाहिनी द्वारा 20 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में नशा मुक्ति अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए लोगों की सहभागिता बढ़ाना रहा। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से संवाद कर नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विशेष रूप से युवाओं को नशे की आदत से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनका स्वस्थ, सुरक्षित एवं सकारात्मक जीवन समाज के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। नशा व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक क्षमता को कमजोर करने के साथ-साथ उसके परिवार और सामाजिक जीवन पर भी गंभीर प्रभाव डालता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशे की लत कई बार व्यक्ति को आर्थिक परेशानियों, तनाव, अपराध और पारिवारिक विवादों की ओर भी ले जा सकती है। इसका प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार और समाज इससे प्रभावित होता है। इसलिए समय रहते नशे से दूरी बनाना और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करना जरूरी है।
अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं नशे का सेवन न करें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दें। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता फैलाकर ही नशे की समस्या को कम किया जा सकता है।
पुलिस ने आमजन से यह भी आग्रह किया कि वे नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी जानकारी को तत्काल पुलिस तक पहुंचाएं, ताकि मिलकर एक सुरक्षित और नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।

अवैध नशीले पदार्थों की सूचना देने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने अभियान के दौरान आमजन से अपील की कि यदि उनके क्षेत्र में कहीं भी अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी या सेवन से संबंधित कोई जानकारी प्राप्त होती है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए नागरिकों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों ने बताया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। आमजन की सतर्कता और समय पर दी गई सूचना से नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल एवं सहयोग से ही नशामुक्त समाज के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। पुलिस विभाग लगातार जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति सचेत कर रहा है और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
अधिकारियों ने नागरिकों से जिम्मेदार भूमिका निभाने और अपने आसपास नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि के प्रति सजग रहने की अपील की, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके और समाज को सुरक्षित एवं स्वस्थ बनाया जा सके।
समाज की भागीदारी से ही संभव है नशामुक्ति
अधिकारियों ने कहा कि केवल प्रशासनिक प्रयासों से नशे की समस्या को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। लोगों की जागरूकता और सहयोग से ही नशे के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों को नशा न करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण सभी के सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।

सुरक्षित और स्वस्थ समाज की दिशा में पहल
नवमी वाहिनी द्वारा चलाया गया यह नशा मुक्ति अभियान समाज में नशे के प्रति जागरूकता फैलाने और लोगों को स्वस्थ, सुरक्षित एवं बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। अभियान के माध्यम से पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को नशे के शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी तथा उन्हें नशे से दूरी बनाए रखने का संदेश दिया।
पुलिस ने बताया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल कानून व्यवस्था के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए आमजन की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता भी आवश्यक है। अभियान के दौरान लोगों को नशे के खिलाफ संकल्प लेने और अपने परिवार एवं समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
नवमी वाहिनी का यह प्रयास युवाओं को सकारात्मक दिशा देने, नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों को कम करने और समाज में जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहयोग और निरंतर जागरूकता अभियानों के माध्यम से एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
