सुधासागरजी महाराज मक्सी तीर्थ मंगल प्रवेश 2026 का ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। मुनि संघ के प्रथम आगमन पर भव्य स्वागत, अभिषेक, शांतिधारा, ध्वजारोहण एवं धर्मसभा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पढ़ें पूरी खबर।
सुधासागरजी महाराज मक्सी तीर्थ मंगल प्रवेश
मक्सी। सुधासागरजी महाराज मक्सी तीर्थ मंगल प्रवेश का ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक क्षण शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को साकार हुआ। संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज के परम प्रभावक अनियतविहारी शिष्य, जगत पूज्य, तीर्थ चक्रवर्ती, मुनिपुंगव, निर्यापक पूज्य मुनि श्री 108 सुधासागरजी महाराज ससंघ का पहली बार श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्री मक्सी पार्श्वनाथ तीर्थ पर मंगल प्रवेश हुआ।
यह ऐतिहासिक अवसर दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन एवं इंदौर रीजन ग्रुप के तत्वावधान में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस दिव्य क्षण का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया।
मक्सी तीर्थ में पहली बार हुआ ऐतिहासिक मंगल प्रवेश
फेडरेशन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू ने बताया कि गुरुदेव के इंदौर की ओर बढ़ते विहार के दौरान शुक्रवार सुबह लगभग 7:30 बजे श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्री मक्सी पार्श्वनाथ तीर्थ में मुनि संघ का भव्य मंगल प्रवेश हुआ।जैसे ही गुरुदेव तीर्थ परिसर में पहुंचे, “जय जिनेन्द्र” और “वर्धमान वीर की जय” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर संत संघ का अभिनंदन किया।
गुरुदेव की मंगल देशना ने दिया धर्म का संदेश
मंगल प्रवेश के पश्चात पूज्य गुरुदेव ने अपनी मंगल देशना में संयम, तप, आत्मकल्याण और धर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन तभी सार्थक होता है जब वह आत्मा की शुद्धि और धर्म साधना की ओर अग्रसर होता है। गुरुदेव ने युवाओं से भारतीय संस्कृति और जैन धर्म के मूल सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान किया।उनकी प्रेरणादायक वाणी से उपस्थित हजारों श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुदेव की पावन उपस्थिति में चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआइस अवसर पर क्षेत्र की न्यासी श्रीमती पुष्पा कासलीवाल, अमित कासलीवाल, मनोहर झांझरी, बाहुबली पांड्या, कीर्ति पांड्या, कमलेश कासलीवाल, राकेश विनायका तथा आनंद नवीन गोधा उपस्थित रहे।
ध्वजारोहण और प्रथम अभिषेक
धर्ममय वातावरण में क्षेत्र पर ध्वजारोहण का सौभाग्य विजय पाटोदी को प्राप्त हुआ।इसके पश्चात प्रथम अभिषेक सम्पन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से सहभागिता की।
शांतिधारा का सौभाग्य
शांतिधारा करने का परम सौभाग्य
- श्रीमती पुष्पा कासलीवाल
- प्रदीप कासलीवाल
- अमित कासलीवाल
- आदित्य कासलीवाल परिवार
को प्राप्त हुआ।परिवार ने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा आध्यात्मिक सौभाग्य बताया।
पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट
परम पूज्य राष्ट्र संत मुनि श्री सुधासागरजी महाराज के पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य हर्ष जैन एवं तृप्ति जैन को प्राप्त हुआ।पूरे कार्यक्रम में भक्तिभाव का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
देशभर से पहुंचे समाज के पदाधिकारी
इस भव्य आयोजन में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर झांझरी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।मुख्य रूप से उपस्थित रहे—
- प्रदीप चौधरी
- संजय पापड़ीवाल
- संजय अहिंसा
- रितेश पाटनी
- वितुल अजमेरा
- भूपेंद्र जैन
- विपुल बाझल
- सहित इंदौर, उज्जैन, देवास एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजश्रेष्ठी एवं श्रद्धालु।
सभा का प्रभावी संचालन अर्पित वाणी ने किया।
मक्सी तीर्थ का धार्मिक महत्व
श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र मक्सी पार्श्वनाथ मध्यप्रदेश का एक प्रसिद्ध जैन तीर्थ है। यहां प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।सुधासागरजी महाराज के प्रथम मंगल प्रवेश ने इस तीर्थ के धार्मिक महत्व को और अधिक बढ़ा दिया है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह दिन मक्सी तीर्थ के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज रहेगा।
श्रद्धालुओं में दिखा अपार उत्साह
पूरे आयोजन के दौरान भक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिला। महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने धर्मसभा में बढ़-चढ़कर भाग लिया।श्रद्धालुओं ने गुरुदेव से आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य माना।
निष्कर्ष
सुधासागरजी महाराज मक्सी तीर्थ मंगल प्रवेश केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि जैन समाज के लिए ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक पर्व बन गया। मुनि संघ के प्रथम आगमन ने पूरे मक्सी तीर्थ को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। आने वाले समय में यह आयोजन जैन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।



