कुक्षी नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती रेलम चौहान को नम आंखों से अंतिम विदाई, नगर में छाया शोक का माहौल
रिपोर्ट नरेंद्र सिरवी
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने दी श्रद्धांजलि
कुक्षी। कुक्षी नगर परिषद अध्यक्षा श्रीमती रेलम चौहान के निधन के बाद नगर में शोक की लहर व्याप्त है। उनके अंतिम संस्कार के अवसर पर निकाली गई अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में नगरवासी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए।
अंतिम यात्रा के दौरान पूरा कुक्षी नगर भावुक नजर आया। लोगों ने नम आंखों से नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती रेलम चौहान को अंतिम विदाई दी और उनके द्वारा किए गए कार्यों को याद किया।
जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने दी श्रद्धांजलि
कुक्षी नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती रेलम चौहान की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और नगरवासी शामिल हुए। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री, प्रदेश मंत्री, सांसद, कांग्रेस एवं भाजपा के नेताओं सहित नगर पालिका के प्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान सभी ने श्रीमती रेलम चौहान के सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और जनसेवा के कार्यों को याद किया। उपस्थित लोगों ने कहा कि उन्होंने अपने व्यवहार और कार्यशैली से कुक्षी नगरवासियों के बीच एक अलग पहचान बनाई थी।
नगरवासियों के अनुसार, श्रीमती चौहान हमेशा लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए प्रयासरत रहती थीं। उनकी सेवा भावना और आत्मीय व्यवहार के कारण उन्होंने समाज के हर वर्ग के लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया।
अंतिम यात्रा के दौरान पूरा माहौल भावुक रहा। लोगों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
कुक्षी नगर शोक में डूबा
श्रीमती रेलम चौहान के निधन से पूरा कुक्षी नगर शोक में डूबा हुआ दिखाई दिया। हर वर्ग के लोगों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया।
नगरवासियों का कहना है कि जीवन का सत्य जन्म और मृत्यु है, लेकिन व्यक्ति अपने कर्मों से लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहता है। श्रीमती रेलम चौहान ने अपने कार्यों और सेवा भावना से लोगों के बीच जो स्थान बनाया, उसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।
सेवा और सरल व्यवहार के लिए रहेंगी याद
स्थानीय लोगों ने बताया कि श्रीमती रेलम चौहान का व्यवहार सभी के प्रति आत्मीय और सरल था। नगर के विकास और नागरिकों की समस्याओं को लेकर उनकी सक्रियता हमेशा लोगों को प्रेरित करती रही।
उनकी कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण के कारण नगरवासियों के बीच उनकी अलग पहचान बनी थी। यही कारण है कि उनके निधन पर बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
नगरवासियों ने कहा—यादों में रहेंगी रेलम चौहान
कुक्षी नगर में शोक की लहर, यादों में रहेंगी रेलम चौहान
श्रीमती रेलम चौहान की अंतिम विदाई के दौरान कुक्षी नगर का माहौल बेहद भावुक रहा। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की आंखें नम थीं और हर कोई उनके सरल स्वभाव, सेवा भावना और जनहित के कार्यों को याद कर रहा था।
नगरवासियों ने कहा कि कुछ व्यक्तित्व अपने कार्यों और व्यवहार से लोगों के दिलों में ऐसी जगह बना लेते हैं, जिन्हें समय कभी भुला नहीं पाता। श्रीमती रेलम चौहान भी ऐसे ही व्यक्तित्वों में शामिल थीं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान नगर के विकास और नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए।
लोगों का कहना है कि उनका मिलनसार व्यवहार और सभी के प्रति सम्मान का भाव उन्हें विशेष बनाता था। यही कारण है कि उनके निधन से कुक्षी नगर परिषद ही नहीं, बल्कि पूरे सामाजिक क्षेत्र में एक बड़ी कमी महसूस की जा रही है।
अंतिम विदाई के अवसर पर नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की गई। श्रीमती रेलम चौहान की स्मृतियां कुक्षी नगर के लोगों के बीच हमेशा जीवित रहेंगी।
