जरारूधाम गौ अभयारण्य में हरियाली का महाअभियान: 2,100 पौधों का रोपण, मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
पर्यावरण बचाने और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के संकल्प के साथ हुआ वृहद पौधारोपण कार्यक्रम
संवाददाता: सोनू अठया दमोह मध्य प्रदेश
दमोह। पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देते हुए मध्य प्रदेश के दमोह जिले स्थित जरारूधाम गौ अभयारण्य में शुक्रवार को वृहद पौधारोपण महाअभियान का आयोजन किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष अभियान के दौरान अभयारण्य परिसर में 2,100 पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देना और लोगों को पेड़ों के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन, अधिकारी-कर्मचारी और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
पूज्य श्री दादा गुरुजी की साधना के 2,100 दिवस पूर्ण होने पर हुआ आयोजन
जरारूधाम गौ अभयारण्य में आयोजित यह विशेष पौधारोपण कार्यक्रम पूज्य श्री दादा गुरुजी की अखंड निराहार साधना के 2,100 दिवस पूर्ण होने के पावन अवसर पर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पूज्य श्री दादा गुरुजी महाराज द्वारा बरगद (वट) का पौधा रोपित कर की गई। उन्होंने अपने कर-कमलों से पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश दिया।
बरगद का पौधा भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। इसे दीर्घायु, स्थिरता और पर्यावरण संतुलन का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर बरगद का पौधा लगाकर प्रकृति के संरक्षण और हरित वातावरण निर्माण का संकल्प लिया गया।
मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया पौधारोपण को भविष्य की जिम्मेदारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि पेड़-पौधे केवल पर्यावरण का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे जनभागीदारी का अभियान बनाना जरूरी है।
उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। मंत्री ने कहा कि पौधा लगाना पहला कदम है, लेकिन उसकी सुरक्षा और पालन-पोषण करना उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि आज लगाए गए पौधे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, बेहतर पर्यावरण और संतुलित प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
2,100 पौधों से बढ़ेगी जरारूधाम की हरियाली

वृहद पौधारोपण अभियान के तहत जरारूधाम गौ अभयारण्य परिसर में विभिन्न प्रजातियों के 2,100 पौधे लगाए गए। इन पौधों के माध्यम से क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने और प्राकृतिक वातावरण को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के दौरान लगाए गए पौधों में पर्यावरणीय दृष्टि से उपयोगी और स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई। आयोजकों ने पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल के लिए भी संकल्प लिया।
अभियान से जुड़े लोगों ने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी तय करने और पौधों के संरक्षण की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी जरूरी
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ता प्रदूषण और घटते प्राकृतिक संसाधन आज पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती हैं।
ऐसे समय में वृक्षारोपण जैसे अभियान पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पेड़ न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि जल संरक्षण, मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और जैव विविधता को बढ़ावा देने में भी सहायक होते हैं।
जरारूधाम गौ अभयारण्य में आयोजित यह अभियान इसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास रहा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी निभाई सहभागिता

पौधारोपण कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, ग्रामीणों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सभी ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और भविष्य में भी इस तरह के अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम स्थल पर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के अभियान न केवल पर्यावरण को बेहतर बनाते हैं, बल्कि समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत करते हैं।
गौ अभयारण्य को हरित और बेहतर बनाने की दिशा में पहल
जरारूधाम गौ अभयारण्य में आयोजित पौधारोपण अभियान को क्षेत्र के पर्यावरणीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गौ अभयारण्य जैसे स्थानों पर अधिक संख्या में पौधे लगाए जाने से वहां का प्राकृतिक वातावरण बेहतर होगा। इससे जीव-जंतुओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा और क्षेत्र में जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा।
आयोजकों ने बताया कि आने वाले समय में भी पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
पौधों की देखभाल का लिया गया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि पौधारोपण तभी सफल माना जाएगा जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर बड़े वृक्ष बनेंगे।
उन्होंने समाज के हर वर्ग से अपील की कि वे अपने जीवन में कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और उसकी जिम्मेदारी लें।
हरित भविष्य की ओर जरारूधाम का कदम
जरारूधाम गौ अभयारण्य में आयोजित 2,100 पौधों का यह महाअभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम ने लोगों को यह संदेश दिया कि प्रकृति संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।
वृक्षारोपण के माध्यम से स्वच्छ पर्यावरण, बेहतर जलवायु और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। जरारूधाम का यह अभियान इसी दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है, जो क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता को भी मजबूत करेगा।
