नागदा। मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत Swami Vivekanand Government College Nagda में शुक्रवार 17 जुलाई 2026 को नशा मुक्ति जागरूकता रैली एवं विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, 21 एमपी बटालियन एनसीसी रतलाम, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों एवं महाविद्यालय स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और समाज में नशामुक्ति का संदेश पहुंचाना था। विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
नशा मुक्ति जागरूकता रैली से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय परिसर से निकाली गई नशा मुक्ति जागरूकता रैली से हुई। रैली में एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
रैली के दौरान विद्यार्थियों ने हाथों में जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां लेकर नगरवासियों को नशे के खिलाफ जागरूक किया। विद्यार्थियों ने “नशा छोड़ो – जीवन जोड़ो”, “युवा शक्ति का आह्वान, नशा मुक्त हो मेरा देश महान” जैसे प्रेरणादायी नारों के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने बताया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि इसका प्रभाव परिवार और समाज पर भी पड़ता है। युवाओं ने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।
विशेष व्याख्यान में विद्यार्थियों को किया जागरूक
जागरूकता रैली के बाद महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में विशेष जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी. बी. रेड्डी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशे के बढ़ते प्रभाव और उससे होने वाले नुकसान पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रत्येक विद्यार्थी का दायित्व है कि वह अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाए।
प्राचार्य ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि युवा नशे से दूर रहेंगे तो समाज और राष्ट्र का भविष्य मजबूत होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
विद्यार्थियों ने ली नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ. पी. बी. रेड्डी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों और महाविद्यालय स्टाफ को नशामुक्ति की शपथ दिलाई।
सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे। विद्यार्थियों ने समाज में जागरूकता फैलाने और नशामुक्त वातावरण बनाने में सहयोग देने का संकल्प लिया।
15 जुलाई से 21 जुलाई तक चल रहा अभियान
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान का आयोजन 15 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
अभियान के तहत:
- 15 जुलाई: जागरूकता रैली का आयोजन
- 16 जुलाई: रचनात्मक गतिविधियां एवं लघु फिल्म प्रदर्शन
- 17 जुलाई: विशेष जागरूकता व्याख्यान
- 21 जुलाई: चित्रकला, निबंध, स्लोगन, पोस्टर एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन
निर्धारित किया गया है।
युवाओं की भागीदारी से मजबूत होगा नशामुक्ति अभियान
स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय नागदा में आयोजित इस कार्यक्रम ने युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एनसीसी, एनएसएस और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को प्रभावी बनाया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।
महाविद्यालय परिवार ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाया जा सके और स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज का निर्माण किया जा सके।
