मऊगंज में नशे के कथित अवैध कारोबार पर उठे सवाल: बरांव पहाड़ी, चिल्ल बंधवा और भीर पाडर जैसे क्षेत्रों में शराब-गांजा सप्लाई की शिकायतें
सरकार के नशा विरोधी अभियान के बीच मऊगंज में कथित नेटवर्क चर्चा में, नवागत एसपी के सामने बड़ी चुनौती
संवाददाता: प्रेम तिवारी
मऊगंज, मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रदेशभर में नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पुलिस विभाग भी लगातार जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का दावा कर रहा है।
लेकिन दूसरी ओर मऊगंज जिले के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में कथित रूप से अवैध शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार, जिले के कई गांवों में नशे के अवैध कारोबार को लेकर चर्चाएं तेज हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लगाया गया तो इसका सबसे अधिक असर युवा पीढ़ी पर पड़ सकता है।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नशे के खिलाफ सरकार सख्त, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में शिकायतें जारी
प्रदेश सरकार द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य अवैध शराब, गांजा और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना है। पुलिस विभाग द्वारा लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।
इसके बावजूद मऊगंज जिले के कुछ इलाकों से कथित रूप से अवैध नशे के कारोबार की शिकायतें सामने आना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांवों में यदि आसानी से नशीले पदार्थ उपलब्ध होते हैं तो इसका सीधा असर समाज और युवाओं पर पड़ता है। नशे की वजह से अपराध, आर्थिक परेशानी और सामाजिक समस्याएं बढ़ सकती हैं।
नईगढ़ी से शाहपुर क्षेत्र तक अवैध गतिविधियों की चर्चाएं
सूत्रों के अनुसार, मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र से लेकर शाहपुर थाना अंतर्गत आने वाले कई गांवों तक अवैध शराब, गांजा और मेडिकल नशे की सप्लाई को लेकर चर्चाएं हैं।
बताया जा रहा है कि मऊगंज मुख्यालय से लगभग आठ किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत बरांव और आसपास के क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर अवैध रूप से शराब और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री की जाती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का माहौल प्रभावित हो रहा है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे क्षेत्रों में नियमित निगरानी और जांच अभियान चलाने की आवश्यकता है, ताकि अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
बरांव क्षेत्र पहले भी रहा है चर्चा में
बरांव क्षेत्र पहले भी पुलिस कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व में अवैध कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची शाहपुर थाना पुलिस टीम पर हमला हुआ था।
बताया जाता है कि इस घटना में तत्कालीन थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई थी।
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा रही कि पुलिस के लिए ऐसे क्षेत्रों में कार्रवाई करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद पुलिस की बड़े स्तर की दबिश कम दिखाई दी।
हालांकि पुलिस प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई किए जाने की बात कहता रहा है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रयास जारी हैं।
कथित बड़े कारोबारियों को लेकर उठ रहे सवाल
स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों की चर्चाओं के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्र में एक कथित बड़े शराब कारोबारी द्वारा गांव-गांव तक अवैध कारोबार का नेटवर्क संचालित किए जाने की बातें सामने आ रही हैं।
कुछ लोगों का दावा है कि इस कथित नेटवर्क के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में अवैध शराब और अन्य नशीले पदार्थ पहुंचाए जाते हैं।
वहीं, क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कथित कारोबारी को पूर्व में किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त रहा होगा। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। पुलिस प्रशासन द्वारा जांच और कार्रवाई किए जाने पर ही यह स्पष्ट होगा कि कौन लोग इस तरह की गतिविधियों में शामिल हैं।
नवागत पुलिस अधीक्षक ने तेज किया नशे के खिलाफ अभियान
मऊगंज जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक के सामने नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक द्वारा नशे के खिलाफ अभियान को तेज करने की जानकारी सामने आई है। अब तक कई छोटे स्तर के अवैध कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।
पुलिस की इन कार्रवाइयों की आम जनता ने सराहना की है। लोगों का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहना चाहिए और प्रभावी परिणाम सामने आने चाहिए।
हालांकि, अब लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या पुलिस कार्रवाई केवल छोटे कारोबारियों तक सीमित रहेगी या फिर बड़े स्तर पर कथित रूप से जुड़े लोगों तक भी पहुंचेगी।
जनता की मांग: जड़ तक पहुंचे पुलिस की कार्रवाई
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए केवल छोटे विक्रेताओं पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।
लोगों का मानना है कि अवैध कारोबार की पूरी श्रृंखला की जांच होनी चाहिए। इसमें सप्लाई करने वाले, आर्थिक रूप से सहयोग करने वाले और संरक्षण देने वालों की भूमिका की भी जांच जरूरी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बड़े नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई होती है तो नशे के कारोबार को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
युवाओं को बचाने के लिए जरूरी है सख्त कार्रवाई
नशे का सबसे ज्यादा प्रभाव युवा वर्ग पर पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती नशे की उपलब्धता को लेकर अभिभावकों में भी चिंता देखी जा रही है।
लोगों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ समाज में जागरूकता अभियान चलाना भी जरूरी है। युवाओं को नशे के नुकसान के बारे में जानकारी देकर उन्हें इससे दूर रखने के प्रयास किए जाने चाहिए।
शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों की भूमिका भी इस दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है।
क्या टूटेगा कथित नशा माफिया का नेटवर्क?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मऊगंज में कथित रूप से सक्रिय नशे के नेटवर्क पर पुलिस कितनी प्रभावी कार्रवाई कर पाती है।
नवागत पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली और उनके द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर लोगों की नजर बनी हुई है।
यदि पुलिस निष्पक्ष जांच करते हुए बड़े स्तर पर कार्रवाई करती है तो यह संदेश जाएगा कि कानून के सामने कोई भी व्यक्ति बड़ा या प्रभावशाली नहीं है।
मऊगंज के नागरिकों को उम्मीद है कि प्रशासन नशे के खिलाफ अभियान को और मजबूत करेगा और क्षेत्र को अवैध गतिविधियों से मुक्त कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
(नोट: खबर में शामिल आरोप और दावे स्थानीय सूत्रों एवं लोगों की चर्चाओं पर आधारित हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच या प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही हो सकेगी।)
