अवैध रूप से संचालित कुशवाह मैरिज गार्डन पर पंचायत की कार्रवाई, दो बार नोटिस के बाद भी जारी आयोजन
संवाददाता : राहुल जैन
Ashoknagar। जनपद पंचायत अशोकनगर के अंतर्गत ग्राम पंचायत पड़रिया में नियमों को दरकिनार कर संचालित किए जा रहे कथित अवैध कुशवाह मैरिज गार्डन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। ग्राम पंचायत द्वारा मैरिज गार्डन संचालक को दो बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद यहां शादी समारोह और अन्य व्यावसायिक आयोजन लगातार जारी हैं। पंचायत द्वारा कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
पंचायत ने दो बार जारी किए नोटिस
ग्राम पंचायत पड़रिया के सचिव राजेश वैरागी ने बताया कि कुशवाह मैरिज गार्डन का संचालन नियमों के अनुसार नहीं किया जा रहा है। पंचायत स्तर पर जांच के बाद संचालक को दो बार नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के माध्यम से बिना अनुमति संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर जवाब मांगा गया था और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे।
सचिव के अनुसार, पंचायत द्वारा नियमों के उल्लंघन के मामले में मैरिज गार्डन संचालक से 15 हजार रुपये की राशि ग्राम पंचायत के खाते में जमा भी कराई गई है। हालांकि, राशि जमा करने का अर्थ यह नहीं है कि मैरिज गार्डन संचालन की अनुमति मिल गई है। बिना आवश्यक स्वीकृतियों के किसी भी प्रकार के आयोजन करना नियम विरुद्ध है।
बिना अनुमति के चल रहे आयोजन का आरोप
ग्रामीणों और पंचायत के अनुसार, कुशवाह मैरिज गार्डन में लगातार शादी समारोह और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि इसके लिए जरूरी वैधानिक अनुमतियां प्राप्त नहीं की गई हैं। आरोप है कि मैरिज गार्डन संचालक बिना अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहा है।
नियमों के अनुसार किसी भी मैरिज गार्डन या व्यावसायिक परिसर के संचालन के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन (डायवर्शन), टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की अनुमति, अग्निशमन विभाग की एनओसी, पार्किंग व्यवस्था और स्थानीय निकाय से संचालन संबंधी अनुमति आवश्यक होती है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
बिना फायर एनओसी और अन्य सुरक्षा मानकों के संचालित होने वाले मैरिज गार्डन को लेकर सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शादी समारोहों के दौरान यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में आगजनी या किसी अन्य आपात स्थिति में बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसी संभावित हादसे से बचा जा सके। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद भी मैरिज गार्डन में आयोजन जारी रहना प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े करता है।
पंचायत के पास सीमित अधिकार
ग्राम पंचायत पड़रिया द्वारा अपने स्तर पर नोटिस जारी करने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने की बात कही गई है। पंचायत अधिकारियों का कहना है कि किसी बड़े व्यावसायिक परिसर को सीधे सील करने का अधिकार पंचायत के पास नहीं होता। ऐसे मामलों में जनपद पंचायत और जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
अब मामले में आगे की कार्रवाई जनपद पंचायत और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जानी है। ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन अवैध संचालन के आरोपों पर क्या कदम उठाता है।
अधिकारियों ने जांच का दिया भरोसा
इस मामले में जनपद पंचायत अशोकनगर के सीईओ शैलेंद्र यादव ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत से पूरी जानकारी लेने के बाद मौके की स्थिति का परीक्षण कराया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल कुशवाह मैरिज गार्डन को लेकर जारी विवाद में प्रशासनिक जांच और कार्रवाई का इंतजार है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमानुसार कदम उठाए जा सकते हैं।
