अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की संगोष्ठी संपन्न, Advocate Sunil Rathore को पुनः नगर मंत्री की जिम्मेदारी
संवाददाता :दिनेश देवड़ा
किल्लौद। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) नगर इकाई किल्लौद द्वारा विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, राष्ट्र निर्माण की भावना और सामाजिक जिम्मेदारी के विकास के उद्देश्य से एक प्रेरणादायी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, परिषद के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। संगोष्ठी के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर चर्चा की गई और परिषद के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक श्री लालू यादव उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में विद्यार्थी परिषद की कार्यशैली, उद्देश्य और समाज निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का शुभारंभ मां वीणावादिनी सरस्वती एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण, पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
विद्यार्थी परिषद के उद्देश्यों पर डाला प्रकाश
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला संयोजक श्री लालू यादव ने कहा कि विद्यार्थी जीवन किसी भी व्यक्ति के भविष्य निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। इस समय में विद्यार्थी केवल शैक्षणिक ज्ञान प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझें।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लंबे समय से विद्यार्थियों के बीच कार्य करते हुए उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक चेतना और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने का कार्य कर रही है। परिषद का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी प्रतिभा का विकास कर समाज के लिए सकारात्मक योगदान दे सकें।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे संगठन से जुड़कर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और यदि युवा सही दिशा में आगे बढ़ेंगे तो समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत होंगे।
संगठनात्मक घोषणा में Advocate Sunil Rathore को मिली जिम्मेदारी
संगोष्ठी के दौरान संगठनात्मक घोषणा करते हुए एडवोकेट सुनील राठौड़ को पुनः अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नगर इकाई किल्लौद का नगर मंत्री नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ति की घोषणा होते ही उपस्थित कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने हर्ष व्यक्त किया तथा उन्हें शुभकामनाएं दीं।
सुनील राठौड़ पूर्व में भी नगर मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संगठन ने उनके कार्यों, सक्रियता और समर्पण को देखते हुए उन्हें पुनः यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है। उनकी नियुक्ति को लेकर परिषद कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला।
नवनियुक्त नगर मंत्री एडवोकेट सुनील राठौड़ ने संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद ने उन पर जो विश्वास जताया है, वे उस विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद के विचारों और उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि किल्लौद क्षेत्र के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को संगठन से जोड़ना, उनकी समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाना और शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि एक विद्यार्थी का विकास केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसके व्यक्तित्व निर्माण में सामाजिक अनुभव और सेवा भावना की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि युवा यदि समाज की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए आगे आएंगे तो निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। विद्यार्थी परिषद इसी उद्देश्य के साथ युवाओं को संगठित कर उन्हें समाज सेवा और राष्ट्रहित के कार्यों से जोड़ने का प्रयास करती है।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
सुनील राठौड़ की पुनर्नियुक्ति पर परिषद के कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनके नेतृत्व में नगर इकाई को नई ऊर्जा मिलेगी और संगठन की गतिविधियों का विस्तार होगा।
कार्यकर्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में परिषद द्वारा विद्यार्थियों के हितों से जुड़े कार्यक्रम, सामाजिक जागरूकता अभियान और राष्ट्र निर्माण से संबंधित गतिविधियां और अधिक प्रभावी रूप से संचालित की जाएंगी।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी और विद्यार्थी रहे मौजूद
संगोष्ठी में परिषद के कार्यकर्ता महेश राठौड़, मोहित मीणा, लक्ष्मण चौहान, ऋतुराज विश्वकर्मा, गौतम मुवेल, सौरभ गोहर, दिव्यांशु मीणा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित सदस्यों ने संगठन को मजबूत बनाने और विद्यार्थियों के हितों के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन भारत माता की जय और वंदे मातरम् के उद्घोष के साथ किया गया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की यह संगोष्ठी विद्यार्थियों में राष्ट्र भावना, सामाजिक जागरूकता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। संगठन की ओर से आने वाले समय में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने और उन्हें समाज सेवा के कार्यों के लिए प्रेरित करने का प्रयास जारी रहेगा।
