मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष Dr. Kailash Jatav से अजाक्स प्रतिनिधिमंडल की आत्मीय भेंट,
संवाददाता :भीमरतन चौबे
मुरैना। मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष Dr. Kailash Jatav से अजाक्स (ऑल इंडिया एससी-एसटी एम्प्लॉइज एसोसिएशन) के प्रतिनिधिमंडल ने आत्मीय शिष्टाचार भेंट कर अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अजाक्स संगठन के कार्यकारी जिलाध्यक्ष रुस्तम सिंह ने किया। इस अवसर पर संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं, लंबित प्रकरणों, पदोन्नति, आरक्षण नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े विषय आयोग अध्यक्ष के समक्ष प्रमुखता से रखे।
कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जिले के विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यरत अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों को कई प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में कर्मचारियों की पदोन्नति लंबित है, विभागीय प्रकरण समय पर नहीं निपट रहे हैं तथा आरक्षण संबंधी नियमों का भी कई स्थानों पर पूर्ण रूप से पालन नहीं हो पा रहा है। इन परिस्थितियों के कारण कर्मचारियों में असंतोष की स्थिति बन रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने आयोग अध्यक्ष से आग्रह किया कि ऐसे सभी मामलों की गंभीरता से समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं ताकि कर्मचारियों को समय पर न्याय और प्रशासनिक राहत मिल सके।
लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की मांग
अजाक्स प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से उन मामलों का उल्लेख किया जो लंबे समय से विभिन्न विभागों में लंबित हैं। प्रतिनिधियों ने कहा कि समय पर निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों को आर्थिक, मानसिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आयोग से अनुरोध किया कि ऐसे मामलों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि यदि कर्मचारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान होगा तो शासन-प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत होगा तथा वे अधिक समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।
कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा पर दिया जोर
बैठक में अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों के संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों का पूर्ण रूप से पालन होना चाहिए और किसी भी कर्मचारी के साथ जातिगत आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव या अन्याय नहीं होना चाहिए।
अजाक्स पदाधिकारियों ने आयोग अध्यक्ष से आग्रह किया कि यदि किसी कर्मचारी के साथ नियमों के विपरीत व्यवहार किया जाता है तो ऐसे मामलों में आयोग प्रभावी हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की दिशा में कार्रवाई करे।
Dr. Kailash Jatav ने दिया सकारात्मक आश्वासन
मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी विषयों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करना है तथा किसी भी प्रकार की शिकायत को संवेदनशीलता के साथ देखा जाता है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि आयोग के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी मामलों की नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिन मामलों में संबंधित विभागों से समन्वय की आवश्यकता होगी, वहां आयोग उचित पत्राचार और संवाद के माध्यम से समाधान का प्रयास करेगा।
आयोग की भूमिका पर डाला प्रकाश
डॉ. जाटव ने कहा कि अनुसूचित जाति आयोग केवल शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए भी कार्य करता है। आयोग का प्रयास रहता है कि अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों और नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकार समय पर प्राप्त हों और किसी भी स्तर पर उनके साथ अन्याय न हो।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी यदि किसी प्रकार की समस्या का सामना कर रहे हैं तो उन्हें वैधानिक प्रक्रिया के तहत अपनी शिकायत आयोग तक पहुंचानी चाहिए, ताकि उसका समयबद्ध समाधान कराया जा सके।
कर्मचारियों से कर्तव्यनिष्ठा की अपील
बैठक के दौरान आयोग अध्यक्ष ने कर्मचारियों से अपने दायित्वों का ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्ठा के साथ निर्वहन करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे तो समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना आसान होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन भी उतना ही आवश्यक है। कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का समर्पण के साथ निर्वहन करें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उचित माध्यम से अपनी बात रखें।
संगठन ने व्यक्त किया आभार
बैठक के अंत में अजाक्स प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. कैलाश जाटव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया तथा कर्मचारी हितों के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि आयोग के सक्रिय हस्तक्षेप से कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान में तेजी आएगी और विभिन्न विभागों में लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण संभव होगा।
कार्यकारी जिलाध्यक्ष रुस्तम सिंह ने कहा कि अजाक्स संगठन हमेशा कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और उनके हितों के संरक्षण के लिए कार्य करता रहेगा। संगठन समय-समय पर कर्मचारियों की समस्याओं को संबंधित मंचों तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए प्रयास करता रहेगा।
सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई बैठक
बैठक सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। प्रतिनिधिमंडल और आयोग अध्यक्ष के बीच विभिन्न विषयों पर खुले मन से चर्चा हुई। उपस्थित पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि आयोग के मार्गदर्शन और सहयोग से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान और अधिक प्रभावी ढंग से होगा।
बैठक में अजाक्स संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों के हितों की रक्षा, सामाजिक न्याय को मजबूत बनाने और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
रिपोर्ट: भीमरतन चौबे
जिला ब्यूरो, मुरैना
