Harda में पुलिस लाइन के पास कथित अवैध शराब बिक्री का आरोप, चक्काजाम ड्यूटी के बीच उठे निगरानी पर सवाल
Harda। जिले में बुधवार को किसानों के प्रस्तावित चक्काजाम को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा। इंदौर–नागपुर नेशनल हाईवे सहित जिले के कई संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। इसी बीच पुलिस लाइन से महज कुछ दूरी पर छोटी हरदा चौराहे के पास स्थित एक टपरे से कथित रूप से अवैध शराब बिक्री के आरोप सामने आए हैं।
स्थानीय लोगों के आरोपों के बाद पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि पुलिस लाइन के इतने करीब इस प्रकार की गतिविधियां संचालित हो रही थीं, तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं लगी।
टपरे से शराब बिक्री का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, छोटी हरदा चौराहे के पास स्थित एक टपरे पर लंबे समय से कथित रूप से शराब बेचे जाने की गतिविधियां चल रही हैं। लोगों का आरोप है कि यहां से खुलेआम शराब की बिक्री की जाती है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके से एक व्यक्ति शराब खरीदकर बाहर निकलता दिखाई दिया। जब उससे जानकारी ली गई तो उसने कथित रूप से बताया कि उसने वहीं से एक क्वार्टर शराब 100 रुपये में खरीदा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित शराब की निर्धारित कीमत करीब 70 रुपये बताई जाती है। यदि यह जानकारी सही पाई जाती है तो मामला केवल अवैध बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने का भी हो सकता है।
पुलिस तैनाती के बीच गतिविधि को लेकर सवाल
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब किसान आंदोलन और चक्काजाम को देखते हुए पुलिस बल बड़ी संख्या में तैनात था और पुलिस लाइन भी पास में ही स्थित है, तब कथित रूप से अवैध शराब बिक्री कैसे जारी रही।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस और आबकारी विभाग की नियमित निगरानी व्यवस्था पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि यदि शिकायतें पहले से थीं तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
हालांकि, मामले में अभी तक पुलिस या आबकारी विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
ठेकेदार से कमीशन पर शराब पहुंचाने का दावा
सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि टपरे पर बेची जा रही शराब कथित रूप से किसी ठेकेदार के माध्यम से कमीशन पर लाई जाती है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। संबंधित विभाग यदि जांच करता है तो यह पता लगाया जा सकता है कि शराब कहां से लाई जा रही थी और बिक्री के लिए अनुमति थी या नहीं।
नागरिकों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और आबकारी विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अवैध शराब बिक्री पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि इससे कानून व्यवस्था के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है।
नागरिकों ने मांग की है कि क्षेत्र में नियमित निगरानी बढ़ाई जाए और यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से शराब बेचते पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
संबंधित पक्ष का पक्ष आना बाकी
फिलहाल यह मामला स्थानीय लोगों और सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर सामने आया है। संबंधित विभागों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है।
यदि जांच के दौरान आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, प्रशासन की ओर से किसी भी कार्रवाई या जांच की जानकारी आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
राजकुमार मौर्य
हरदा सिटी रिपोर्टर
दैनिक स्वराज वाणी, हरदा
