मध्यप्रदेश में ₹600 सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाने की मांग तेज, पूर्व मंत्री कैलाश चावला बोले— विधानसभा में उठेगा मुद्दा
विधवा, दिव्यांग और वृद्धजनों की पेंशन ₹2000 करने की मांग, समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग उठी
संवाददाता – अर्जुन कुमावत, पिपलौदा
जावरा। मध्यप्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मिलने वाली राशि को बढ़ाने की मांग अब एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। प्रदेश में विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों और वृद्ध नागरिकों को वर्तमान में दी जा रही ₹600 मासिक पेंशन को अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाकर ₹2000 प्रतिमाह किए जाने की मांग उठाई गई है। इस मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार का ध्यान आकर्षित करना शुरू कर दिया है।
इसी क्रम में जावरा क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व गृह एवं उद्योग मंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यसमिति में मनोनीत सदस्य कैलाश चावला के समक्ष सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाने का मुद्दा रखा गया। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए प्रदेश के लाखों जरूरतमंद पेंशनधारियों की समस्याओं से अवगत कराया।
ज्ञापन पर चर्चा के दौरान पूर्व मंत्री कैलाश चावला ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि वे इस जनहित के विषय को विधानसभा स्तर पर उठाने का प्रयास करेंगे और पेंशन राशि बढ़ाने तथा नियमित भुगतान के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे।
जावरा आगमन पर पूर्व मंत्री का हुआ भव्य स्वागत
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यसमिति में मनोनयन के बाद पहली बार जावरा पहुंचे पूर्व मंत्री कैलाश चावला का क्षेत्र के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार स्वागत किया गया।
यह कार्यक्रम सागर मोती सोनालिका ट्रैक्टर शोरूम परिसर में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने कैलाश चावला का शाल, श्रीफल और पुष्पमाला पहनाकर सम्मान किया।
स्वागत कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विकास, जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसी दौरान अनिल दसेड़ा ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़े विषय को प्रमुखता से उठाते हुए पूर्व मंत्री को ज्ञापन सौंपा।
₹600 पेंशन को बताया अपर्याप्त, बढ़ाकर ₹2000 करने की मांग
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि मध्यप्रदेश में वृद्धजन, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को मिलने वाली ₹600 मासिक पेंशन वर्तमान समय की जरूरतों को देखते हुए काफी कम है।
उन्होंने बताया कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण कमजोर आर्थिक स्थिति वाले लोगों के लिए इतनी कम राशि में जीवनयापन करना बेहद कठिन हो गया है। पेंशनधारियों को दवाइयों, दैनिक आवश्यकताओं और अन्य खर्चों के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई हितग्राहियों को पिछले तीन-चार महीनों से पेंशन राशि समय पर प्राप्त नहीं हो रही है। भुगतान में देरी के कारण बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
अनिल दसेड़ा ने मांग की कि पेंशन राशि को बढ़ाकर कम से कम ₹2000 प्रतिमाह किया जाए और हर महीने की निश्चित तारीख तक भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
अन्य राज्यों में अधिक पेंशन राशि का दिया उदाहरण
ज्ञापन के माध्यम से अनिल दसेड़ा ने देश के विभिन्न राज्यों में दी जा रही सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि का तुलनात्मक विवरण भी प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि कई राज्यों में जरूरतमंद वर्गों को मध्यप्रदेश की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
ज्ञापन में दिए गए विवरण के अनुसार—
- दिल्ली और महाराष्ट्र में: ₹2500 प्रतिमाह तक पेंशन
- आंध्र प्रदेश में: ₹4000 प्रतिमाह तक पेंशन
- गोवा में: ₹3000 प्रतिमाह तक पेंशन
- पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में: ₹2000 प्रतिमाह तक पेंशन
- उत्तराखंड में: ₹1875 प्रतिमाह तक पेंशन
- हरियाणा, गुजरात, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में: ₹1200 से ₹1500 तक पेंशन
ज्ञापन में कहा गया कि जब देश के कई राज्यों में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत अधिक राशि दी जा रही है, तो मध्यप्रदेश के जरूरतमंद नागरिकों को भी सम्मानजनक जीवन के लिए अधिक पेंशन राशि मिलनी चाहिए।
हर महीने की 10 तारीख तक भुगतान की मांग
पेंशन राशि बढ़ाने के साथ-साथ ज्ञापन में भुगतान व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग भी रखी गई।
अनिल दसेड़ा ने कहा कि पेंशनधारियों के लिए यह राशि उनके जीवन का महत्वपूर्ण सहारा होती है। यदि भुगतान में देरी होती है तो उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने मांग की कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाए जिससे प्रत्येक माह की 10 तारीख तक सभी पात्र हितग्राहियों के खातों में पेंशन राशि पहुंच जाए।
कैलाश चावला ने विधानसभा में मुद्दा उठाने का दिया भरोसा
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद पूर्व मंत्री कैलाश चावला ने कहा कि वृद्धजन, दिव्यांग और कमजोर वर्ग के लोगों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना सरकार और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहारा देना है। यदि किसी योजना में सुधार की आवश्यकता महसूस होती है तो उसे सरकार के समक्ष रखना जरूरी है।
कैलाश चावला ने आश्वासन दिया कि वे इस विषय को विधानसभा में उठवाने का प्रयास करेंगे और पेंशन राशि में वृद्धि तथा समय पर भुगतान को लेकर उचित स्तर पर प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सरकार तक पहुंचाना आवश्यक है।
भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों ने पूर्व मंत्री कैलाश चावला का स्वागत किया और क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भाजपा नेता डॉ. दिलीप शाकल्य, बड़ावदा मंडल अध्यक्ष लोकेश शर्मा, पूर्व जिला मंत्री सुनील भावसार, रामकिशन धाकड़ (उपलाई), एस.एन. सोलंकी (शुजालपुर), आकाश दसेड़ा, यश धनोतिया सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
पेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर बढ़ी उम्मीदें
सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाने की मांग लंबे समय से विभिन्न मंचों पर उठती रही है। पेंशनधारी वर्ग का कहना है कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में ₹600 की राशि से उनकी आवश्यक जरूरतें पूरी नहीं हो पाती हैं।
अब पूर्व मंत्री कैलाश चावला द्वारा विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने के आश्वासन के बाद पेंशनधारियों और सामाजिक संगठनों में उम्मीद जगी है कि सरकार इस विषय पर सकारात्मक निर्णय ले सकती है।
फिलहाल, सभी की नजरें सरकार की आगामी कार्रवाई और विधानसभा में इस मुद्दे पर होने वाली चर्चा पर टिकी हुई हैं।
