बुजुर्ग के लिए देवदूत बने दो पुलिसकर्मी
संवाददाता : राहुल जैन
बीमार हालत में अंडरपास से निकालकर पहुंचाया अस्पताल, खाकी का मानवीय चेहरा आया सामने
अशोकनगर। पुलिस की छवि अक्सर कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले सख्त विभाग के रूप में देखी जाती है, लेकिन समय-समय पर पुलिसकर्मी अपने मानवीय कार्यों से समाज के सामने सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल भी पेश करते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण अशोकनगर में देखने को मिला, जहां पुलिस लाइन में तैनात दो आरक्षकों ने एक बीमार और बेसहारा बुजुर्ग की मदद कर इंसानियत का परिचय दिया।
पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 106 जुम्मासिंह और आरक्षक क्रमांक 158 मनीष शर्मा ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को गंभीर हालत में देखकर तत्काल सहायता की और उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाया। दोनों पुलिसकर्मियों की तत्परता के कारण बुजुर्ग को उपचार मिल सका।
अंडरपास में बीमार हालत में मिले बुजुर्ग
जानकारी के अनुसार, करीब 80 वर्षीय बुजुर्ग नत्थू यादव पिता प्यारेलाल, निवासी ग्राम करर चिरमस, न्यू गढ़ी थाना पिपरई, अंडरपास में अत्यंत बीमार और असहाय अवस्था में पड़े हुए थे।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे आरक्षक जुम्मासिंह और मनीष शर्मा की नजर बुजुर्ग पर पड़ी। दोनों पुलिसकर्मियों ने जब उनकी हालत देखी तो उन्हें तुरंत मदद की आवश्यकता महसूस हुई।
तत्काल उठाया मदद का कदम
बुजुर्ग नत्थू यादव की गंभीर हालत को देखते हुए आरक्षक जुम्मासिंह और मनीष शर्मा ने मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए तत्काल मदद करने का निर्णय लिया। दोनों पुलिसकर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना किसी देरी के बुजुर्ग को सहायता उपलब्ध कराई। उन्होंने तुरंत एक निजी टैक्सी की व्यवस्था की और बुजुर्ग को सुरक्षित जिला अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचने के बाद बुजुर्ग को चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। समय पर अस्पताल पहुंचने से उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकी।
पुलिसकर्मियों की इस तत्परता और संवेदनशीलता की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। दोनों आरक्षकों ने यह साबित किया कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद और असहाय लोगों की मदद करना भी है।
उनकी इस पहल से पुलिस विभाग की मानवीय छवि सामने आई है और समाज में सेवा, संवेदना एवं सहयोग का सकारात्मक संदेश पहुंचा है।
पुलिस की संवेदनशील छवि हुई उजागर
आरक्षकों द्वारा किए गए इस कार्य की क्षेत्र में सराहना हो रही है। संकट के समय जिस तरह दोनों पुलिसकर्मियों ने मानवता का परिचय देते हुए एक असहाय बुजुर्ग की मदद की, वह समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
यह घटना बताती है कि पुलिस की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भी पुलिस सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
खाकी का मानवीय चेहरा
दोनों आरक्षकों की इस पहल ने पुलिस विभाग के मानवीय पक्ष को सामने रखा है। आमतौर पर कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभाने वाले पुलिसकर्मी कई बार ऐसे कार्य करते हैं, जो समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करते हैं।
बुजुर्ग नत्थू यादव को समय पर सहायता मिलने से उन्हें बेहतर उपचार का अवसर मिला। फिलहाल उनका इलाज जिला अस्पताल में जारी है।
आरक्षक जुम्मासिंह और मनीष शर्मा की इस संवेदनशील पहल की स्थानीय लोगों ने प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों की ऐसी तत्परता समाज में सकारात्मक संदेश देती है।
